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हरियाणाः छात्राओं के लिए अच्छी खबर, अब सरकार देगी मासिक बस का किराया, जानें नियम और शर्तें
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 15 Sep 2018 09:44 AM IST
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हरियाणा के ग्रामीण अंचल की बेटियां अब परिवहन सुविधा नहीं होने पर आठवीं के आगे की शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगी। मनोहर लाल सरकार छात्राओं को मनपसंद के संकाय में शिक्षा दिलाने के लिए छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना लाई है। साठ फीसदी मासिक हाजिरी वाली सभी छात्राएं, जिनके गांव के तीन किलोमीटर के दायरे में आठवीं से आगे का स्कूल नहीं है, योजना की पात्र होंगी।
इसके अलावा 11वीं व 12वीं में गांव या तीन किलोमीटर तक के दायरे वाले स्कूल में वह विषय नहीं है, जिसे वह पढ़ना चाहती हैं, भी पात्र होंगी। निशुल्क साइकिल योजना वाली छात्राएं फिलहाल इसका लाभ नहीं उठा सकेंगी। चूंकि, एक छात्रा को एक ही योजना का लाभ मिलना है। परिवहन सुविधा पर हर महीने खर्च होने वाली राशि सरकार सीधा छात्राओं के बैंक खाते में जमा कराएगी।
बस सुविधा न होने की स्थिति में स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावकों और अध्यापकों को मिलकर छात्राओं को बस, मिनी बस, कार, कैब, मैक्स, जीप या ऑटो के माध्यम से सुरक्षित स्कूल पहुंचाने-वापस घर ले जाने की व्यवस्था करेंगे। अगर गांव से अधिक छात्राएं स्कूल जाने वाली हैं तो सामूहिक तौर पर वाहन हायर किया जाएगा। वाहन चालक का लाइसेंस होने के साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। साथ ही वाहन चालक का चरित्र संदिग्ध नहीं होना चाहिए। अगर गांव का ही कोई वाहन चालक या मालिक है, तो उसकी सेवाएं ली जा सकती हैं।
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मनपसंद की पढ़ाई कर पाएंगी छात्राएं : रतन
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक राजीव रतन ने सभी डीईओ-डीईईओ, बीईओ-बीईईओ, स्कूल मुखिया व प्रभारियों को पत्र जारी कर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत यह योजना तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। राजीव रत्न के अनुसार गांव के स्कूलों में सभी संकाय की कक्षाएं दसवीं के बाद नहीं लगती। स्कूल में कला संकाय है, लेकिन छात्रा विज्ञान संकाय में दाखिला लेना चाहती थी।
परिवहन सुविधा न होने पर ऐसे में वह विज्ञान की पढ़ाई न कर या तो कला संकाय में दाखिला लेती थी या पढ़ाई ही छोड़ देती थी। इस योजना का ऐसी छात्राओं को लाभ होगा और वे घर से दूर भी पढ़ाई केलिए जा सकेंगी।
इस आधार पर मिलेगी छात्रों को यात्रा
. गांव से स्कूल तक छह किलोमीटर आवागमन पर प्रति किलोमीटर चार रुपये दिए जाएंगे। अनुमानित 25 कार्य दिवस के छह सौ रुपये प्रति छात्रा मिलेंगे।
. आठ किलोमीटर आवागमन पर प्रति छात्रा यह राशि आठ सौ रुपये हर महीने दी जाएगी।
. दस किलोमीटर आने-जाने के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह प्रति छात्रा मिलेंगे।
. 12 किलोमीटर आवागमन पर 12 सौ रुपये प्रतिछात्रा प्रति महीने दिए जाएंगे।
. 14 किलोमीटर के चौदह सौ रुपये और 16 किलोमीटर रोजाना आवागमन करने के हर महीने सोलह सौ रुपये प्रति छात्र देय होंगे।
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इसके अलावा 11वीं व 12वीं में गांव या तीन किलोमीटर तक के दायरे वाले स्कूल में वह विषय नहीं है, जिसे वह पढ़ना चाहती हैं, भी पात्र होंगी। निशुल्क साइकिल योजना वाली छात्राएं फिलहाल इसका लाभ नहीं उठा सकेंगी। चूंकि, एक छात्रा को एक ही योजना का लाभ मिलना है। परिवहन सुविधा पर हर महीने खर्च होने वाली राशि सरकार सीधा छात्राओं के बैंक खाते में जमा कराएगी।
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बस सुविधा न होने की स्थिति में स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावकों और अध्यापकों को मिलकर छात्राओं को बस, मिनी बस, कार, कैब, मैक्स, जीप या ऑटो के माध्यम से सुरक्षित स्कूल पहुंचाने-वापस घर ले जाने की व्यवस्था करेंगे। अगर गांव से अधिक छात्राएं स्कूल जाने वाली हैं तो सामूहिक तौर पर वाहन हायर किया जाएगा। वाहन चालक का लाइसेंस होने के साथ वाहन का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। साथ ही वाहन चालक का चरित्र संदिग्ध नहीं होना चाहिए। अगर गांव का ही कोई वाहन चालक या मालिक है, तो उसकी सेवाएं ली जा सकती हैं।
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मनपसंद की पढ़ाई कर पाएंगी छात्राएं : रतन
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक राजीव रतन ने सभी डीईओ-डीईईओ, बीईओ-बीईईओ, स्कूल मुखिया व प्रभारियों को पत्र जारी कर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत यह योजना तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। राजीव रत्न के अनुसार गांव के स्कूलों में सभी संकाय की कक्षाएं दसवीं के बाद नहीं लगती। स्कूल में कला संकाय है, लेकिन छात्रा विज्ञान संकाय में दाखिला लेना चाहती थी।
परिवहन सुविधा न होने पर ऐसे में वह विज्ञान की पढ़ाई न कर या तो कला संकाय में दाखिला लेती थी या पढ़ाई ही छोड़ देती थी। इस योजना का ऐसी छात्राओं को लाभ होगा और वे घर से दूर भी पढ़ाई केलिए जा सकेंगी।
इस आधार पर मिलेगी छात्रों को यात्रा
. गांव से स्कूल तक छह किलोमीटर आवागमन पर प्रति किलोमीटर चार रुपये दिए जाएंगे। अनुमानित 25 कार्य दिवस के छह सौ रुपये प्रति छात्रा मिलेंगे।
. आठ किलोमीटर आवागमन पर प्रति छात्रा यह राशि आठ सौ रुपये हर महीने दी जाएगी।
. दस किलोमीटर आने-जाने के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह प्रति छात्रा मिलेंगे।
. 12 किलोमीटर आवागमन पर 12 सौ रुपये प्रतिछात्रा प्रति महीने दिए जाएंगे।
. 14 किलोमीटर के चौदह सौ रुपये और 16 किलोमीटर रोजाना आवागमन करने के हर महीने सोलह सौ रुपये प्रति छात्र देय होंगे।