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18000 पदों पर बंपर भर्ती, 5 नई शर्तों के साथ होगी परीक्षा, एक नियम झटका देगा, यहां पढ़ें डिटेल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 27 Aug 2018 03:42 PM IST
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ग्रुप डी के 18000 पदों पर बंपर भर्ती हो रही है, लेकिन इसके लिए आवेदकों को कई शर्तें पूरी करनी होंगी। भर्ती के नियम कड़े कर दिए गए हैं, इन्हें पूरा करके ही एग्जाम दे पाएंगे।
हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी के 18 हजार से अधिक पद भरने की अधिसूचना जारी करने के साथ ही कायदे-कानून कड़े कर दिए हैं। आवेदकों को 90 अंक की लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इसके अलावा आवेदक अगर सामाजिक -आर्थिक प्रमाण पत्र की परिधि के दायरे में आता है तो उसे वह भी प्रस्तुत करना पड़ेगा। अनुभव अगर पूर्व में किसी विभाग में कच्ची नौकरी का है तो उसका प्रमाण पत्र देना भी जरूरी है। सामाजिक-आर्थिक व अनुभव प्रमाण पत्रों के कुल दस अंक निर्धारित किए गए हैं। जिसके पास जितना अधिक अनुभव और निर्धारित श्रेणियों के प्रमाण पत्र होंगे, उसे दस में से उतने ज्यादा अंक मिलेंगे। सरकार ने फर्जीवाड़े की आशंका को खत्म करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, डीसी, बोर्ड-निगमों के सीए-प्रबंध निदेशकों, यूनिवर्सिटी व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ग्रुप डी के आवेदकों के प्रमाण पत्रों के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर दिए जाने वाले हल्फनामों की गहनता से जांच की जाए। अगर कोई आवेदक गलत हल्फनामे के आधार पर नौकरी पा लेता है, और विभागाध्यक्ष को उसकी जानकारी मिलती है तो जांच की जाए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए। इसके साथ ही कर्मचारी पर आपराधिक मामला भी दर्ज कराएं। सभी विभाग इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि भर्तियों में हर तरह की धांधली खत्म हो सके।
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प्रमाण पत्र को पंचायत सदस्य से लेकर एमपी-एमएलए कर सकेंगे सत्यापित
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सामाजिक आर्थिक व अनुभव प्रमाण जारी करने के अलावा सत्यपान प्राधिकारियों की सूची भी जारी कर दी गई है। अनाथ होने का प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विधवा प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विमुक्त और टपरीवास जाति का प्रमाण पत्र राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रारूप अनुसार मिलेगा। अनुभव प्रमाण पत्र संबंधित विभाग का मुखिया देगा। आवेदक बेरोजगार होने का स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा।
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हरियाणा सरकार ने ग्रुप डी के 18 हजार से अधिक पद भरने की अधिसूचना जारी करने के साथ ही कायदे-कानून कड़े कर दिए हैं। आवेदकों को 90 अंक की लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इसके अलावा आवेदक अगर सामाजिक -आर्थिक प्रमाण पत्र की परिधि के दायरे में आता है तो उसे वह भी प्रस्तुत करना पड़ेगा। अनुभव अगर पूर्व में किसी विभाग में कच्ची नौकरी का है तो उसका प्रमाण पत्र देना भी जरूरी है। सामाजिक-आर्थिक व अनुभव प्रमाण पत्रों के कुल दस अंक निर्धारित किए गए हैं। जिसके पास जितना अधिक अनुभव और निर्धारित श्रेणियों के प्रमाण पत्र होंगे, उसे दस में से उतने ज्यादा अंक मिलेंगे। सरकार ने फर्जीवाड़े की आशंका को खत्म करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
