विस चुनावः इन सीटों पर दांव पर साख
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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। चुनाव प्रचार जोर पकड़ चुका है। वोटरों की लामबंदी के लिए सभी दलों ने चालें चलनी शुरू कर दी हैं। शह और मात के इस खेल में बाजी किसके हाथ लगती है यह फैसला मतदाताओं को करना है।
सूबे की कुल 90 सीटों में से दर्जन भर ऐसी सीटें हैं जिनपर सबकी नजरें टिकीं हैं। हरियाणा के रण में ऐसा पहली बार हो रहा है जब मुकाबला आमने-सामने का नहीं होकर बहुकोणीय होगा। ये हैं सूबे की प्रमुख हॉट सीट।
गढ़ी सांपला किलोई : हुड्डा का गढ़
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मुकाबले में इस सीट से भाजपा ने धर्मवीर हुड्डा और इनेलो ने सतीश नांदल को मैदान में उतारा है। हरियाणा जनहित कांग्रेस से बिजेंद्र शर्मा मैदान में हैं। जाटलैंड की यह सीट भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ कहा जाता है। हुड्डा बीते दो चुनाव से इस सीट से जीतते आ रहे हैं।
उंचाना : अस्तित्व की लड़ाई
वर्तमान में यहां से पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला विधायक हैं। बीते चुनाव में उन्होंने दिग्गज नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह को हराया था। विरासत बचाए रखने के लिए इनेलो ने यहां से दुष्यंत चौटाला को उतारा है।
भाजपा ने इस सीट से कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता पर दांव खेला है। कांग्रेस ने यहां से भाग सिंह और हजकां ने रणधीर सिंह पनिहार को मैदान में उतारा है। राजनीतिक दृष्टि से यह सीट काफी अहमियत रखती है।
आदमपुर : गढ़ बचाने का दारोमदार
हिसार जिले की आदमपुर सीट पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के गढ़ के रूप में जानी जाती है। इस सीट से हरियाणा जनहित कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप बिश्नोई ताल ठोक रहे हैं।
कांग्रेस ने इस सीट से सत्येंद्र सिंह, भाजपा ने करण सिंह रानौलिया और इनेलो से कुलबीर बेनीवाल को उतारा है। बीते लोकसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई की हार के बाद गढ़ को बचाने का दारोमदार कुलदीप पर हैं। भाजपा और इनेलो यहां से चुनाव जीतने के लिए पूरी जोर आजमाइश करेंगी।
ऐलनाबाद : प्रभाव की परख
ऐलनाबाद से वर्तमान विधायक अभय चौटाला इस बार फिर से दावेदार हैं। अपनी सीट के अलावा उनके कंधों पर प्रदेश में इनेलो को जीत दिलवाने की भी जिम्मेदारी है। इस सीट पर इनेलो का खासा प्रभाव रहा है। ऐसे में कांग्रेस ने यहां से रमेश भादू और भाजपा से पवन बेनीवाल को मैदान में उतारा है।
महेंद्रगढ़ : सबकी नजर
अहीरवाल की यह सीट इस बार खास है। भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रामबिलास शर्मा यहां से मैदान में हैं। शर्मा के लिए यह चुनाव जीतना सबसे ज्यादा अहम है। इनेलो भी इस सीट पर अपनी नजरें गड़ाए हैं। कांग्रेस ने यहां से राव दान सिंह को मैदान में उतारा है। इनेलो ने प्रत्याशी बदलकर राजपूत प्रत्याशी करे मैदान में उतारा है।
रेवाड़ी : संघर्ष के आसार
अहीरवाल की इस सीट को किसी मायने में कम नहीं आंका जा सकता। कैप्टन अजय सिंह यादव लगातार कई चुनाव यहां से लड़ चुके हैं। भाजपा ने यहां से रणधीर कापड़ीवास और इनेलो ने सतीश यादव को मैदान में उतारा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मुकाबला दिलचस्प होगा।