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Election: पंजाबियों को साध पाएगी कांग्रेस, मनोहर के केंद्र में जाने से मिलेगा फायदा? जीटी बेल्ट पर बड़ा प्रभाव
Sun, 25 Aug 2024 01:54 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 25 Aug 2024 01:54 PM IST
सार
मनोहर के केंद्र में जाते ही कांग्रेस पंजाबियों को साधने में जुटी है। जीटी बेल्ट की विधानसभा सीटों पर पंजाबी समुदाय बड़ा फैक्टर है। कांग्रेस करनाल के बाद अब 25 को रोहतक में पंजाबी सम्मेलन आयोजित करेगी। विभाजन विभीषिका दिवस के जरिये भाजपा ने पंजाबियों को बड़ा संदेश दिया है।
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haryana assembly election
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीटी बेल्ट के विधानसभा क्षेत्रों में पंजाबी समुदाय बड़ा फैक्टर हैं। लिहाजा कांग्रेस ने पंजाब समुदाय को साधने की कवायद शुरू कर दी है। पंजाबी सम्मेलनों के जरिये कांग्रेस पंजाबी समुदाय को साधकर खुद को मजबूत करने की रणनीति तैयार कर रही है। वहीं, भाजपा भी पंजाबियों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
हरियाणा में साढ़े नौ साल गैर जाट के तौर पर मनोहर लाल मुख्यमंत्री रहे। पंजाबी समुदाय से पहली बार मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल प्रदेश में पंजाबियों के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे। मनोहर लाल के मुख्यमंत्री बनते ही जीटी बेल्ट में भाजपा को न केवल मजबूती मिली, बल्कि लगातार दूसरी बार सत्ता पर भी काबिज हुई।
बीते लोकसभा चुनाव में मनोहर लाल करनाल से सांसद निर्वाचित हुए और मोदी-3.0 सरकार में ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री बने। मनोहर लाल के केंद्र में पहुंचते ही कांग्रेस ने पंजाबियों को साधना शुरू कर दिया है। मनोहर के गढ़ करनाल में पिछले सप्ताह कांग्रेस ने पंजाबी सम्मेलन का आयोजन किया।
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इसमें पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने शिरकत की। अब आगामी रविवार 25 अगस्त को रोहतक में पंजाबी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। कहने को तो सम्मेलन का आयोजन पंजाबी समुदाय कर रहा है, लेकिन अंदरखाते इसमें कांग्रेस की अहम भूमिका है।
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हरियाणा में साढ़े नौ साल गैर जाट के तौर पर मनोहर लाल मुख्यमंत्री रहे। पंजाबी समुदाय से पहली बार मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल प्रदेश में पंजाबियों के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे। मनोहर लाल के मुख्यमंत्री बनते ही जीटी बेल्ट में भाजपा को न केवल मजबूती मिली, बल्कि लगातार दूसरी बार सत्ता पर भी काबिज हुई।
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बीते लोकसभा चुनाव में मनोहर लाल करनाल से सांसद निर्वाचित हुए और मोदी-3.0 सरकार में ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री बने। मनोहर लाल के केंद्र में पहुंचते ही कांग्रेस ने पंजाबियों को साधना शुरू कर दिया है। मनोहर के गढ़ करनाल में पिछले सप्ताह कांग्रेस ने पंजाबी सम्मेलन का आयोजन किया।
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इसमें पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने शिरकत की। अब आगामी रविवार 25 अगस्त को रोहतक में पंजाबी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। कहने को तो सम्मेलन का आयोजन पंजाबी समुदाय कर रहा है, लेकिन अंदरखाते इसमें कांग्रेस की अहम भूमिका है।
जीटी बेल्ट पर पंजाबी समुदाय का बड़ा प्रभाव
जीटी बेल्ट पर पंजाब समुदाय का अच्छा खासा प्रभाव है। अंबाला से लेकर कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत व सोनीपत के साथ रोहतक, हांसी व जींद में पंजाबी समुदाय बड़ा फैक्टर है। फिलहाल अंबाला कैंट से अनिल विज भाजपा के विधायक हैं, जबकि कुरुक्षेत्र के थानेसर से सुभाष सुधा विधायक हैं।
