हरियाणा में भाजपा की ऐसे कांग्रेस करेगी घेरेबंदी, पार्टी बना रही बड़ी योजना, इन पर खेलेगी दांव
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इस बार कांग्रेस मजबूती के साथ चुनावी रण में उतरने की तैयारियों में जुटी है। कांग्रेस चाहती है कि हर सीट पर उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए सियासी मुकाबले को जीतकर सत्ता में वापसी करें। इसके लिए प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने से लेकर भाजपा की घेराबंदी के लिए रणनीति तैयार करने तक हर एक्सरसाइज में पूरी गंभीरता दिखाई जा रही है।
इसी के तहत हरियाणा कांग्रेस ने इस बार यह भी फैसला लिया है कि चुनाव में ज्यादा दांव युवाओं और महिलाओं पर खेला जाए। असरदार युवा चेहरों को मैदान में उतारकर जनता का विश्वास जीतने का प्रयास किया जाए। इसके लिए प्रभावशाली युवा व महिला चेहरों पर मंथन भी चल रहा है। इसके अलावा कांग्रेस हरियाणा में परिवारवाद की अपनी छवि से भी थोड़ा बाहर निकलकर नए कलेवर के साथ चुनाव लड़ना चाहती है।
इसके लिए कांग्र्रेस हाईकमान संकेत भी दे दिए हैं कि हरियाणा में सियासी परिवारों में से एक ही व्यक्ति को विधानसभा का टिकट मिलेगा। दरअसल, हरियाणा में कई ऐसे सियासी नेता है, जो खुद के साथ-साथ अपने रिश्तेदारों को भी टिकट दिलवाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। कांग्रेस का यही परिवारवाद हमेशा से भाजपा के लिए कांग्रेस की घेराबंदी करने का बड़ा मुद्दा रहा है। इसलिए एक ही परिवार को एक ही टिकट देकर कांग्रेस हाईकमान भाजपा के हाथ से यह मुद्दा भी छीनना चाहती है।
‘वादों’ पर करेंगे भाजपा की घेराबंदी
कांग्रेस उन मुद्दों की फेहरिस्त भी तैयार कर रही है, जिन पर भाजपा की घेराबंदी की जानी है। इन मुद्दों में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणा पत्र में किए गए 154 वादे भी शामिल है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार ने अपने सभी वादों को पूरा नहीं किया है। कांग्रेसी कार्यकर्ता अब इन्हीं अधूरे वादे से जनता को रूबरू करवाकर सरकार की घेराबंदी करेंगे।
इसके अलावा भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए कर्मचारी व किसान वर्ग से जुड़े आंदोलनों की जानकारी भी जनता को दी जाएगी। जनता को बताएगा जाएगा कि किस तरह सरकार ने कर्मचारियों व किसानों के आंदोलन को दबाने का काम किया है। इसके अलावा कांग्रेसी जनता को प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति से भी अवगत करवाकर भाजपा पर निशाना साधेंगे।
इसी कड़ी में गत दिवस कांग्रेस ने ‘पहले रिपोर्ट-फिर वोट’ अभियान की भी शुरुआत की है। इसके अंतर्गत कांग्रेसी कार्यकर्ता जनता से आह्वान करेंगे कि जब भाजपा प्रत्याशी उनके घर वोट मांगने आएं, तो एक बार उनसे पिछले पांच साल में उनके द्वारा इलाके में करवाए गए विकास कार्यों की रिपोर्ट जरूर मांग लें, यदि वे रिपोर्ट न दें तो इस अभियान के तहत कांग्रेस द्वारा जारी टोल फ्री नंबर पर कॉल कर अपने इलाके की रिपोर्ट हासिल करते हुए भाजपा प्रत्याशी का बहिष्कार करें।
चुनाव में कांग्रेस मौजूदा सरकार की नाकामियों को अपना हथियार बनाएगी। सत्ता में आने से पहले भाजपा सरकार ने जनता से लंबे चौड़े वादों की सूची जारी की थी। लोगों को बताया जाएगा कि आज इन वादों का स्टेट्स क्या है। किसानों व कर्मचारियों को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस राज्य सरकार की इस जनविरोधी नीति को ही जनता के बीच असरदार तरीके से रखेगी ताकि इस बार मतदान करते समय जनता भ्रमित न हों। उधर, पार्टी इस बार ज्यादातर युवाओं और महिलाओं को टिकट देने पर गंभीरता से विचार कर ही है। - कुमारी सैलजा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी