रोडवेज हड़तालः कर्मचारियों के आगे झुकी हरियाणा सरकार, बातचीत का दिया न्यौता
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हरियाणा में रोडवेजकर्मियों की चल रही चक्काजाम हड़ताल पर पांच दिन बाद हरियाणा सरकार झुक गई है। सरकार ने कर्मचारी नेताओं को बातचीत का न्योता दिया है। शनिवार देर शाम हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के एक आपातकालीन बैठक हुई जिसमें सीएम के बातचीत के लिए दिए गए निमंत्रण पर पुनर्विचार किया गया। कर्मचारी नेता बलवंत सिंह दोदवा और सरबत सिंह पूनिया ने बताया कि सीएम की अपील के बाद कर्मचारी नेता परिवहन विभाग के अफसरों संग वार्ता में शामिल होंगे।
शनिवार शाम को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से अपील की है कि वे जनता की कठिनाई व त्योहारी सीजन को देखते हुए शीघ्र काम पर लौट आएं। सरकार उनके साथ वार्तालाप के लिए सदैव तैयार है। सीएम के अनुसार सभी यूनियन पदाधिकारियों से अपील है कि वे 21 अक्तूबर (रविवार) को दोपहर 12 बजे महानिदेशक, राज्य परिवहन, हरियाणा के कार्यालय में पहुंचे। वहां महानिदेशक व अन्य अधिकारी उनसे बातचीत करेंगे।
सीएम ने कहा कि लगातार पांच दिन से हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा की जा रही हड़ताल से जन साधारण को रोजमर्रा के कामों के लिये बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल रोडवेज कर्मचारी यूनियनों, परिवहन विभाग बल्कि राज्य सरकार की छवि भी जनता में खराब हो रही है। उनके अनुसार हरियाणा राज्य कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों को यह आशंका है कि निजी बस मालिकों से 700 बसें किराए पर लेकर चलाने से विभाग का निजीकरण हो जाएगा और विभाग के कर्मचारियों की छंटनी होगी। जबकि इन तथ्यों में कोई सच्चाई नहीं है, क्योंकि निजी बस मालिकों से किराए पर ली जाने वाली बसों पर परिचालक परिवहन विभाग का होगा।
साथ ही विभाग में नार्म के अनुसार ही इन बसों पर 980 अतिरिक्त परिचालकों की भर्ती होगी। इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों से टिकटों से होने वाली आय सरकारी खजाने में जमा होगी। बस मालिकों को केवल निर्धारित दर से प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि यह कोई स्टेज कैरिज अथवा कोंट्रेक्ट कैरिज स्कीम नहीं है। यह केवल पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के अंतर्गत हरियाणा राज्य परिवहन के बेडे में 700 अतिरिक्त बसें शामिल करने के लिए किया जा रहा है ताकि आम जनता को सस्ते किराए पर, समय पर, विश्वसनीय तथा सुलभ परिवहन सेवा उपलब्ध करवाई जा सके।