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मनोहर लाल और दुष्यंत चौटाला का ‘नॉटआउट’ पारी खेलने का इरादा, विपक्ष को कुछ यूं दिया जवाब
Wed, 06 Nov 2019 11:17 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Nov 2019 11:17 AM IST
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dushyant, hooda & khattar
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हरियाणा की नई गठबंधन सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी या नहीं, भाजपा-जजपा की ये सरकार अपने ‘संकल्प पत्र’ व ‘जन सेवा पत्र’ को कैसे धरातल पर उतारेगी, नई गठबंधन सरकार की कार्यप्रणाली कैसी रहेगी, क्या हरियाणवियों को इसका लाभ मिल पाएगा इत्यादि इस तरह के कई सवालों को आज भी विपक्ष लगातार हवा दे रहा है। मंगलवार को विधानसभा में भी विपक्ष इस मसले पर नई गठबंधन की सरकार पर तंज कसने से नहीं चूका।
लेकिन सदन में ही सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपने-अपने अंदाज में विपक्ष का जवाब देते हुए लंबी ‘नॉटआउट’ सियासी पारी खेलने का इरादा जाहिर किया। सदन के दौरान गठबंधन सरकार पर पहला हमला नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया। हुड्डा ने चुनाव के दौरान भाजपा और जजपा के अलग-अलग नारों को मिक्स कर तंज कसते हुए कहा कि ‘कोई कहता था अबकी बार 75 पार, कोई कहता था अबकी बार यमुना पार, आज दोनों बन गए यार।’
हुड्डा ने कहा कि पूर्व सरकार के 154 वादे पिछली बार थे, इस बार भाजपा के संकल्प पत्र में 260 वादे हैं और जजपा के जन सेवा पत्र के भी वादे हैं, जनता को इंतजार है ये वादे नई सरकार कैसे पूरा करेगी। उसके बाद गठबंधन सरकार पर इनेलो विधायक अभय चौटाला हमलावर हुए। उन्होंने कहा पहली टर्म में भाजपा सरकार कई मसलों पर गंभीर नहीं थी। प्रदेश में पानी की दिक्कत व सिंचाई की दिक्कत तो सबसे बड़ा मसला है। अब तो जजपा वाले भी सदन में सरकार के साथ बैठे हैं।
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पिछली बार तो इन्होंने भी सरकार पर बड़े-बड़े आरोप लगाए थे। अब तो ये भी सीएम के सहयोगी है, तो जजपा ही सरकार से पूछकर बता दें कि क्या लोगों की समस्याओं का समाधान हो पाएगा कि नहीं।
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लेकिन सदन में ही सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपने-अपने अंदाज में विपक्ष का जवाब देते हुए लंबी ‘नॉटआउट’ सियासी पारी खेलने का इरादा जाहिर किया। सदन के दौरान गठबंधन सरकार पर पहला हमला नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया। हुड्डा ने चुनाव के दौरान भाजपा और जजपा के अलग-अलग नारों को मिक्स कर तंज कसते हुए कहा कि ‘कोई कहता था अबकी बार 75 पार, कोई कहता था अबकी बार यमुना पार, आज दोनों बन गए यार।’
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हुड्डा ने कहा कि पूर्व सरकार के 154 वादे पिछली बार थे, इस बार भाजपा के संकल्प पत्र में 260 वादे हैं और जजपा के जन सेवा पत्र के भी वादे हैं, जनता को इंतजार है ये वादे नई सरकार कैसे पूरा करेगी। उसके बाद गठबंधन सरकार पर इनेलो विधायक अभय चौटाला हमलावर हुए। उन्होंने कहा पहली टर्म में भाजपा सरकार कई मसलों पर गंभीर नहीं थी। प्रदेश में पानी की दिक्कत व सिंचाई की दिक्कत तो सबसे बड़ा मसला है। अब तो जजपा वाले भी सदन में सरकार के साथ बैठे हैं।
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पिछली बार तो इन्होंने भी सरकार पर बड़े-बड़े आरोप लगाए थे। अब तो ये भी सीएम के सहयोगी है, तो जजपा ही सरकार से पूछकर बता दें कि क्या लोगों की समस्याओं का समाधान हो पाएगा कि नहीं।
सीएम बोले, मजबूत है सरकार, काम भी बहुत होंगे
विपक्ष के हमले के बाद सीएम मनोहर लाल ने भी पलटवार किया । सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और विकास भी पहले से कई ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि भले ही इस बार भाजपा को बहुमत नहीं मिला, लेकिन जनता का प्यार उनकी सरकार के प्रति बढ़ा है।
सियासी आंकड़ों का सहारा लेकर सीएम ने नई गठबंधन सरकार को मजबूत बताने का काम किया। सीएम ने कहा कि 2009 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कांग्रेस-हजकां-निर्दलीयों की मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। इन सभी का कुल वोट प्रतिशत 45 फीसद था। हमने भी इस बार भाजपा-जजपा-निर्दलीयों की सरकार बनाई है और हमारा कुल वोट प्रतिशत 56 फीसद है।
