'डॉक्टर बनना चाहता था, सीएम बन गया'
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हरियाणा के नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की चाहत डॉक्टर बनने की थी, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे परिवार के अन्य सदस्यों की तरह ही खेती करें। इसलिए उन्होंने पिता की इच्छा के खिलाफ जाकर अपनी मां से पैसे लिए और रोहतक के नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय में दाखिला ले लिया। वह परिवार के एकमात्र पहले सदस्य हैं, जिन्होंने दसवीं के बाद पढ़ाई की।
पत्रकारों से बातचीत में सीएम खट्टर ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हरियाणा राजभवन में नए सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभालते ही उनका पहला काम गुड गवर्नेंस का होगा।
हरियाणा में भेदभाव और क्षेत्रवाद की राजनीति खत्म कर सुशासन देना उनकी प्राथमिकता होगी। जनता को सरकार तक आने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सरकार जनता तक पहुंचेगी। भाजपा सरकार में प्रत्येक व्यक्ति की सुनवाई होगी।
खत्म कर दूंगा क्षेत्रवाद और भेदभाव की राजनीति
खट्टर ने भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हरियाणा राजभवन में राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण ही राज्य में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला और पार्टी सत्ता में आई है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब तक जो सरकारें बनीं, वे भेदभाव और क्षेत्रवाद का शिकार रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रशासन और अधिकारियों की जनता के कार्यों के प्रति जिम्मेदारी तय की जाएगी।
राज्य में अब तक था भ्रष्टाचार का बोलबाला
खट्टर ने कहा कि भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर जनता ने भरोसा जताया है, लिहाजा जनमत की अनदेखी नहीं की जाएगी।
अभी तक हरियाणा में चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला था। संगठन और सरकार के लंबे अनुभव के आधार पर सभी को साथ लेकर पारदर्शी सरकार दी जाएगी। विधायक दल का नेता बनने के बाद मनोहर लाल खट्टर अपने समर्थकों के साथ पंचकूला स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय गए और वहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।