मायावती बोलीं- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा फेल, दलित और पिछड़े समुदाय की बेटियां सुरक्षित नहीं
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बसपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को सेक्टर 13-17 में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और भाजपा पर कड़ा प्रहार किया और बसपा प्रत्याशियों को वोट देने की अपील की।
कांग्रेस और भाजपा पर मिली भगत का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और मानसिकता एक है। दोनों राजनीतिक दल पिछड़ों और दलितों को सरकार में भागीदार नहीं बनाना चाहते है। इस दौरान उनके साथ मंच पर करनाल और सोनीपत लोकसभा से 18 विधानसभा प्रत्याशी मौजूद रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जनता से किए वादों को तो पूरा नहीं किया और सत्ता के लालच में एक बार फिर लंबा चौड़ा संकल्प पत्र जारी कर जनता को सत्ता के लिए बहकाया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने भी लंबे चौडे़ वादों की सूची जारी कर भाजपा के नक्शे कदम पर चलते हुए घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम देकर जनता को बहकाने की भरपूर चेष्टा की है लेकिन इस बार हरियाणा की जनता भाजपा व कांग्रेस के बहकावे में आने वाली नहीं है।
उन्होंने बसपा की नीतियों की विस्तार से जानकारी देते हुए वादा किया कि हरियाणा में बसपा की सरकार बनने पर दलित, पिछडे़ वर्ग व किसानों के लिए हितकारी काम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर इस बार उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो महिला संबंधित अपराधों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगा दिया जाएगा। आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि बसपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो देश के कमेरे वर्ग का हित कर सकती है, इसके लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने देश में लगातार बढ़ रही मंहगाई का ठीकरा भाजपा पर फोड़ते हुए कहा कि भाजपा भी कांग्रेस की तरह सत्ता की लालची है। वहीं जनता कांग्रेस व भाजपा की नीति व नीयत से वाकिफ हो चुकी है। मायावती ने बसपा के सोनीपत, पानीपत, करनाल जिलों की 18 विधानसभा के प्रत्याशियों को रैली में पहुंचे वोटरों से मिलवाया। इस दौरान जिले की ग्रामीण विधानसभा से बलकार मलिक, शहरी सीट से रमेश सिंगला, समालखा जोगिंद्र सभरवाल और इसराना से सुनीता सभरवाल, प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती, जिलाध्यक्ष मांगेराम व विधानसभा अध्यक्ष सरदार सुमेर सिंह मौजूद रहे।
रादौर में भी की जनसभा
इधर, रादौर में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को चुनावी सभा में कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा। मायावती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निजीकरण को बढ़ावा देकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण को समाप्त करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस और अब भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों से एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग को वंचित कर रही है। क्योंकि निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था, लेकिन यह नारा दलित बहनों और बेटियों को सुरक्षा और न्याय दिलाने में असफल रहा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बहुत सारी सरकारी जमीनें थीं और राज्य सरकार को खेती के लिए प्रत्येक भूमिहीन व्यक्ति को तीन एकड़ जमीन लीज पर देनी चाहिए। जब मैं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थी, तो मैंने तीन एकड़ भूमि एससी, एसटी और अन्य समुदायों के भूमिहीन लोगों को दी। हरियाणा में सरकार बनने पर इसे हरियाणा में भी लागू किया जाएगा।
जब मैं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थी तो मैंने आरक्षण का पूरा लाभ दिया। मैंने एससी, एसटी, बीसी और समाज के अन्य वर्गों के लोगों पर अत्याचार रोकने के उद्देश्य से सभी जिलों में आरक्षण के अनुसार पुलिस स्टेशनों के प्रभारी भी तैनात किए थे। उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट तब पेश की गई थी जब केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी, लेकिन उसने इसे लागू नहीं किया।
मायावती ने कहा की लंबे संघर्ष के बाद हमें वीपी सिंह से मंडल कमीशन रिपोर्ट मिली। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों और देश के अन्य धर्मों के अल्पसंख्यकों की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं थी और इस तथ्य का खुलासा सच्चर समिति की रिपोर्ट में किया गया था।