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Haryana: दमदार क्षेत्रीय नेताओं पर BJP-कांग्रेस का दारोमदार, टिकट वितरण से जीत दिलाने तक में इनकी अहम भूमिका
Mon, 26 Aug 2024 10:09 AM IST
शाहरुख खान
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Aug 2024 10:09 AM IST
सार
हरियाणा के दमदार क्षेत्रीय नेताओं पर भाजपा-कांग्रेस की जीत का दारोमदार है। दोनों दल क्षेत्रीय बड़े चेहरों पर ही दांव लगा रहे हैं। टिकट वितरण से लेकर प्रत्याशियों को जीत दिलाने तक में इन नेताओं को अहम भूमिका होगी।
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haryana assembly election 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। एक-दूसरे को मात देने के लिए चालें चली जा रही हैं, लेकिन पहली बार भाजपा और कांग्रेस में एक बात समान दिख रही है। दोनों ही दल हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों के दिग्गज नेताओं को पूरी तवज्जो दे रहे हैं।
हरियाणा की अलग-अलग छह बेल्टों में अलग-अलग नेताओं का प्रभाव है और दोनों दलों की जीत का दारोमदार क्षेत्रीय नेताओं पर रहेगा। छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा के अंदर ही मिट्टी, बोली और राजनीतिक दृष्टि से छह बेल्ट हैं।
ये जाटलैंड (देशवाली), बांगर, बागड़, नरदक, मेवात, अहीरवाल बेल्ट हैं। इन सभी बेल्टों की अलग-अलग खासियतें हैं और अलग-अलग बेल्ट में अलग अलग नेताओं का प्रभाव है। दोनों ही दल अपने इन्हीं स्थानीय नेताओं के प्रभाव इस्तेमाल करके सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना चाह रहे हैं। इन इलाकों में टिकट वितरण से लेकर प्रत्याशियों को जिताने तक की जिम्मेदारी इन नेताओं पर रहेगी।
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देशवाली : रोहतक, सोनीपत, झज्जर और पानीपत व हिसार का कुछ हिस्सा (जाट, पंजाबी बाहुल्य इलाके)
कांग्रेस की बात करें तो दो बार सीएम रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा का यूं तो प्रदेशभर में प्रभाव है, लेकिन रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिले को उनका गढ़ माना जाता है। पूर्व सीएम हुड्डा पर इस बेल्ट में कांग्रेस को बढ़त दिलाने की जिम्मेदारी है। वहीं, भाजपा को यहां अपने जाट नेता कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ से आस है।
कुल विधानसभा सीटें 23
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हरियाणा की अलग-अलग छह बेल्टों में अलग-अलग नेताओं का प्रभाव है और दोनों दलों की जीत का दारोमदार क्षेत्रीय नेताओं पर रहेगा। छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा के अंदर ही मिट्टी, बोली और राजनीतिक दृष्टि से छह बेल्ट हैं।
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ये जाटलैंड (देशवाली), बांगर, बागड़, नरदक, मेवात, अहीरवाल बेल्ट हैं। इन सभी बेल्टों की अलग-अलग खासियतें हैं और अलग-अलग बेल्ट में अलग अलग नेताओं का प्रभाव है। दोनों ही दल अपने इन्हीं स्थानीय नेताओं के प्रभाव इस्तेमाल करके सत्ता की कुर्सी तक पहुंचना चाह रहे हैं। इन इलाकों में टिकट वितरण से लेकर प्रत्याशियों को जिताने तक की जिम्मेदारी इन नेताओं पर रहेगी।
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देशवाली : रोहतक, सोनीपत, झज्जर और पानीपत व हिसार का कुछ हिस्सा (जाट, पंजाबी बाहुल्य इलाके)
कांग्रेस की बात करें तो दो बार सीएम रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा का यूं तो प्रदेशभर में प्रभाव है, लेकिन रोहतक, सोनीपत और झज्जर जिले को उनका गढ़ माना जाता है। पूर्व सीएम हुड्डा पर इस बेल्ट में कांग्रेस को बढ़त दिलाने की जिम्मेदारी है। वहीं, भाजपा को यहां अपने जाट नेता कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ से आस है।
कुल विधानसभा सीटें 23
| दल | विधानसभा सीटें |
| कांग्रेस | 14 |
| भाजपा | 7 |
| अन्य | 2 |
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बागड़ : सिरसा, फतेहाबाद और हिसार व भिवानी का कुछ हिस्सा (जाट, राजपूत, यादव और बिश्नोई बाहुल्य)
भाजपा को यहां पर पूर्व सीएम भजनलाल के परिवार और पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी से आस है। इनके अलावा पार्टी में जेपी दलाल और अशोक तंवर भी बड़े चेहरे हैं। कांग्रेस में कुमारी सैलजा, सांसद जयप्रकाश (जेपी) पर दारोमदार है। राजस्थान सीमा से लगते जिले सिरसा में चौधरी देवीलाल का प्रभाव रहा है।
कुल विधानसभा सीटें 19