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सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों, डीसी, बोर्ड-निगमों के सीए-प्रबंध निदेशकों, यूनिवर्सिटी व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ग्रुप डी के आवेदकों के प्रमाण पत्रों के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर दिए जाने वाले हल्फनामों की गहनता से जांच की जाए। अगर कोई आवेदक गलत हल्फनामे के आधार पर नौकरी पा लेता है, और विभागाध्यक्ष को उसकी जानकारी मिलती है तो जांच की जाए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए। इसके साथ ही कर्मचारी पर आपराधिक मामला भी दर्ज कराएं। सभी विभाग इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि भर्तियों में हर तरह की धांधली खत्म हो सके।
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प्रमाण पत्र को पंचायत सदस्य से लेकर एमपी-एमएलए कर सकेंगे सत्यापित
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सामाजिक आर्थिक व अनुभव प्रमाण जारी करने के अलावा सत्यपान प्राधिकारियों की सूची भी जारी कर दी गई है। अनाथ होने का प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विधवा प्रमाण पत्र को संबंधित क्षेत्र के पंचायत सदस्य, प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक सत्यापित कर सकेंगे। इसे नायब तहसीलदार व तहसीलदार की ओर से जारी किया जाएगा। विमुक्त और टपरीवास जाति का प्रमाण पत्र राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रारूप अनुसार मिलेगा। अनुभव प्रमाण पत्र संबंधित विभाग का मुखिया देगा। आवेदक बेरोजगार होने का स्वप्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा।
वर्टिकल और हॉरिजोंटल आरक्षण दिया जाएगा
कॉलेज स्टूडेंट्स
दरअसल, भर्ती करते समय सरकार वर्टिकल और हॉरिजोंटल आरक्षण देते हुए भर्ती अभियान चलाएगी। इसके लिए सरकार ने सभी विभागों को कर्मचारी चयन आयोग को भेजी जाने वाली मांग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। ऐसे मिलेगा वर्टिकल आरक्षण- मान लीजिए कि किसी काडर में 100 पद हैं, तो उसमें एससी, बीसीए और बीसीबी श्रेणी के लिए 20, 16 और 11 प्रतिशत आरक्षण होगा। यदि कुल 69 पद हैं, तो वहां 13 पद एससी श्रेणी के लिए आरक्षित होंगे। जबकि बीसीए और बीसीबी के लिए रोस्टर प्वाइंट के अनुसार 11 व 7 पदों की गणना होगी।
हॉरिजोंटल आरक्षण का यह रहेगा पैमाना
हॉरिजोंटल आरक्षण में ईएसएम, ईएसपी, पीडब्लयूडी, स्वतंत्रता सेनानी की श्रेणियां हैं। उन्होंने बताया कि हॉरिजोंटल आरक्षण में ईएसएम श्रेणी है, जिसे आगे सामान्य व अनारक्षित के लिए 7 प्रतिशत, एससी के लिए 2 प्रतिशत, बीसीए के लिए 2 प्रतिशत और बीसीबी के लिए 3 प्रतिशत में बांटा गया है। ईएसएम के लिए रोस्टर प्वाइंट उपलब्ध हैं। हॉरिजोंटल आरक्षण संबंधित वर्टिकल आरक्षण का भाग है, जिसमें साफ कहा गया है कि यह अभिभावकों की श्रेणी में शामिल है और किसी भी प्रकार से इसे वर्टिकल आरक्षण के तौर पर लिया नहीं जा सकता।
यदि कोई ईएसएम आवेदक बिना किसी छूट के मैरिट पर चयनित होता है तो उसे रोस्टर प्वाइंट के हॉरिजोंटल आरक्षण के तहत लिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर इस श्रेणी में एससी के लिए 20 पद आरक्षित हैं, जिसमें ईएसएम (एससी) के लिए दो पद होंगे जबकि ईएसएम (एससी) का एक पद मैरिट के आधार पर चयनित होगा, तब एक आवेदक का नाम मैरिट सूची के एससी उम्मीदवार की श्रेणी से हटाया जाएगा और ईएसएम (एससी) में जोड़ा जाएगा। यदि उपयुक्त ईएसएम उम्मीदवार नहीं मिलता है तो ईएसएम के आश्रितों पर विचार किया जाएगा।
पात्र खिलाड़ियों के लिए भी हॉरिजोंटल आरक्षण
पात्र खिलाड़ियों के लिए भी हॉरिजोंटल आरक्षण है, जिसे आगे सामान्य व अनारक्षित के लिए 5 प्रतिशत, एससी के लिए 2 प्रतिशत, बीसीए के लिए 2 प्रतिशत और बीसीबी के लिए 1 प्रतिशत में बांटा गया है। ग्रुप-डी में दिव्यांगों के लिए भी 4 प्रतिशत का आरक्षण है, जिसे आगे नहीं बांटा गया है। यदि कोई दिव्यांग सामान्य श्रेणी के खाली पद के विरुद्ध चयनित होता है तो उसे दिव्यांग कोटा में नहीं माना जाएगा। उसे सामान्य व अनारक्षित के तौर पर माना जाएगा। ऐसे मामलों में 4 प्रतिशत आरक्षण का कोटा रहेगा और कोटे को शेष मैरिट के आधार पर भरा जाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों व नाती-पोतों इत्यादि के लिए 2 प्रतिशत का आरक्षण है और इस श्रेणी को आगे नहीं बांटा गया है। बैकलॉग एससी और बीसी में तभी लागू होगा जब आरक्षण वर्टिकल में चल रहा है और पदानुसार है।
