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हरियाणा:  नौकरी से निकाले कच्चे स्वास्थ्यकर्मी नहीं होंगे वापस, स्वास्थ्य विभाग ने अपना ही आदेश पलटा 

Tue, 01 Jun 2021 01:04 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 01 Jun 2021 01:04 PM IST
सार

महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं ने 13 मई को सभी सिविल सर्जन को लिखित आदेश दिए थे कि किसी भी पुराने कर्मचारी को न हटाया जाए और यदि कोई हटाया गया है तो उन्हें वापस ड्यूटी पर लें।
 

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Haryana government has refused to take back the contract health workers on duty 
manohar lal - फोटो : ANI

विस्तार

हरियाणा सरकार ने नौकरी से निकाले गए कच्चे स्वास्थ्य कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने से इनकार कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने पुराने ठेका कर्मियों को झटका देते हुए उन्हें नौकरी से न हटाने के 13 मई के अपने आदेश पलट दिए हैं। फैसले से नाराज सर्व कर्मचारी संघ ने इसके विरोध में सभी सामान्य अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

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स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कई साल से करीब 14 हजार ठेका कर्मचारी काम करते हैं। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए नए टेंडर आवंटित किए थे। हर जिले में मार्च, अप्रैल व मई 2021 में नए ठेकेदारों ने काम संभालते ही पुराने कर्मचारियों को नौकरी से हटाना शुरू कर दिया। 
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सर्व कर्मचारी संघ के तीखे विरोध के बाद महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं ने 13 मई को सभी सिविल सर्जन को लिखित आदेश दिए थे कि किसी भी पुराने कर्मचारी को न हटाया जाए और यदि कोई हटाया गया है तो उन्हें वापस ड्यूटी पर लें। अब 28 मई को स्वास्थ्य महानिदेशक ने अपने ही आदेश पलट दिए हैं। 
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कहां कितने कर्मचारी समायोजित नहीं हुए
यमुनानगर में 90, झज्जर 62, कुरुक्षेत्र 50, रोहतक 30, पलवल 17, हिसार 15, सिरसा 11, भिवानी 95, कैथल 2, पीजीआई रोहतक 67, हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज नल्हड़ (मेवात) से 119 ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। ग्रीन फील्ड मेडिकल कॉलेज छायंसा से निकाले गए 200 कर्मचारियों को भी समायोजित नहीं किया।

अभी कोरोना संक्रमण का खतरा टला नहीं है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी प्रदेश भर की पीएचसी, सीएचसी व उपमंडल व जिला अस्पतालों में जनता को बेहतर स्वास्थ्य दे रहे हैं। इसलिए पुराने कर्मचारियों की सेवाएं जनहित में जारी रखनी चाहिए। सरकार 28 मई के आदेश को तुरंत वापस लेकर पुराने हटाए सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर ले। वरना कर्मचारी प्रदेश भर में आंदोलन तेज करेंगे, इससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होंगी। संघ आपदा के समय ऐसा बिल्कुल नहीं चाहता। - सुभाष लांबा, प्रदेशाध्यक्ष, सर्व कर्मचारी संघ

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