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ब्राह्मण-गुज्जर तय करेंगे, कालका का सरताज कौन?
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 18 Aug 2014 04:01 PM IST
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कालका विधानसभा सीट पर ब्राह्मण और गुज्जर वोटर ही किसी प्रत्याशी के लिए निर्णायक साबित होंगे। करीब डेढ़ लाख वोटरों के इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट ब्राह्मणों के हैं, जबकि गुज्जर समुदाय दूसरे नंबर पर है।
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इनेलो ने तो अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है और मौजूदा विधायक प्रदीप चौधरी को ही प्रत्याशी बनाया है, जो गुज्जर समुदाय से हैं। चौधरी इस सीट से इनेलो के टिकट पर चार दफा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत पिछली दफा ही मिली थी।
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इससे पहले लगातार चार बार चंद्रमोहन ही कालका सीट पर कांग्रेस के टिकट से जीतते आए हैं। तब पंचकूला और कालका एक ही सीट थी। पिछली दफा ही पंचकूला अलग विधानसभा क्षेत्र बना, लेकिन चंद्रमोहन न तो पंचकूला से चुनाव लड़े और न ही कालका से।
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भाजपा-हजकां गठबंधन
अब जातीय समीकरण को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा भी टिकट तय करने पर माथापच्ची कर रही है। अगर हजकां-भाजपा का गठबंधन रहता है तो लगभग तय है कि कालका की सीट हजकां के खाते में आएगी और चंद्रमोहन चुनाव लड़ सकते हैं। अगर गठबंधन नहीं रहता तो हजकां शशि शर्मा को कालका से चुनाव लड़वा सकती है, क्योंकि गठबंधन नहीं रहने की स्थिति में चंद्रमोहन पंचकूला से चुनाव लड़ सकते हैं।
शशि शर्मा को कालका से चुनाव लड़वाकर हजकां सबसे बड़े वोट बैंक को भी अपने पाले में लेने की रणनीति तैयार करेगी। गठबंधन नहीं रहने के हालात में भाजपा को भी अपना उम्मीदवार कालका के लिए तय करना होगा। मौजूदा हालात में वीरेंद्र भाऊ भाजपा के पास कालका के लिए सबसे वरिष्ठ उम्मीदवार हैं। भाऊ जिला परिषद के चेयरमैन भी रह चुके हैं और फिलहाल क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हैं।
कांग्रेस में सूची बड़ी लंबी
अगर कांग्रेस की बात करें तो उम्मीदवारों की सूची काफी बड़ी है। सतविंद्र राणा सीएम के खास हैं और पिछली दफा कालका से चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि ओमप्रकाश देवी नगर भी सीएम के खास माने जाते हैं और गुज्जर समुदाय से हैं। ऐसे में वह खुद को एक कदम आगे मानते हैं।
वहीं, सुदेश शर्मा रणदीप सुरजेवाला के करीबी हैं और ब्राह्मण होने का प्लस प्वाइंट इस सीट के लिए उनके पास है। कांग्रेस के टिकट की एक और प्रमुख दावेदारी मनवीर कौर गिल की है, जो अर्से से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और सीएम के खास लोगों की सूची में उनका भी नाम आता है। साथ ही इस क्षेत्र के बड़े नेता रहे लक्ष्मण सिंह के परिवार से हैं। सभी पार्टियों की हालत इस सीट पर पेचिदा बनी हुई है। ऐसे में हाईकमान के लिए भी निर्णय लेना कठिन हो रहा है।
किसके कितने वोट
ब्राह्मण...........28 हजार
गुज्जर...........25 हजार
अनुसूचित जाति 21 हजार
राजपूत...........16 हजार
महाजन...........14 हजार
पंजाबी...........11 हजार
(इसके अलावा सैणी, लुबाने व मुस्लिम वोटर भी हैं)