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किसान, कर्मचारियों, युवाओं और घर खरीदने वालों के लिए सरकार ने खोले द्वार
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चंडीगढ़। 39.45 लाख करोड़ रुपये का यह बजट चार प्राथमिकताएं निर्धारित करता है। पीएम गतिशक्ति, समावेशी विकास (इंक्लूसिव डेवलपमेंट), उत्पादकता वृद्धि व निवेश और इन्वेस्टमेंट फाइनेंसिंग। पीएम गतिशक्ति सात इंजनों से चल रहा है। इसमें सड़कें, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, जन परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
इसी तरह समावेशी विकास में कृषि विकास, फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, शिक्षा विकास एवं स्वास्थ्य आदि पर फोकस किया गया है। उत्पादकता वृद्धि के लिए 1486 कानूनों को निरस्त करने, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस 2.0 लांच करने के साथ शहरी विकास एवं आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया गया है। इन्वेस्टमेंट फाइनेंसिंग को ध्यान में रखते हुए पूंजीगत व्यय में पिछले साल की अपेक्षा 35.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है।
केंद्रीय बजट 2022 जनता और सरकार के लिए एक नाजुक समय पर आया। इस समय पांच राज्यों में विस चुनाव हैं। साथ ही ओमिक्त्रसॅन, धीमा आर्थिक सुधार, राजकोषीय घाटा (6.4त्न), स्लो टैक्स कलेक्शन आदि की चुनौती है। इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव न होने से मध्य वर्ग जरूर निराश हुआ है। विशेषज्ञ यह मान कर चल रहे थे कि महंगाई और महामारी के चलते सरकार टैक्स स्लैब में कुछ राहत दे सकती है। दूसरी ओर सरकार ने किसानों, सरकारी कर्मचारियों, युवाओं और घर खरीदने वालों को खुश करने की कोशिश की है। पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के लिए 80 लाख मकानों का निर्माण पूरा किया जाना, युवाओं के लिए 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना, किसानों को एमएसपी के जरिए 2.3 लाख करोड़ रुपये देने का लक्ष्य रखा जाना और राष्ट्रीय राजमार्गों का 25 हजार किलोमीटर तक विस्तार करना वास्तव में अच्छे प्रस्ताव हैं, लेकिन यह अपने आप में चुनौती भी हैं।
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बात अर्थव्यवस्था की करें तो डॉलर के लिहाज से भारत की जीडीपी पहले ही 3 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुकी है। आर्थिक सर्वे 2022 ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के 8 से 8.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है, जबकि 2021-22 के लिए ग्रोथ रेट 9.2 त्न अनुमानित किया गया है। क्या यह बजट भारत को 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने का खाका है? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
-प्रो. मधुर महाजन, वरिष्ठ अर्थशास्त्री, एसडी कॉलेज
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फोटो सहित
सालाना 10 लाख तक आय वाले दो परिवारों से बातचीत
नाम : विपिन
निवास : सेक्टर-21 चंडीगढ़
व्यवसाय : बिजनेस
परिवार के सदस्य : 6
सबसे ज्यादा खर्चा : बच्चों की पढ़ाई, घरेलू सामान।
सालाना बचत : दो लाख रुपये
बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या खास : बजट कुछ बेहतर नहीं लगा। सरकार से जितनी उम्मीद थी कि वह हासिल नहीं हुई। पेट्रोल पर जीएसटी नहीं हटाई गई।
नाम - सुनील कथूरिया
निवास : सेक्टर-21 चंडीगढ़
व्यवसाय : नौकरी पेशा