जीटी बेल्ट पर पंजाब समुदाय का अच्छा खासा प्रभाव है। अंबाला से लेकर कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत व सोनीपत के साथ रोहतक, हांसी व जींद में पंजाबी समुदाय बड़ा फैक्टर है। फिलहाल अंबाला कैंट से अनिल विज भाजपा के विधायक हैं, जबकि कुरुक्षेत्र के थानेसर से सुभाष सुधा विधायक हैं।
जींद से कृष्ण मिड्डा, यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा और पानीपत शहरी से प्रमोद विज विधायक हैं। करनाल से साढ़े 9 साल दो बार पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधायक निर्वाचित हुए। ऐसे में भाजपा जीटी बेल्ट पर अपनी मजबूत पकड़ को बनाए रखने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।
भाजपा ने विभाजन विभीषिका के जरिये दिया पंजाबियों को बड़ा संदेश
भाजपा कुछ साल से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मना रही है। इस साल कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय रैली आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। यही नहीं मंच पर तमाम पंजाबी विधायक और बड़े चेहरे मौजूद रहे। साथ ही जिलास्तर पर विभाजन विभीषिका विषय पर संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।
भाजपा कुछ साल से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के रूप में मना रही है। इस साल कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय रैली आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। यही नहीं मंच पर तमाम पंजाबी विधायक और बड़े चेहरे मौजूद रहे। साथ ही जिलास्तर पर विभाजन विभीषिका विषय पर संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।
पंजाबी बाहुल्य सीटों पर कांग्रेस की नजर
पंजाबी सम्मेलन के जरिये कांग्रेस न केवल पंजाबियों को साधने की कवायद में जुटी है, बल्कि पंजाबी बाहुल्य सीटें कब्जाने की भी रणनीति तैयार कर रही है। करनाल में आयोजित पंजाबी सम्मेलन में करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पानीपत सहित यमुनानगर से कांग्रेस से जुड़े पंजाबी नेताओं ने एकजुटता का परिचय दिया। अब कांग्रेस रोहतक में सोनीपत, रोहतक, जींद व हांसी के पंजाबियों को साधेगी।
पंजाबी सम्मेलन के जरिये कांग्रेस न केवल पंजाबियों को साधने की कवायद में जुटी है, बल्कि पंजाबी बाहुल्य सीटें कब्जाने की भी रणनीति तैयार कर रही है। करनाल में आयोजित पंजाबी सम्मेलन में करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पानीपत सहित यमुनानगर से कांग्रेस से जुड़े पंजाबी नेताओं ने एकजुटता का परिचय दिया। अब कांग्रेस रोहतक में सोनीपत, रोहतक, जींद व हांसी के पंजाबियों को साधेगी।
नायब सैनी ने हुड्डा को घेरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में पंजाबियों को अत्याचार सहने पड़े। सैनी बोले हुड्डा और उनके बेटे पंजाबियों के बारे में कहते हैं कि ये हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाते। हुड्डा ने पंजाबियों को बाहरी बताकर उनका अपमान किया है। आरक्षण के दौरान भी पंजाबियों को नुकसान उठाना पड़ा था। कांग्रेस राज में केवल पंजाबियों को अत्याचार ही मिले हैं, लेकिन अब पंजाबी समुदाय चुप नहीं बैठेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में पंजाबियों को अत्याचार सहने पड़े। सैनी बोले हुड्डा और उनके बेटे पंजाबियों के बारे में कहते हैं कि ये हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाते। हुड्डा ने पंजाबियों को बाहरी बताकर उनका अपमान किया है। आरक्षण के दौरान भी पंजाबियों को नुकसान उठाना पड़ा था। कांग्रेस राज में केवल पंजाबियों को अत्याचार ही मिले हैं, लेकिन अब पंजाबी समुदाय चुप नहीं बैठेगा।