हरियाणा में गरीबों को मिलेंगे फ्लैट, नीतियों में होगा बदलाव, बस अड्डों पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी
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आवास बोर्ड की नीतियों में बदलाव कर गरीब वर्ग को फ्लैट उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस फ्लैटों के लिए बैंक व अन्य गैर-बैंकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लेने पर ब्याज की राशि पर छह प्रतिशत अनुदान का भी प्रावधान है।
अफसरों के साथ बैठक के बाद हरियाणा आवास बोर्ड के अध्यक्ष राजदीप फोगाट ने बताया कि आवास बोर्ड प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को किफायती आवास मुहैया करवाकर उनके ‘अपना घर’ के सपने को हकीकत में बदलने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक ‘सबको आवास’ के लक्ष्य की तरफ एक कदम बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत सोनीपत, सेक्टर-27 में बीपीएल परिवारों के 210 फ्लैटस आवंटित किए गए थे। इस योजना में निर्धारित कीमत की 50 प्रतिशत राशि लेकर कब्जा दिया जाता था। अब अलॉटियों की सुविधा के लिए हरियाणा आवास बोर्ड निर्धारित कीमत का 25 प्रतिशत जमा करवाकर अलॉटी कब्जा ले सकते हैं। शेष 75 प्रतिशत राशि 20 वर्ष तक मासिक किस्तों में वसूली जाएगी।
बस अड्डों पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी
हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि विभिन्न डिपुओं में खड़ी कंडम बसों का जल्द से जल्द निपटान किया जाए। इसके अलावा महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित बस अड्डों पर पेट्रोल पंप खोलने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं, ताकि विभाग के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाया जा सके।
परिवहन मंत्री ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए। बैठक में बस अड्डों के माध्यम से बसों के उचित संचालन, ई-टिकटिंग, बसों की चेकिंग और अवैध वाहनों की जांच तथा बसों और बस अड्डों पर लगाए जाने वाले विज्ञापनों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके अलावा, आठ सितंबर को हुई बैठक की कार्रवाई पर एक्शन टेकन रिपोर्ट भी पेश की गई। इस दौरान विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि बल्लभगढ़ में पीपीपी मोड पर बस अड्डों का निर्माण किया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के बाद धीरे-धीरे जनजीवन पटरी पर लौट रहा है, ऐसे में डिपो महाप्रबंधक या ट्रैफिक मैनेजर द्वारा स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की टीम बनाई जाए, जो जमीनी स्तर पर बसों की जरूरत का पता लगाए। इस संबंध में साप्ताहिक या महीने के हिसाब से योजना बनाई जाए।