परिवार के सदस्य : 7
सबसे ज्यादा खर्चा : घरेलू सामान, गाड़ियों के पेट्रोल व बच्चों की पढ़ाई।
सालाना बचत : दो से तीन लाख
बजट को कितने नंबर देते हैं : 6
बजट में क्या खास : बजट में ऐसा कुछ नहीं नया नहीं लगा। बजट समझ से परे रहा। व्यापारियों को राहत देने वाला बजट होना चाहिए था।
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सालाना आय 15 लाख रुपये तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : शोभना पठानिया
निवास : चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी नौकरी
परिवार में सदस्य : 2
सबसे ज्यादा खर्च : रोजमर्रा की जरूरतों पर हो रहा।
सालाना बचत : 5 लाख रुपये
इस बजट को कितने नंबर : 8
बजट में क्या रहा खास : बजट की कमियों पर बात करने की बजाय एक स्वास्थ्यकर्मी होने के नाते महामारी के दौर में मेंटल हेल्थ को लेकर की गई घोषणा से बेहद संतुष्ट हूं। मौजूदा समय में इसकी जरूरत देश के हर वर्ग के लोगों को है।
नाम : बबलू कुमार
निवास : चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी नौकरी
परिवार में सदस्य : 3
सबसे ज्यादा खर्च : बच्चे की पढ़ाई और रोजमर्रा की चीजों पर
सालाना बचत : कुछ नहीं
इस बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या रहा खास : यह बजट खास लोगों के लिए खास और आम लोगों के लिए आम ही रहा। नौकरी पेशा के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई है। रोजमर्रा की जरूरतों में रियायत की दरकार थी, लेकिन उसमें भी निराशा ही हाथ लगी है।
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20 लाख रुपये सालाना आय तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : जसमीत कौर
निवास : सेक्टर 27, चंडीगढ़
व्यवसाय : अबेकस फ्रेंचाइजी
परिवार में सदस्य : 3
सबसे ज्यादा खर्चा : घरेलू खर्चे, डीजल-पेट्रोल, बच्चों की शिक्षा
सालाना बचत : कोरोना के चलते कोई खास बचत नहीं
बजट को 10 में से कितने नंबर देंगे : 8
बजट में क्या खास : इस बार बजट में देश के युवाओं और महिलाओं की महत्वता बढ़ाई गई है। सरकारी योजनाओं से गरीबी हटाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। देश की नींव मजबूत होगी, तब ही देश मजबूत होगा।
नाम : कमल शेरॉन
निवास : सेक्टर-28,चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी कर्मचारी
परिवार में सदस्य : 6
सबसे ज्यादा खर्चा : रोजाना के घरेलू खर्चे, बच्चों की शिक्षा
सालाना बचत- खर्चे और टैक्स कटने के बाद कुछ नहीं बच पाता
बजट को कितने नंबर देंगे : संतुष्ट नहीं कोई नंबर नहीं
बजट में क्या खास : टैक्स स्लैब में कोई लिमिट नहीं बढ़ाई है। मुझे इस बजट से कोई संतुष्टि नहीं मिली है।
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25 लाख रुपये सालाना आय तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : जेके बेदी
निवास : सेक्टर-40 चंडीगढ़
व्यवसाय : रियल एस्टेट
परिवार में सदस्य : 5
सबसे ज्यादा खर्च : जरूरतमंद छात्रों व परिवारों की मदद के साथ ट्रैवलिंग पर।
सालाना बचत : 10 लाख रुपये
इस बजट को कितने नंबर : 8
बजट में क्या रहा खास : केंद्र सरकार ने कोई टैक्स नहीं बढ़ाया। सुविधा मिलीं है, इससे बेहतर होगा। महंगाई रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया है।
नाम : राणा करणवीर सिंह
निवास : सेक्टर 45 चंडीगढ़
व्यवसाय : बिजनेसमैन
परिवार में सदस्य : 4
सबसे ज्यादा खर्च : जरूरतमंद छात्रों व परिवारों की मदद के साथ ट्रैवलिंग पर 12 लाख खर्च।
सालाना बचत : 8-9 लाख रुपये वार्षिक
