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जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह बोले- भारत को 'हिन्दू राष्ट्र' बनाने की बात सही नहीं
Tue, 15 Oct 2019 12:22 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Oct 2019 12:22 PM IST
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह
- फोटो : एएनआई
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का कहना है कि भारत के हिन्दू राष्ट्र बनने की जो बात हो रही है, वह बिल्कुल गलत है। यह देश के हित में भी नहीं है। भारत देश में सभी धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं और यही बात भारत को खूबसूरत देश बनाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को ऐसी बात करनी ही नहीं चाहिए। इससे न देश का भला होगा और न ही देश की जनता का।
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Akal Takht Chief Giani Harpreet Singh: People of all religions and faiths live in India. This is the beauty of India. RSS (Rashtriya Swayamsevak Sangh) has said that India will be made a 'Hindu Rashtra'. It is wrong. This is not in the interest of the country. pic.twitter.com/K7oCOTjRs3
— ANI (@ANI) October 15, 2019विज्ञापन
अभी तालमेल की बात खत्म नहीं हुई है
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि वह एसजीपीसी व पंजाब सरकार के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश जारी रखे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार और एसजीपीसी के बीच तालमेल स्थापित हो जाएगा। श्री अकाल तख्त ने प्रकाश पर्व के समागमों को लेकर बयानबाजी न करने की पहले से ही हिदायतें जारी की हुई हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण अकाल तख्त साहिब की साख है।
अकाल तख्त साहिब का सम्मान है। अकाल तख्त साहिब का मान-सम्मान जिस ढंग से भी बरकरार रहे, वह प्रयास किए जाएंगे। यदि मुख्य समारोह में दो स्टेज लगे, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस सवाल पर जत्थेदार ने कहा कि अभी तालमेल की बात खत्म नहीं हुई है। एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने उनके साथ तालमेल न होने के बारे में कोई भी बातचीत नहीं की है।
सरकार और एसजीपीसी के बीच तालमेल बैठे, इसके लिए अंतिम समय तक प्रयास जारी रहेंगे। एक सवाल के जवाब में जत्थेदार ने कहा कि तालमेल कमेटी के सदस्य मंत्री सुखजिंदर सिंह द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब को लिखे पत्र एसजीपीसी को भेज दिए गए थे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो एसजीपीसी को तालमेल के मुद्दे पर मना लिया जाएगा।
कोई भी मिलने आ सकता है: जत्थेदार
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें यह कहा गया था कि उन्होंने मंत्री चरणजीत चन्नी को मिलने का समय नहीं दिया। सोमवार को आयोजित नगर कीर्तन के दौरान यह चर्चाएं जोरों पर थीं कि जत्थेदार ने चन्नी को मिलने का समय नहीं दिया। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि चन्नी उन्हें मिलने के लिए नहीं आए।
वह मंगलवार सुबह आठ बजे से ही अपने सचिवालय में बैठ जाएंगे और 12 बजे तक अपने सचिवालय में रहेंगे। जिसको मिलना है वह उनसे मिल सकता है। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि तालमेल कमेटी के दो सरकारी प्रतिनिधि उन्हें मिलने आ रहे हैं। उन्हें तो यह जानकारी है कि शायद वह एसजीपीसी प्रधान भाई लौंगोवाल को मिलने आ रहे हैं।
अकाल तख्त साहिब का सम्मान है। अकाल तख्त साहिब का मान-सम्मान जिस ढंग से भी बरकरार रहे, वह प्रयास किए जाएंगे। यदि मुख्य समारोह में दो स्टेज लगे, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस सवाल पर जत्थेदार ने कहा कि अभी तालमेल की बात खत्म नहीं हुई है। एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने उनके साथ तालमेल न होने के बारे में कोई भी बातचीत नहीं की है।
सरकार और एसजीपीसी के बीच तालमेल बैठे, इसके लिए अंतिम समय तक प्रयास जारी रहेंगे। एक सवाल के जवाब में जत्थेदार ने कहा कि तालमेल कमेटी के सदस्य मंत्री सुखजिंदर सिंह द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब को लिखे पत्र एसजीपीसी को भेज दिए गए थे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो एसजीपीसी को तालमेल के मुद्दे पर मना लिया जाएगा।
कोई भी मिलने आ सकता है: जत्थेदार
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें यह कहा गया था कि उन्होंने मंत्री चरणजीत चन्नी को मिलने का समय नहीं दिया। सोमवार को आयोजित नगर कीर्तन के दौरान यह चर्चाएं जोरों पर थीं कि जत्थेदार ने चन्नी को मिलने का समय नहीं दिया। जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि चन्नी उन्हें मिलने के लिए नहीं आए।
वह मंगलवार सुबह आठ बजे से ही अपने सचिवालय में बैठ जाएंगे और 12 बजे तक अपने सचिवालय में रहेंगे। जिसको मिलना है वह उनसे मिल सकता है। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि तालमेल कमेटी के दो सरकारी प्रतिनिधि उन्हें मिलने आ रहे हैं। उन्हें तो यह जानकारी है कि शायद वह एसजीपीसी प्रधान भाई लौंगोवाल को मिलने आ रहे हैं।