सरकार का फैसला : हरियाणा की 18 मंडियों में 24 घंटे तक नहीं होगी गेहूं की खरीद, इस वजह से उठाया कदम
हरियाणा की मंडियों में ज्यादा गेहूं की आमद की वजह से प्रदेश सरकार ने 24 घंटे के लिए खरीद प्रक्रिया पर रोक लगा दी। यह आदेश सिर्फ 18 मंडियों पर ही लागू होगा। बता दें कि हरियाणा में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू है। इस बार सरकार ने 48 घंटों के भीतर किसानों को भुगतान करने की समय सीमा भी तय की है।
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हरियाणा की मंडियों में ज्यादा गेहूं की आमद की वजह से प्रदेश सरकार ने 24 घंटे के लिए खरीद प्रक्रिया पर रोक लगा दी। यह आदेश सिर्फ 18 मंडियों पर ही लागू होगा। बता दें कि हरियाणा में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू है। इस बार सरकार ने 72 घंटों के भीतर किसानों को भुगतान करने की समय सीमा भी तय की है। अगर किसी कारण भुगतान में देरी होती है तो किसान को नौ प्रतिशत की दर से ब्याज देने का प्रावधान भी किया गया है। किसानों को फसल का भुगतान सीधे बैंक खातों में ही किया जाएगा।
इन मंडियों पर रहेगी रोक
- यमुनानगर जिले में रादौर मंडी
- कुरूक्षेत्र जिले में थानेसर, पिहोवा, इस्माइलाबाद, लाडवा और बबैन
- करनाल जिले में निसिंग, तरावडी, असंध, इंद्री व नीलोखेड़ी
- अंबाला जिले में अंबाला शहर व साहा,
- कैथल जिले में कैथल, कलायत व चीका,
- सोनीपत जिले में गोहाना,
- पानीपत में समालखा मंडी
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धीमी उठान पर परिवहन प्रबंधक लेंगे फैसला
वहीं सरकार ने इन मंडियों के पास अतिरिक्त खरीद केंद्र खोलने के लिए जिला उपायुक्तों को अधिकृत किया है। किसान भी मोबाइल पर मैसेज मिलने के बाद ही मंडी में अपनी फसल लेकर जाए। हालांकि किसान अपनी सुविधानुसार फसल बेचने का दिन मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर बदल सकते हैं। मंडियों में धीमी उठान हो रही है। इस संबंध में परिवहन प्रबंधक फैसला लेंगे। अगर ठेकेदार उठान नहीं करता है तो जिला स्तरीय कमेटी को सरकार ने अन्य तरीकों से काम लेने के लिए अधिकृत किया है।
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