इस बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या रहा खास : केंद्र सरकार का सभी को मकान देने का वादा बहुत अच्छा है। महंगाई पर कोई रोक नहीं लगाई, यह ठीक नहीं है। इस पर नियंत्रण जरूरी है। टैक्स में छूट नहीं मिलने से निराशा हुई।
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इसी तरह समावेशी विकास में कृषि विकास, फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, शिक्षा विकास एवं स्वास्थ्य आदि पर फोकस किया गया है। उत्पादकता वृद्धि के लिए 1486 कानूनों को निरस्त करने, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस 2.0 लांच करने के साथ शहरी विकास एवं आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया गया है। इन्वेस्टमेंट फाइनेंसिंग को ध्यान में रखते हुए पूंजीगत व्यय में पिछले साल की अपेक्षा 35.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है।
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केंद्रीय बजट 2022 जनता और सरकार के लिए एक नाजुक समय पर आया। इस समय पांच राज्यों में विस चुनाव हैं। साथ ही ओमिक्त्रसॅन, धीमा आर्थिक सुधार, राजकोषीय घाटा (6.4त्न), स्लो टैक्स कलेक्शन आदि की चुनौती है। इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव न होने से मध्य वर्ग जरूर निराश हुआ है। विशेषज्ञ यह मान कर चल रहे थे कि महंगाई और महामारी के चलते सरकार टैक्स स्लैब में कुछ राहत दे सकती है। दूसरी ओर सरकार ने किसानों, सरकारी कर्मचारियों, युवाओं और घर खरीदने वालों को खुश करने की कोशिश की है। पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के लिए 80 लाख मकानों का निर्माण पूरा किया जाना, युवाओं के लिए 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना, किसानों को एमएसपी के जरिए 2.3 लाख करोड़ रुपये देने का लक्ष्य रखा जाना और राष्ट्रीय राजमार्गों का 25 हजार किलोमीटर तक विस्तार करना वास्तव में अच्छे प्रस्ताव हैं, लेकिन यह अपने आप में चुनौती भी हैं।
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बात अर्थव्यवस्था की करें तो डॉलर के लिहाज से भारत की जीडीपी पहले ही 3 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुकी है। आर्थिक सर्वे 2022 ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के 8 से 8.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है, जबकि 2021-22 के लिए ग्रोथ रेट 9.2 त्न अनुमानित किया गया है। क्या यह बजट भारत को 2026 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने का खाका है? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
-प्रो. मधुर महाजन, वरिष्ठ अर्थशास्त्री, एसडी कॉलेज
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फोटो सहित
सालाना 10 लाख तक आय वाले दो परिवारों से बातचीत
नाम : विपिन
निवास : सेक्टर-21 चंडीगढ़
व्यवसाय : बिजनेस
परिवार के सदस्य : 6
सबसे ज्यादा खर्चा : बच्चों की पढ़ाई, घरेलू सामान।
सालाना बचत : दो लाख रुपये
बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या खास : बजट कुछ बेहतर नहीं लगा। सरकार से जितनी उम्मीद थी कि वह हासिल नहीं हुई। पेट्रोल पर जीएसटी नहीं हटाई गई।
नाम - सुनील कथूरिया
निवास : सेक्टर-21 चंडीगढ़
व्यवसाय : नौकरी पेशा
परिवार के सदस्य : 7
सबसे ज्यादा खर्चा : घरेलू सामान, गाड़ियों के पेट्रोल व बच्चों की पढ़ाई।
सालाना बचत : दो से तीन लाख
बजट को कितने नंबर देते हैं : 6
