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हरियाणा विस चुनावः 2014 में मोदी लहर के बावजूद 12 उम्मीदवार नहीं बचा पाए थे जमानत
Tue, 15 Oct 2019 11:05 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 15 Oct 2019 11:05 AM IST
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गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
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हरियाणा की जनता का जनादेश चौंकाने वाला होता है। प्रदेश में मतदाता कब किसे हीरो और कब किसे जीरो कर दें, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। 2014 के विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था। दस साल से सत्तारूढ़ कांग्रेस को जनता से अर्श से फर्श पर ला दिया था। पार्टी मुख्य विपक्षी दल भी नहीं बनाई थी। मतदाताओं ने भाजपा को फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया था। 2009 में चार विधायकों वाली पार्टी 2014 में 47 सीटों के साथ सत्ता पर काबिज हो गई। इस चुनाव में 90 उम्मीदवारों में से 47 तो विधायक बन गए, 31 और ने अपनी जमानत बचा ली।
12 उम्मीदवार ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। 2014 में देश में मोदी लहर जोरों पर भी, जिसके चलते ही भाजपा पहली बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई। बावजूद इसके एक दर्जन प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। जिन सीटों पर जमानत जब्त हुई उनमें रोहतक जिले की गढ़ी-सांपला, किलोई, भिवानी जिले की तोशाम, सोनीपत की खरखौदा और बड़ौदा, जींद की जुलाना, सिरसा की कालांवाली, रानियां और डबवाली, हिसार की आदमपुर और नलवा, नूंह के फिरोजपुर झिरका और फतेहाबाद शामिल हैं।
भाजपा का सबसे खराब प्रदर्शन तोशाम हलके में रहा, जहां भाजपा को केवल 1.20 प्रतिशत वोट ही मिल पाए थे। गढ़ी सांपला में भाजपा को उस समय के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में हार का सामना करना पड़ा था। आदमपुर में भाजपा पूर्व सीएम भजन लाल के गढ़ में उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई के हाथों हारी थी। इस बार भाजपा ने इन सभी 12 सीटों पर नए प्रत्याशी उतारे हैं। गढ़ी सांपला किलोई में भाजपा ने इस बार धर्मबीर हुड्डा की जगह इनेलो से आए सतीश नांदल पर दांव खेला है।
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तोशाम में गुणपाल की जगह शशिरंजन परमार, खरखौदा में कुलदीप काकरान की जगह मीना नरवाल, बरौदा में बलजीत सिंह मलिक के स्थान पर योगश्वर दत्त, जींद के जुलाना में संजीव की जगह इनेलो से आए परमिंद्र सिंह ढुल, कालांवाली में राजेंद्र सिंह की जगह अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह, रानियां में जगदीश नेहरा के स्थान पर इनेलो से आए रामचंद्र कंबोज, डबवाली में देव कुमार शर्मा की जगह ताऊ देवीलाल परिवार के आदित्य देवीलाल, आदमपुर में करण सिंह रानौलिया के स्थान पर टिक टॉक गर्ल सोनाली फौगाट, नलवा में मास्टर हरि सिंह की जगह इनेलो से आए रणवीर गंगवा, नूंह के फिरोजपुर झिरका में पूर्व इनेलो विधायक नसीम अहमद और फतेहाबाद में स्वतंत्र बाला चौधरी की जगह भजन लाल परिवार के दूड़ा राम को टिकट दिया गया है।
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12 उम्मीदवार ऐसे रहे जिनकी जमानत जब्त हो गई। 2014 में देश में मोदी लहर जोरों पर भी, जिसके चलते ही भाजपा पहली बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई। बावजूद इसके एक दर्जन प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। जिन सीटों पर जमानत जब्त हुई उनमें रोहतक जिले की गढ़ी-सांपला, किलोई, भिवानी जिले की तोशाम, सोनीपत की खरखौदा और बड़ौदा, जींद की जुलाना, सिरसा की कालांवाली, रानियां और डबवाली, हिसार की आदमपुर और नलवा, नूंह के फिरोजपुर झिरका और फतेहाबाद शामिल हैं।
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भाजपा का सबसे खराब प्रदर्शन तोशाम हलके में रहा, जहां भाजपा को केवल 1.20 प्रतिशत वोट ही मिल पाए थे। गढ़ी सांपला में भाजपा को उस समय के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में हार का सामना करना पड़ा था। आदमपुर में भाजपा पूर्व सीएम भजन लाल के गढ़ में उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई के हाथों हारी थी। इस बार भाजपा ने इन सभी 12 सीटों पर नए प्रत्याशी उतारे हैं। गढ़ी सांपला किलोई में भाजपा ने इस बार धर्मबीर हुड्डा की जगह इनेलो से आए सतीश नांदल पर दांव खेला है।
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तोशाम में गुणपाल की जगह शशिरंजन परमार, खरखौदा में कुलदीप काकरान की जगह मीना नरवाल, बरौदा में बलजीत सिंह मलिक के स्थान पर योगश्वर दत्त, जींद के जुलाना में संजीव की जगह इनेलो से आए परमिंद्र सिंह ढुल, कालांवाली में राजेंद्र सिंह की जगह अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह, रानियां में जगदीश नेहरा के स्थान पर इनेलो से आए रामचंद्र कंबोज, डबवाली में देव कुमार शर्मा की जगह ताऊ देवीलाल परिवार के आदित्य देवीलाल, आदमपुर में करण सिंह रानौलिया के स्थान पर टिक टॉक गर्ल सोनाली फौगाट, नलवा में मास्टर हरि सिंह की जगह इनेलो से आए रणवीर गंगवा, नूंह के फिरोजपुर झिरका में पूर्व इनेलो विधायक नसीम अहमद और फतेहाबाद में स्वतंत्र बाला चौधरी की जगह भजन लाल परिवार के दूड़ा राम को टिकट दिया गया है।