सरबत खालसा रोकने में सरकार ने झोंकी ताकत, हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
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सरकार ने पंथक संगठनों के प्रस्तावित सरबत खालसा को रोकने में पूरी ताकत लगा दी है। पंथक संगठनों का कहना है कि अब तक उनके डेढ़ हजार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। शनिवार देर रात पुलिस ने बरनाला में शिरोमणि अकाली दल (मान) के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान को रोकने की कोशिश की।
इस दौरान मान की पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी हुई। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में सरबत खालसा को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी है। जानकारी के मुताबिक सिमरनजीत सिंह मान अपने साथियों के साथ मीटिंग के बाद बठिंडा से लौट रहे थे।
तभी बरनाला में गांव घुन्नस के पास बठिंडा के थाना थर्मल प्लांट के एसएचओ जगजीत सिंह ने उन्हें रोक कर गिरफ्तार करने की कोशिश की। पुलिस के बर्ताव से मान भी तैश में आ गए और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई।
सोमवार को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई
समर्थकों ने बीच-बचाव किया। उसके बाद मान ने एसएसपी बठिंडा से फोन पर बात की तो उन्होंने ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार किया। फिर मान ने एसएसपी बरनाला से बात की। उन्होंने मौके पर टीम भेजी। जांच में पता चला कि बरनाला पुलिस के इलाके में बठिंडा की टीम कार्रवाई कर रही थी। इसके बाद एसएचओ को डीएसपी तपा के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने हटाए टेंट : दादूवाल
सरबत खालसा के प्रबंधक बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि पहले तो उन्हें सरबत खालसा के आयोजन के लिए जगह नहीं दी गई। एक जगह उन्होंने थोड़े टेंट लगाए थे, उसे भी पुलिस ने उखाड़ दिया है। वहां सारे इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है।
पुलिस पंथक नेताओं के घरों में दबिश दे रही है। अब तक उनके डेढ़ हजार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरबत खालसा के आयोजन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई सोमवार को होनी है।