बजट में क्या खास : बजट में ऐसा कुछ नहीं नया नहीं लगा। बजट समझ से परे रहा। व्यापारियों को राहत देने वाला बजट होना चाहिए था।
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सालाना आय 15 लाख रुपये तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : शोभना पठानिया
निवास : चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी नौकरी
परिवार में सदस्य : 2
सबसे ज्यादा खर्च : रोजमर्रा की जरूरतों पर हो रहा।
सालाना बचत : 5 लाख रुपये
इस बजट को कितने नंबर : 8
बजट में क्या रहा खास : बजट की कमियों पर बात करने की बजाय एक स्वास्थ्यकर्मी होने के नाते महामारी के दौर में मेंटल हेल्थ को लेकर की गई घोषणा से बेहद संतुष्ट हूं। मौजूदा समय में इसकी जरूरत देश के हर वर्ग के लोगों को है।
नाम : बबलू कुमार
निवास : चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी नौकरी
परिवार में सदस्य : 3
सबसे ज्यादा खर्च : बच्चे की पढ़ाई और रोजमर्रा की चीजों पर
सालाना बचत : कुछ नहीं
इस बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या रहा खास : यह बजट खास लोगों के लिए खास और आम लोगों के लिए आम ही रहा। नौकरी पेशा के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की गई है। रोजमर्रा की जरूरतों में रियायत की दरकार थी, लेकिन उसमें भी निराशा ही हाथ लगी है।
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20 लाख रुपये सालाना आय तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : जसमीत कौर
निवास : सेक्टर 27, चंडीगढ़
व्यवसाय : अबेकस फ्रेंचाइजी
परिवार में सदस्य : 3
सबसे ज्यादा खर्चा : घरेलू खर्चे, डीजल-पेट्रोल, बच्चों की शिक्षा
सालाना बचत : कोरोना के चलते कोई खास बचत नहीं
बजट को 10 में से कितने नंबर देंगे : 8
बजट में क्या खास : इस बार बजट में देश के युवाओं और महिलाओं की महत्वता बढ़ाई गई है। सरकारी योजनाओं से गरीबी हटाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। देश की नींव मजबूत होगी, तब ही देश मजबूत होगा।
नाम : कमल शेरॉन
निवास : सेक्टर-28,चंडीगढ़
व्यवसाय : सरकारी कर्मचारी
परिवार में सदस्य : 6
सबसे ज्यादा खर्चा : रोजाना के घरेलू खर्चे, बच्चों की शिक्षा
सालाना बचत- खर्चे और टैक्स कटने के बाद कुछ नहीं बच पाता
बजट को कितने नंबर देंगे : संतुष्ट नहीं कोई नंबर नहीं
बजट में क्या खास : टैक्स स्लैब में कोई लिमिट नहीं बढ़ाई है। मुझे इस बजट से कोई संतुष्टि नहीं मिली है।
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25 लाख रुपये सालाना आय तक के दो परिवारों से बातचीत
नाम : जेके बेदी
निवास : सेक्टर-40 चंडीगढ़
व्यवसाय : रियल एस्टेट
परिवार में सदस्य : 5
सबसे ज्यादा खर्च : जरूरतमंद छात्रों व परिवारों की मदद के साथ ट्रैवलिंग पर।
सालाना बचत : 10 लाख रुपये
इस बजट को कितने नंबर : 8
बजट में क्या रहा खास : केंद्र सरकार ने कोई टैक्स नहीं बढ़ाया। सुविधा मिलीं है, इससे बेहतर होगा। महंगाई रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया है।
नाम : राणा करणवीर सिंह
निवास : सेक्टर 45 चंडीगढ़
व्यवसाय : बिजनेसमैन
परिवार में सदस्य : 4
सबसे ज्यादा खर्च : जरूरतमंद छात्रों व परिवारों की मदद के साथ ट्रैवलिंग पर 12 लाख खर्च।
सालाना बचत : 8-9 लाख रुपये वार्षिक
इस बजट को कितने नंबर : 5
बजट में क्या रहा खास : केंद्र सरकार का सभी को मकान देने का वादा बहुत अच्छा है। महंगाई पर कोई रोक नहीं लगाई, यह ठीक नहीं है। इस पर नियंत्रण जरूरी है। टैक्स में छूट नहीं मिलने से निराशा हुई।