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Haryana cabinet: बिजली खरीद के लिए अदाणी के साथ हुए नए करार पर मंत्रिमंडल की मुहर, 50 करोड़ रुपये का पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

Mon, 27 Jun 2022 08:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 27 Jun 2022 08:26 PM IST
सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे आम उपभोक्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनको पहले की दरों पर ही बिजली आपूर्ति होती रहेगी।

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Haryana Cabinet approval on new agreement with Adani for power purchase
सीएम मनोहर लाल - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

हरियाणा मंत्रिमंडल ने हरियाणा डिस्कॉम की ओर से अदाणी पावर लिमिटेड के साथ किए गए विद्युत खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब हरियाणा को अदाणी से 1200 मेगावाट बिजली सुचारू रूप से मिल सकेगी। नए समझौते के तहत 83 प्रतिशत घरेलू और 17 प्रतिशत आयातित कोयले के इस्तेमाल पर हरियाणा कंपनी को भुगतान करेगा। 

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पहले यह करार 70 प्रतिशत घरेलू और 30 प्रतिशत आयातित कोयला के इस्तेमाल का था। नए समझौते के तहत हरियाणा पर हर साल करीब 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हरियाणा हर साल करीब 2500 करोड़ रुपये की बिजली खरीद करता है। ऐसे में 2 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अदाणी के साथ 712-712 मेगावाट बिजली की खरीद के लिए 7 अगस्त, 2008 को दो समझौते किए गए थे। इसमें 25 वर्षों के लिए 2.94 रुपये प्रति यूनिट बिजली ली जानी थी। 
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अदाणी पावर लिमिटेड ने सितंबर, 2021 से इस आधार पर बिजली की आपूर्ति बंद कर दी थी कि आयातित कोयले की बढ़ी हुई दरों के कारण लागत बढ़ गई है और उन्हें नुकसान हो रहा है। कंपनी ने आयातित कोयले की लागत को पूरा करने लिए फिर से बातचीत करने की मांग की थी।
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हरियाणा की तरफ से खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कंपनी के अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी। उस समय कंपनी से सहमति बनी थी कि 224 मेगावाट की आयातित कोयला आधारित क्षमता को छोड़कर केवल घरेलू कोयले से उत्पादित होने वाली 1200 मेगावाट बिजली लेगा। शेष आयातित कोयला आधारित होगा, उसका भुगतान आयातित कोयले की लागत और अन्य लागत संबंधित मुद्दों के साथ किया जाएगा। इसके अलावा, विभिन्न मंचों और अदालतों के समक्ष सभी लंबित मुकदमों को वापस लेना और निपटाने पर सहमति बनी थी।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लिया फैसला: मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे आम उपभोक्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनको पहले की दरों पर ही बिजली आपूर्ति होती रहेगी। 1424 मेगावाट बिजली बहुत होती है, इसलिए समय के अनुसार नया करार जरूरी हो गया था। 

यूएचबीवीएनएल के लिए 700 करोड़ रुपये की गारंटी को मंजूरी
हरियाणा मंत्रिमंडल ने पूंजीगत व्यय और बिजली खरीद भुगतान को पूरा करने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) को स्वीकृत ऋण के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सेक्टर -10, पंचकूला के पक्ष में 700 करोड़ रुपये की गारंटी प्रदान को स्वीकृति दी है। 

यूएचबीवीएनएल ने विभिन्न बैंकों से 500 करोड़ रुपये के कैपेक्स ऋण और 200 करोड़ रुपये के कार्यशील पूंजी ऋण को मंजूरी देने का अनुरोध किया था। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सेक्टर -10, पंचकूला ने निगम के अनुरोध पर विचार किया और 500 करोड़ रुपये का कैपेक्स ऋण स्वीकृत कर दिया। बैंक के स्वीकृति पत्र के अनुसार, यूएचबीवीएनएल को उनके उधार के लिए राज्य सरकार की गारंटी प्रदान करनी होगी। 31 मार्च, 2022 को लिया गया पूंजीगत ऋण 1988 करोड़ रुपये है।

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