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शादी, घर के लिए सरकार देगी ज्यादा कर्ज, लेकिन सिर्फ इन लोगों को ही मिलेगा फायदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Jul 2018 09:28 AM IST
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शादी, घर आदि के लिए सरकार अब ज्यादा कर्ज मुहैया करवाएगी। लेकिन इसका लाभ सिर्फ हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को मिलेगा। हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी सुविधा देते हुए ऋण राशि की सीमा बढ़ा दी है। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के अनुसार सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अपने कर्मचारियों के लिए भवन निर्माण ऋण (एचबीए), विवाह ऋण, वाहन ऋण और कंप्यूटर ऋण जैसे विभिन्न प्रकार के ऋण राशि की सीमा बढ़ाई है।
वित्तमंत्री ने बताया कि अब कर्मचारी मकान के निर्माण या सरकारी एजेंसी या किसी अन्य पंजीकृत सोसायटी या निजी स्रोत के माध्यम से आवंटित या निर्मित मकान की खरीद के लिए अपने 34 महीनों का मूल वेतन या अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी कम हो, ऋण के रूप में लेने के पात्र होंगे, जबकि पहले कर्मचारियों को 40 महीने का मूल वेतन या अधिकतम 15 लाख रुपये ऋण के रूप में दिये जाते थे।
प्लाट की खरीद के लिए कर्मचारी भवन निर्माण ऋण की कुल स्वीकार्य राशि का 60 प्रतिशत यानी 20 महीने का मूल वेतन या अधिकतम 15 लाख रुपये और उसी प्लाट पर मकान के निर्माण के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये का ऋण ले सकते हैं जबकि पहले कर्मचारियों को प्लाट की खरीद के लिए नौ लाख रुपये का ऋण मिलता था। मकान के विस्तार और मरम्मत के लिए दस मास के मूल वेतन के बराबर राशि या अधिकतम पांच लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा।
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वित्त मंत्री ने बताया कि अब कर्मचारी अपने पुत्र, पुत्री, आश्रित बहनों या स्वयं के विवाह के लिए अपने 10 मास का मूल वेतन या अधिकतम तीन लाख रुपये, जो भी कम हो, विवाह ऋण के रूप में लेने के पात्र होंगे जबकि पहले कर्मचारियों को दस मास का मूल वेतन या अधिकतम 1.25 लाख रुपये का विवाह ऋण दिया जाता था। अब विवाह ऋण केवल दो बार दिया जाएगा।
वाहन ऋण के तहत 45,000 रुपये या इससे अधिक का संशोधित वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारी मोटर कार ऋण लेने के पात्र होंगे जबकि पहले 18,000 रुपये या इससे अधिक का संशोधित वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारी मोटर कार ऋण लेने के पात्र रहे। कंप्यूटर या लैपटाप की खरीद के लिए कर्मचारी 50,000 रुपये या वास्तविक मूल्य के बराबर ऋण ले सकेंगे।
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वित्तमंत्री ने बताया कि अब कर्मचारी मकान के निर्माण या सरकारी एजेंसी या किसी अन्य पंजीकृत सोसायटी या निजी स्रोत के माध्यम से आवंटित या निर्मित मकान की खरीद के लिए अपने 34 महीनों का मूल वेतन या अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी कम हो, ऋण के रूप में लेने के पात्र होंगे, जबकि पहले कर्मचारियों को 40 महीने का मूल वेतन या अधिकतम 15 लाख रुपये ऋण के रूप में दिये जाते थे।
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प्लाट की खरीद के लिए कर्मचारी भवन निर्माण ऋण की कुल स्वीकार्य राशि का 60 प्रतिशत यानी 20 महीने का मूल वेतन या अधिकतम 15 लाख रुपये और उसी प्लाट पर मकान के निर्माण के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये का ऋण ले सकते हैं जबकि पहले कर्मचारियों को प्लाट की खरीद के लिए नौ लाख रुपये का ऋण मिलता था। मकान के विस्तार और मरम्मत के लिए दस मास के मूल वेतन के बराबर राशि या अधिकतम पांच लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा।
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वित्त मंत्री ने बताया कि अब कर्मचारी अपने पुत्र, पुत्री, आश्रित बहनों या स्वयं के विवाह के लिए अपने 10 मास का मूल वेतन या अधिकतम तीन लाख रुपये, जो भी कम हो, विवाह ऋण के रूप में लेने के पात्र होंगे जबकि पहले कर्मचारियों को दस मास का मूल वेतन या अधिकतम 1.25 लाख रुपये का विवाह ऋण दिया जाता था। अब विवाह ऋण केवल दो बार दिया जाएगा।
वाहन ऋण के तहत 45,000 रुपये या इससे अधिक का संशोधित वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारी मोटर कार ऋण लेने के पात्र होंगे जबकि पहले 18,000 रुपये या इससे अधिक का संशोधित वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारी मोटर कार ऋण लेने के पात्र रहे। कंप्यूटर या लैपटाप की खरीद के लिए कर्मचारी 50,000 रुपये या वास्तविक मूल्य के बराबर ऋण ले सकेंगे।