हॉरिजोंटल आरक्षण का यह रहेगा पैमाना
हॉरिजोंटल आरक्षण में ईएसएम, ईएसपी, पीडब्लयूडी, स्वतंत्रता सेनानी की श्रेणियां हैं। उन्होंने बताया कि हॉरिजोंटल आरक्षण में ईएसएम श्रेणी है, जिसे आगे सामान्य व अनारक्षित के लिए 7 प्रतिशत, एससी के लिए 2 प्रतिशत, बीसीए के लिए 2 प्रतिशत और बीसीबी के लिए 3 प्रतिशत में बांटा गया है। ईएसएम के लिए रोस्टर प्वाइंट उपलब्ध हैं। हॉरिजोंटल आरक्षण संबंधित वर्टिकल आरक्षण का भाग है, जिसमें साफ कहा गया है कि यह अभिभावकों की श्रेणी में शामिल है और किसी भी प्रकार से इसे वर्टिकल आरक्षण के तौर पर लिया नहीं जा सकता।
यदि कोई ईएसएम आवेदक बिना किसी छूट के मैरिट पर चयनित होता है तो उसे रोस्टर प्वाइंट के हॉरिजोंटल आरक्षण के तहत लिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर इस श्रेणी में एससी के लिए 20 पद आरक्षित हैं, जिसमें ईएसएम (एससी) के लिए दो पद होंगे जबकि ईएसएम (एससी) का एक पद मैरिट के आधार पर चयनित होगा, तब एक आवेदक का नाम मैरिट सूची के एससी उम्मीदवार की श्रेणी से हटाया जाएगा और ईएसएम (एससी) में जोड़ा जाएगा। यदि उपयुक्त ईएसएम उम्मीदवार नहीं मिलता है तो ईएसएम के आश्रितों पर विचार किया जाएगा।
पात्र खिलाड़ियों के लिए भी हॉरिजोंटल आरक्षण
पात्र खिलाड़ियों के लिए भी हॉरिजोंटल आरक्षण है, जिसे आगे सामान्य व अनारक्षित के लिए 5 प्रतिशत, एससी के लिए 2 प्रतिशत, बीसीए के लिए 2 प्रतिशत और बीसीबी के लिए 1 प्रतिशत में बांटा गया है। ग्रुप-डी में दिव्यांगों के लिए भी 4 प्रतिशत का आरक्षण है, जिसे आगे नहीं बांटा गया है। यदि कोई दिव्यांग सामान्य श्रेणी के खाली पद के विरुद्ध चयनित होता है तो उसे दिव्यांग कोटा में नहीं माना जाएगा। उसे सामान्य व अनारक्षित के तौर पर माना जाएगा। ऐसे मामलों में 4 प्रतिशत आरक्षण का कोटा रहेगा और कोटे को शेष मैरिट के आधार पर भरा जाएगा। स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों व नाती-पोतों इत्यादि के लिए 2 प्रतिशत का आरक्षण है और इस श्रेणी को आगे नहीं बांटा गया है। बैकलॉग एससी और बीसी में तभी लागू होगा जब आरक्षण वर्टिकल में चल रहा है और पदानुसार है।
दिव्यांगों को भर्ती में मिलेगा आरक्षण
कॉलेज स्टूडेंट्स
हरियाणा सरकार ने अब विभिन्न श्रेणी के दिव्यांगों की सुध लेते हुए उन्हें भर्तियों में आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह मामला पिछले काफी समय से लटका हुआ था। हरियाणा सरकार की ग्रुप ए, बी, सी, डी श्रेणी के खाली पदों पर सीधी भर्ती में दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने बुधवार को इस बाबत नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन निर्देशों के जारी होने के बाद इससे संबंधित पूर्व के निर्देश प्रभावी नहीं होंगे। आरक्षण देने के लिए सरकार ने दिव्यांगों की पांच श्रेणियां निर्धारित की हैं। सीधी भर्ती में दिव्यांगों को नेत्रहीनता व लो विजन, होने पर एक प्रतिशत, मूक एवं बधिरों को भी एक प्रतिशत, चलने में असमर्थ, मंदबुद्धि, तेजाब पीड़ितों, कुष्ठरोग पीड़ित, बौनों को भी एक प्रतिशत भर्ती में आरक्षण मिलेगा।
जबकि स्वलीनता, कम बुद्धि वाले, मानसिक रोगी और कम याददाश्त वाले और विभिन्न तरह के दिव्यांगों को आधा-आधा प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इन पांच श्रेणियों में खाली पदों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजें और हर तीन साल के भीतर खाली पदों की समीक्षा कर उन्हें भरना होगा।
इसी के तहत अब विभिन्न विभागों में इससे संबंधित बैकलॉग की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। ताकि इन दिव्यांगों को उक्त पॉलिसी के तहत इन पदों पर आसीन किया जा सके। उल्लेखनीय है अपनी इस मांग को लेकर प्रदेशभर के दिव्यांग काफी समय से आंदोलनरत थे और सरकार से इस पॉलिसी को सिरे चढ़ाने की मांग कर रहे थे।
