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हरियाणा सरकार का झटका: गेस्ट टीचर्स को नहीं मिलेगा एचआरए, एलटीसी और शिक्षा भत्ता, ईपीएफ भी नहीं कटेगा

Fri, 10 Dec 2021 10:23 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 10 Dec 2021 10:23 AM IST
सार

सरकार सेवा नियमों के तहत गेस्ट टीचर्स को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए 40 हजार रुपये देगी। इसके लिए जीआईएस खाता खोला जाएगा। हर महीने सिर्फ एक हजार रुपये मेडिकल भत्ता मिलेगा। 

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Guest teachers will not get HRA, LTC and education allowance in Haryana 
सीएम मनोहर लाल। - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा सरकार 13 हजार से अधिक गेस्ट टीचर्स को बड़ा झटका देने जा रही है। इन्हें भविष्य में एचआरए, एलटीसी और शिक्षा भत्ता नहीं मिलेगा,न ही ईपीएफ कटेगा। इनके लिए बनाए गए सेवा नियमों में इन लाभों का प्रावधान नहीं किया गया है। सरकार ने विधि विभाग से सेवा नियमों की मंजूरी ले ली है। अब मंत्रिमंडल की मुहर लगना बाकी है।

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4 दिसंबर 2021 को सरकार की गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई है। जिसमें सेवा नियमों में किए गए प्रावधान को अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है। सरकार सेवा नियमों के तहत गेस्ट टीचर्स को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए 40 हजार रुपये देगी। इसके लिए जीआईएस खाता खोला जाएगा। हर महीने सिर्फ एक हजार रुपये मेडिकल भत्ता मिलेगा। 
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पुरुष गेस्ट टीचर्स के लिए 15 दिन के मातृत्व अवकाश का प्रावधान किया गया है। महिला शिक्षकों को पहले से मातृत्व अवकाश मिल रहा है। वेतन निर्धारण से सरकार फिलहाल पीछे हट गई है। जेबीटी, टीजीटी व पीजीटी गेस्ट टीचर्स का वेतन बढ़ाने पर सरकार तब विचार करेगी, जब ये हर महीने पक्के शिक्षकों के मूल वेतन के बराबर राशि पाने लगेंगे। कैशलेस मेडिकल सुविधा पर सरकार विचार कर रही है, जिसका पत्र अलग से जारी किया जाएगा। 
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सरकार ने इनकी सेवा सुरक्षा का कानून तो फरवरी 2019 में बना दिया था, लेकिन सेवा नियम अब तक लागू नहीं हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीते 9 सितंबर को गेस्ट टीचर्स के सेवा नियम बनाने व वेतन निर्धारण के लिए दो समितियां गठित की थीं। सेवा नियम बनाने की समिति की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल कर रहे हैं। इसमें सेकेंडरी शिक्षा निदेशक जे. गणेशन व मौलिक शिक्षा निदेशक अंशज सिंह शामिल हैं। इन्हें बीते 30 अक्तूबर तक रिपोर्ट सौंपनी थी। जिसे सरकार को अब सौंपा गया है। वेतन निर्धारण की समिति सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित है। सरकार के प्रावधानों से गेस्ट टीचर्स संतुष्ट नहीं हैं। 

वेतन निर्धारण के लिए सात माह से दो साल तक होंगे पात्र

जेबीटी को अभी 35 हजार, टीजीटी को 42 हजार व पीजीटी को 43 हजार 217 रुपये मिल रहे हैं। अभी जुलाई में मिलने वाला 3 प्रतिशत डीए लंबित है। सरकारी स्कूलों में 6000 जेबीटी, 6500 टीजीटी व 1200 से अधिक पीजीटी कार्यरत हैं। जेबीटी का वेतन सरकारी शिक्षकों के मूल वेतन के समान डेढ़ साल में, टीजीटी का दो साल और पीजीटी का जुलाई 2022 में होगा। तब इनका वेतन बढ़ाने के लिए सरकार सेवा सुरक्षा एक्ट के पैरा नंबर 4 में संशोधन करेगी।

विधायकों को खून से लिखेंगे पत्र

गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान पारस शर्मा ने कहा कि सरकार ने उनके मांग पत्र में शामिल मांगों को सेवा नियमों में जगह नहीं दी है। सेवानिवृत्ति पर वे खाली हाथ घर जाएंगे। जब कच्चे कर्मचारियों का ईपीएफ कट सकता है, तो उनका क्यों नहीं। मुख्यमंत्री के वादे को पूरा नहीं किया जा रहा। इसके विरोध में 11-12 दिसंबर को महिला गेस्ट टीचर्स के खून से विधायकों को पत्र लिखे जाएंगे। सीएम के ट्वीट की होली जलाई जाएगी। 19 दिसंबर को यमुनानगर में महारैली निकालकर शिक्षा मंत्री का पुतला जलाएंगे। 

गेस्ट टीचर्स के लिए सेवा नियम बना लिए गए हैं। सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल लेगा। -अंशज सिंह, निदेशक, मौलिक शिक्षा 

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