मानसून सत्र: दो साल में हरियाणा सरकार ने दी 12016 लोगों को नौकरी, विधानसभा में दी जानकारी
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने कुल 1440 अधिकारी भर्ती किए गए। इनमें सबसे अधिक चिकित्सा अधिकारी 954 डॉक्टर भर्ती किए हैं।
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हरियाणा सरकार ने पिछले दो साल में कुल 12016 लोगों को नौकरी दी है। इनमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 10576 और हरियाणा लोक सेवा आयोग ने 1440 पदों पर रोजगार दिया है। सबसे अधिक नौकरी विभिन्न बोर्ड और निगमों में 4798 को दी गई है, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में 954 डॉक्टरों की भर्ती की गई है। कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के सवाल के जवाब में सदन में यह जानकारी दी गई।
एचएसएससी द्वारा की गई भर्ती
- कृषि विभाग 107
- भिवानी शिक्षा बोर्ड 2
- मुख्य निवार्चन अधिकारी
- विकास एवं पंचायत 195
- डीएचबीवीएन 818
- मौलिक शिक्षा विभाग 1983
- आबकारी एवं कराधान 206
- खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 80
- वन विभाग 112
- हैफेड 55
- हरियाणा डेयरी प्रसंघ 4
- राज्य कृषि विपणन बोर्ड 40
- राज्य भंडारण निगम 11
- स्वास्थ्य विभाग 92
- हाउसिंग बोर्ड 36
- हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम 337
- सिंचाई विभाग 686
- कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड 1
- पुलिस हाउसिंग 14
- जनस्वास्थ्य विभाग 122
- लोक निर्माण विभाग 178
- राज्य सैनिक बोर्ड 26
- नगर एवं ग्राम आयोजन 25
- परिवहन विभाग 38
- यूएचबीवीएन 497
- शहरी स्थानीय निकाय 107
- निगम और बोर्डों में लिपिक 4798
एचपीएसससी द्वारा की गई भर्तियां
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने कुल 1440 अधिकारी भर्ती किए गए। इनमें सबसे अधिक चिकित्सा अधिकारी 954 डॉक्टर भर्ती किए हैं। इसके अलावा, कार्यकारी शाखा, डीएफएससी और वरिष्ठ कार्यकारी पायलट का 1-1 पद भरा है। न्यायिक शाखा में 27, हरियाणा सिविल सेवा कार्यकारी शाखा 48, डीएसपी 7, आबकारी एवं कराधान अधिकारी 11, आपूर्ति अधिकारी 4, यातायात प्रबंधक 2, बीडीपीओ 19, सहायक रोजगार अधिकारी 5, सहायक रजिस्ट्रार 7, तहसीलदार 18, वरिष्ठ दंत चिकित्सा अधिकारी 3, सहायक निदेशक 9, डीपीआईआरओ 10, सहायक प्रोफेसर 54, सहायक श्रम आयुक्त 8, सहायक अभियंता 20, उद्यान विभाग के 95, सहायक आबकारी अधिकारी 44 और औषधि नियंत्रण अधिकारी 26 भर्ती किए हैं।
सरसों तेल पर सरकार को घेरा
प्रदेश के 11.40 लाख बीपीएल परिवारों को सस्ता सरसों का तेल नहीं मिलने का मामला भी सदन में गरमाया। इसको लेकर तोशाम से विधायक किरण चौधरी और डिप्टी सीएम-आमने सामने रहे। किरण चौधरी ने कहा कि सरकार ने 250-250 रुपये देने का फैसला किया है। इससे प्रति व्यक्ति को तेल के लिए 110 रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं, क्योंकि हैफेड का एक लीटर तेल 180 रुपये लीटर है।
वहीं, शैली चौधरी ने कहा कि पैसे के बजाय सरकार लोगों को सरसों का तेल उपलब्ध कराए। जबाव में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 5 लाख से अधिक लोगों को 250-250 रुपये दिए जा चुके हैं। 2.20 लाख लोगों के खाते में कुछ ही दिन में पैसे पहुंच जाएंगे। जिन लोगों के खाते नहीं मिल पाए हैं, उनके लिए पोर्टल बनाया गया है। आगे सरसों की खरीद होगी तो फिर से पात्र लोगों को सरसों का तेल देना शुरू किया जाएगा।
रिफ्यूजी शब्द पर रोक लगाने की मांग
जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा ने ये मांग रखी कि बंटवारे के समय यहां आए लोगों को आज भी रिफ्यूजी कहा जाता है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए और कोई कहे तो उस पर कार्रवाई हो। इसी प्रकार, काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके नाम कुछ हैं लेकिन कागजों में कुछ हैं। ऐसे में उनके अपने नाम के आगे उर्फ लगाने की छूट दी जाए।