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मुरथल गैंगरेपः सबूतों पर सरकार का चौंकाने वाला बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 24 Oct 2016 12:41 PM IST
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मुरथल गैंगरेप केस
- फोटो : getty
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल मे हुई गैंगरेप की घटना के सबूतों पर सरकार ने चौंकाने वाला बयान दिया।
दरअसल, हरियाणा सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष दावा किया कि उसे इस मामले से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। सरकार उन सबूतों को केवल हाईकोर्ट से ही साझा करेगी।
हरियाणा सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि इन सबूतों को सार्वजनिक रूप में ओपन कोर्ट में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि कई लोगों ने अपनी पहचान छिपाए रखने की शर्त पर ही सरकार को यह सबूत दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि यह बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए जुटाए गए सबूत केवल कोर्ट से ही साझा किए जा सकते हैं।
सरकार ने मुरथल में मिले महिलाओं के अंडर गारमेंट पर पाए गए वीर्य के बारे में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का हवाला भी दिया और बताया कि अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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दरअसल, हरियाणा सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष दावा किया कि उसे इस मामले से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। सरकार उन सबूतों को केवल हाईकोर्ट से ही साझा करेगी।
हरियाणा सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि इन सबूतों को सार्वजनिक रूप में ओपन कोर्ट में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि कई लोगों ने अपनी पहचान छिपाए रखने की शर्त पर ही सरकार को यह सबूत दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि यह बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए जुटाए गए सबूत केवल कोर्ट से ही साझा किए जा सकते हैं।
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सरकार ने मुरथल में मिले महिलाओं के अंडर गारमेंट पर पाए गए वीर्य के बारे में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का हवाला भी दिया और बताया कि अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
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एमिक्स क्यूरी ने की सबूत साझा करने की मांग
मुरथल गैंगरेप
- फोटो : file
एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कोर्ट में मांग की कि यह सबूत उनसे साझा किए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार शायद इस डर से सबूत उनसे छिपा रही है कि कहीं सबूतों की पोल न खुल जाए।
एमिकस क्यूरी के एतराज के बावजूद सरकार इस बात पर अड़ी रही कि सबूत सिर्फ कोर्ट को ही दिए जाएंगे और कोर्ट की ओर से सबूत देखने के बाद यदि उचित हो तो कोर्ट इन्हें एमिकस क्यूरी को सौंप सकती है।
इस पर अनुपम गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार शुरू से ही उन्हें इस केस से अलग करना चाहती है और यही कारण है कि अब सबूत छिपाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 3 दिसंबर तय करते हुए हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए।
एमिकस क्यूरी के एतराज के बावजूद सरकार इस बात पर अड़ी रही कि सबूत सिर्फ कोर्ट को ही दिए जाएंगे और कोर्ट की ओर से सबूत देखने के बाद यदि उचित हो तो कोर्ट इन्हें एमिकस क्यूरी को सौंप सकती है।
इस पर अनुपम गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार शुरू से ही उन्हें इस केस से अलग करना चाहती है और यही कारण है कि अब सबूत छिपाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 3 दिसंबर तय करते हुए हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए।
एसीएस विजयवर्धन को लगाई थी सीएम ने फटकार
मुरथल के कथित गैंग रेप मामले में गवाह बॉबी जोशी को लेकर सुखदेव ढाबे पर पहुंची एसआईटी की टीम।
- फोटो : amarujala
शनिवार को हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पिछली कुछ सुनवाई के दौरान हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयवर्धन से बातचीत के आधार पर तथ्य पेश करने की बात कही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विजयवर्धन को फोन कर जमकर फटकार लगाई थी।
यह सब ऐसे समय में हुआ, जब विजयवर्धन के पिता अस्पताल में भर्ती थे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत के बाहर क्या हो रहा है, उससे अदालत को कोई मतलब नहीं है। हाईकोर्ट ने गुप्ता की ओर से उठाए गए मुद्दे पर टिप्पणी से इनकार कर दिया।
यह सब ऐसे समय में हुआ, जब विजयवर्धन के पिता अस्पताल में भर्ती थे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत के बाहर क्या हो रहा है, उससे अदालत को कोई मतलब नहीं है। हाईकोर्ट ने गुप्ता की ओर से उठाए गए मुद्दे पर टिप्पणी से इनकार कर दिया।