सीएम के अनुसार वर्ष 2014 में भाजपा को पूर्ण बहुमत था और लेकिन वोट प्रतिशत करीब 33 फीसद था। इस बार भले ही पूर्ण बहुमत नहीं है, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। यानी जनता ने हमारी नीतियों और काम करने के स्टाइल पंसद किया है।
इस पर विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि आप सदन को ये भी बता दो कि इतना प्यार मिलने केबाद उनके अधिकतर मंत्री क्यों हार गए। इस पर सीएम ने जवाब दिया कि सदन में हार तो बड़े-बड़े गए। मगर नई सरकार अपने सहयोगियों के साथ अब विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।
सियासी आंकड़ों का सहारा लेकर सीएम ने नई गठबंधन सरकार को मजबूत बताने का काम किया। सीएम ने कहा कि 2009 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कांग्रेस-हजकां-निर्दलीयों की मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी। इन सभी का कुल वोट प्रतिशत 45 फीसद था। हमने भी इस बार भाजपा-जजपा-निर्दलीयों की सरकार बनाई है और हमारा कुल वोट प्रतिशत 56 फीसद है।
सीएम के अनुसार वर्ष 2014 में भाजपा को पूर्ण बहुमत था और लेकिन वोट प्रतिशत करीब 33 फीसद था। इस बार भले ही पूर्ण बहुमत नहीं है, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। यानी जनता ने हमारी नीतियों और काम करने के स्टाइल पंसद किया है।
इस पर विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि आप सदन को ये भी बता दो कि इतना प्यार मिलने केबाद उनके अधिकतर मंत्री क्यों हार गए। इस पर सीएम ने जवाब दिया कि सदन में हार तो बड़े-बड़े गए। मगर नई सरकार अपने सहयोगियों के साथ अब विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।
दुष्यंत बोले, विपक्ष चिंता न करें पूरी होंगे वादे
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि भाजपा और जजपा दोनों पार्टियां की 72 घोषणाएं लगभग समान हैं। चिंता न की जाए, सभी भी घोषणाएं मिनिमम कॉमन प्रोग्राम के तहत पूरी की जाएंगी। हमारा गठबंधन स्थायी और प्रगतिशील है, जिसका प्रदेश को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं, जो पहले 300-300 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे जिलों में होती थी, वो अब 50 किलोमीटर के दायरे में आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियां हरियाणा के युवाओं को मिलें, इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाया जाएगा।
उन्होंने विरोधियों को भी आश्वस्त किया कि धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर कैथ लैब खुलवाने की पहल करें। दुष्यंत ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से मांग की कि हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटलाइजेशन की ओर ले जाना चाहिए जो आज के समय की मांग भी है।
उनके अनुसार गठबंधन की सरकार को बने हुए भले ही मात्र आठ-नौ दिन हुए हैं, परंतु अभिभाषण में सरकार के पांच वर्षों के विजन पर मुख्यत: फोकस किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे सभी युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे वर्ष 2020 के ओलंपिक में भाग लेने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों की सहायता के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं, जो पहले 300-300 किलोमीटर की दूरी पर दूसरे जिलों में होती थी, वो अब 50 किलोमीटर के दायरे में आयोजित होंगी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियां हरियाणा के युवाओं को मिलें, इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में बिल लाया जाएगा।
उन्होंने विरोधियों को भी आश्वस्त किया कि धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में पीपीपी मोड पर कैथ लैब खुलवाने की पहल करें। दुष्यंत ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से मांग की कि हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटलाइजेशन की ओर ले जाना चाहिए जो आज के समय की मांग भी है।
उनके अनुसार गठबंधन की सरकार को बने हुए भले ही मात्र आठ-नौ दिन हुए हैं, परंतु अभिभाषण में सरकार के पांच वर्षों के विजन पर मुख्यत: फोकस किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे सभी युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे वर्ष 2020 के ओलंपिक में भाग लेने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों की सहायता के लिए आगे आएं।