एसवाईएल पर बिगड़ी बात, अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी हरियाणा सरकार
एसवाईएल नहर पर पंजाब और हरियाणा में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजाब विधानसभा में एसवाईएल नहर के मुद्दे पर बिल पास होने के खिलाफ हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। साथ ही इस मसले का समाधान निकालने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीरवार को मिलने का समय मांगा है। पंजाब में किसानों द्वारा नहर को भरने की खबर से चिंतित सीएम खट्टर ने राज्यपाल सोलंकी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब के सीएम बादल को फोन कर एसवाईएल बिल पर एतराज जताया है।
जाट आरक्षण आंदोलन से निपटने में जुटी खट्टर सरकार विधानसभा में आरक्षण विधेयक लाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। लेकिन एसवाईएल नहर मामला तूल पकड़ने से मुख्यमंत्री की परेशानी बढ़ गई है। उधर, जाटों ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को 18 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। ऐसे में एक बार फिर से सरकार उलझ गई है। जाहिर है यदि सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की तो इसकी सुनवाई भी उसी बेंच में होगी, जिसमें एसवाईएल के मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है। विधानसभा सत्र के दौरान चारों तरफ से हो रहे हमलों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल कैसे निपटेंगे यह चुनौती का विषय है।
कानूनविदों से सीएम ने की रायशुमारी
फिलहाल मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर कानूनविदों से रायशुमारी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार पूरी तैयारी के साथ जाएगी और बताएगी कि पंजाब सरकार का रवैया कानून के साथ मजाक है। साथ ही सरकार यह बात भी रखेगी कि पंजाब सरकार ने एसवाईएल की जो संपत्ति खुर्द-बुर्द की है, उसके बाद क्या बाकी रह गया है।
मोदी से करेंगे मन की बात :
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मुलाकात वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होगी। बजट सत्र की तैयारियों में जुटी सरकार के सामने इस समय दो बड़े संकट हैं। एक जाट आरक्षण, दूसरा एसवाईएल मुद्दा। प्रधानमंत्री के साथ खट्टर दोनों मसलों पर चर्चा करेंगे।
खट्टर को अब मोदी दरबार में समाधान की आस
चंडीगढ़ में मोदी के मंच पर बड़प्पन की बात करने वाले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का यह सियासी पैंतरा पसंद नहीं आया है। पंजाब को बड़े भाई के तौर पर संबोधित करने के बावजूद सियासी संकट से जूझ रही हरियाणा सरकार के सामने एसवाईएल के मुद्दे के रूप में एक और बड़ी परेशानी बादल सरकार ने खड़ी कर दी है। ऐसे में इस संकट से बाहर कैसे आना है इसका समाधान मोदी ही करेंगे।
सीएम खट्टर ने राज्यपाल को लिखा पत्र
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को पत्र लिखा है। इसके जरिये उन्होंने पंजाब के क्षेत्र में बनी सतलुज यमुना लिंक नहर को किसानों द्वारा मिट्टी से भरे जाने का मामला उठाया है। साथ ही उन्होंने मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बुधवार को जैसे ही यह खबरें आईं कि कुछ लोगों ने बनूड़, पटियाला में एसवाईएल को मिट्टी से भरना शुरू कर दिया है, हरियाणा सरकार ने राजभवन का दरवाजा खटखटाया।
मुख्यमंत्री खट्टर ने राज्यपाल को लिखे पत्र में पंजाब विधानसभा की ओर से गत 14 मार्च को सर्वसम्मति से पारित उस बिल की जानकारी भी दी, जिसमें पंजाब सरकार ने एसवाईएल के लिए अधिगृहीत की गई भूमि को डीनोटिफाई करने का फैसला लिया है। इसके जवाब में 14 मार्च को ही हरियाणा विधानसभा ने भी पंजाब सरकार के कदम के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।
पत्र में खट्टर ने लिखा है कि पंजाब क्षेत्र में पटियाला और रोपड़ में किसानों की ओर से एसवाईएल नहर को मिट्टी से भरने की खबरें मिली हैं, जोकि पंजाब सरकार की गैरकानूनी और पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना हरकत है। इसके अलावा पंजाब का यह रुख देश के फैडरल ढांचे के खिलाफ भी है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि वे अपने अधिकार का उपयोग कर पंजाब सरकार को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दें।