भाजपा को यहां पर पूर्व सीएम भजनलाल के परिवार और पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी से आस है। इनके अलावा पार्टी में जेपी दलाल और अशोक तंवर भी बड़े चेहरे हैं। कांग्रेस में कुमारी सैलजा, सांसद जयप्रकाश (जेपी) पर दारोमदार है। राजस्थान सीमा से लगते जिले सिरसा में चौधरी देवीलाल का प्रभाव रहा है।
कुल विधानसभा सीटें 19
| दल | विधानसभा सीटें |
| भाजपा | आठ |
| कांग्रेस | चार |
| जजपा | चार |
| इनेलो | एक |
| अन्य | दो |
अहीरवाल: महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम का कुछ हिस्सा (यादव बाहुल्य, ब्राह्मण सैनी समाज भी अच्छी संख्या में)
दक्षिण हरियाणा की अहीरवाल बेल्ट में यादव समाज का बोलबाला है। भाजपा में यहां केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का दबदबा है। पिछले दो बार के चुनाव से उनका यहां पर पूरा दखल है और उनके कहने से कई नेताओं को टिकटें मिलीं तो कई की टिकटें कटी भी हैं। इनके अलावा भाजपा में रामबिलास शर्मा और सुधा यादव भी बड़े चेहरे हैं। उधर, कांग्रेस को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव और राव दान सिंह से आस है।
कुल विधानसभा सीटें 13
दक्षिण हरियाणा की अहीरवाल बेल्ट में यादव समाज का बोलबाला है। भाजपा में यहां केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का दबदबा है। पिछले दो बार के चुनाव से उनका यहां पर पूरा दखल है और उनके कहने से कई नेताओं को टिकटें मिलीं तो कई की टिकटें कटी भी हैं। इनके अलावा भाजपा में रामबिलास शर्मा और सुधा यादव भी बड़े चेहरे हैं। उधर, कांग्रेस को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव और राव दान सिंह से आस है।
कुल विधानसभा सीटें 13
| दल | विधानसभा सीटें |
| भाजपा | 10 |
| कांग्रेस | 2 |
| अन्य | 1 |
नरदक : पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल (पंजाबी, गुर्जर, वैशय समाज बाहुल्य)
भाजपा में यहां पर पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मौजूदा सीएम नायब सिंह बड़े चेहरे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज भी इसी बेल्ट से हैं। कांग्रेस में यहां सांसद कुमारी सैलजा, पूर्व मंत्री निर्मल सिंह दिग्गज नेता हैं। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा का भी अंबाला में खासा प्रभाव है और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना रखी है।
कुल विधानसभा सीटें 18
भाजपा में यहां पर पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मौजूदा सीएम नायब सिंह बड़े चेहरे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज भी इसी बेल्ट से हैं। कांग्रेस में यहां सांसद कुमारी सैलजा, पूर्व मंत्री निर्मल सिंह दिग्गज नेता हैं। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा का भी अंबाला में खासा प्रभाव है और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना रखी है।
कुल विधानसभा सीटें 18
| दल | विधानसभा सीटें |
| भाजपा | 9 |
| कांग्रेस | 6 |
| जजपा | 2 |
| अन्य | 1 |
मेवात-बृज क्षेत्र : नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल (मुस्लिम, गुर्जर, जाट बाहुल)
मेवात जिले की तीन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। आफताब अहमद, मामन खान और मोहम्मद इलियास कांग्रेस के बड़े चेहरे हैं। भाजपा यहां पर मजबूत स्थिति में नहीं है और यहां पर भाजपा के जाकिर हुसैन ही बड़ा चेहरा हैं। बृज क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें फरीदाबाद और पलवल जिले शामिल हैं। भाजपा में यहां केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का खासा प्रभाव है। कांग्रेस में पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल और महेंद्र प्रताप बड़े नेता हैं।
कुल विधानसभा सीटें 12
मेवात जिले की तीन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। आफताब अहमद, मामन खान और मोहम्मद इलियास कांग्रेस के बड़े चेहरे हैं। भाजपा यहां पर मजबूत स्थिति में नहीं है और यहां पर भाजपा के जाकिर हुसैन ही बड़ा चेहरा हैं। बृज क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें फरीदाबाद और पलवल जिले शामिल हैं। भाजपा में यहां केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का खासा प्रभाव है। कांग्रेस में पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल और महेंद्र प्रताप बड़े नेता हैं।
कुल विधानसभा सीटें 12
| दल | विधानसभा सीटें |
| भाजपा | 7 |
| कांग्रेस | 4 |
| अन्य | 1 |