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Haryana: हरियाणा सरकार ने गठित किया पिछड़ा वर्ग आयोग, जज दर्शन सिंह को मिली कमान

Thu, 14 Jul 2022 10:51 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 14 Jul 2022 10:51 AM IST
सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दस जुलाई को पिछड़ा वर्ग आयोग का नए सिरे से गठन करने की घोषणा की थी। इसके लिए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा गया था। मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी।

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Haryana Government constituted Backward Classes Commission, Retired Judge Darshan Singh appointed Chairman
रिटायर्ड जज दर्शन कुमार। - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज दर्शन सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया है। पूर्व कुलपति डॉ. एसके गक्खड़, श्याम लाल जांगड़ा और अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के महानिदेशक आयोग के सदस्य बनाए गए हैं। अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विशेष सचिव मुकुल कुमार सदस्य सचिव नियुक्त किए गए हैं। आयोग पिछड़ा वर्ग और संबंधित जातियों के लिए सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और चुनावी आरक्षण तय कर अपनी सिफारिश प्रदेश सरकार को सौंपेगा।

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सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम 2016 (2016 का 9) की धारा 3 की उप धारा-1 व 2 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पिछड़ा वर्ग आयोग गठित किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दस जुलाई को पिछड़ा वर्ग आयोग का नए सिरे से गठन करने की घोषणा की थी। इसके लिए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा गया था। मंजूरी मिलने के बाद सरकार ने आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी। यह आयोग पिछड़ा वर्ग के लोगों, संबंधित जातियों को हर प्रकार की सुविधा और लाभ देने के उद्देश्य से कार्य करेगा।

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निकाय और पंचायत चुनावों में पिछड़ों को आरक्षण नहीं

हाल ही में संपन्न निकाय चुनावों के बाद सितंबर में संभावित पंचायती राज चुनावों में भी पिछड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने से पहले ट्रिपल लेयर टेस्ट जरूरी है। यह टेस्ट पिछड़ा वर्ग आयोग के बिना संभव नहीं हो सकता। इसे पूरा करने में कम से कम छह माह का समय चाहिए। आयोग के गठन की मांग जोरों से उठ रही थी। सरकार ने बुधवार को इसका गठन शुरू कर दिया।

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ये कार्य करेगा आयोग

  • राज्य में पिछड़े वर्गों की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करना।
  • सरकार में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व, भागीदारी, लाभों और स्कीमों का अध्ययन।
  • शैक्षणिक संस्थानों में पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध लाभों का आंकलन।
  • पिछड़े वर्गों के युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों का अनुमान लगाना।
  • रोजगार के अवसरों में वृद्धि करने के लिए उपायों की सिफारिश।
  • पिछड़े वर्गों के युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए सामयिक गतिविधियों का मूल्यांकन।
  • पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के अनुपात का प्रावधान और सिफारिश करना।
  • सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक कल्याण के लिए आवश्यक उपायों का अध्ययन व सिफारिश।
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