इन निर्देशों के जारी होने के बाद इससे संबंधित पूर्व के निर्देश प्रभावी नहीं होंगे। आरक्षण देने के लिए सरकार ने दिव्यांगों की पांच श्रेणियां निर्धारित की हैं। सीधी भर्ती में दिव्यांगों को नेत्रहीनता व लो विजन, होने पर एक प्रतिशत, मूक एवं बधिरों को भी एक प्रतिशत, चलने में असमर्थ, मंदबुद्धि, तेजाब पीड़ितों, कुष्ठरोग पीड़ित, बौनों को भी एक प्रतिशत भर्ती में आरक्षण मिलेगा।
जबकि स्वलीनता, कम बुद्धि वाले, मानसिक रोगी और कम याददाश्त वाले और विभिन्न तरह के दिव्यांगों को आधा-आधा प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इन पांच श्रेणियों में खाली पदों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजें और हर तीन साल के भीतर खाली पदों की समीक्षा कर उन्हें भरना होगा।
इसी के तहत अब विभिन्न विभागों में इससे संबंधित बैकलॉग की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। ताकि इन दिव्यांगों को उक्त पॉलिसी के तहत इन पदों पर आसीन किया जा सके। उल्लेखनीय है अपनी इस मांग को लेकर प्रदेशभर के दिव्यांग काफी समय से आंदोलनरत थे और सरकार से इस पॉलिसी को सिरे चढ़ाने की मांग कर रहे थे।
सरकारी नौकरी में रिश्तेदार, तो मिलेंगे अतिरिक्त अंक
कॉलेज स्टूडेंट्स
दरअसल हरियाणा में अब यदि किसी आवेदक के रिश्तेदार सरकारी नौकरी में नहीं है, तो उसे ग्रुप सी और डी की नौकरी के लिए पांच प्रतिशत अंक मिलेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस आशय की एक अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के तहत हरियाणा में ग्रुप सी और डी पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन और नामों की सिफारिश लिखित परीक्षा, अनुभव तथा सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के आधार पर की जाएगी।
अब लिखित परीक्षा 90 अंकों की होगी और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों व अनुभव के लिए अधिकतम दस अंक होंगे। अधिसूचना के तहत यदि आवेदक के पिता, माता, पति या पत्नी, भाइयों, बहनों, बेटों और बेटियों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग या प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है, तो उसे पांच अंक दिए जाएंगे।
यदि आवेदक विधवा है, प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु 42 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो गई है। यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके 15 वर्ष का होने से पहले ही पिता की मृत्यु हो गई है, तो भी उसे पांच अंक दिए जाएंगे। यदि आवेदक हरियाणा की ऐसी अन अधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति या टपरीवास जाति) या हरियाणा की घुमंतू जनजाति से संबंध रखता है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है, तो उसे भी पांच अंक दिए जाएंगे।
इसी प्रकार अनुभव के लिए अधिकतम पांच अंक रखे गए हैं। हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग, प्राधिकरण में समान या उच्चतर पद पर अधिकतम 16 वर्षों में से अनुभव के प्रत्येक वर्ष या छह माह से अधिक के उसके भाग के लिए आधा ( 0.5) अंक होगा। छह महीनों से कम किसी भी अवधि के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में दस से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।
इसके अलावा, लिपिक के पद के लिए कंप्यूटर एप्रीशिएशन तथा एप्लीकेशन में राज्य पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी। बता दें कि तृतीय श्रेणी में पुलिस कर्मी, चालक, परिचालक, पटरवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी शिक्षक व अन्य कर्मी आते हैं। चतुर्थ श्रेणी में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदारी, सफाई कर्मी इत्यादि शामिल हैं।
अब लिखित परीक्षा 90 अंकों की होगी और सामाजिक-आर्थिक मानदंडों व अनुभव के लिए अधिकतम दस अंक होंगे। अधिसूचना के तहत यदि आवेदक के पिता, माता, पति या पत्नी, भाइयों, बहनों, बेटों और बेटियों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग या प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है, तो उसे पांच अंक दिए जाएंगे।
यदि आवेदक विधवा है, प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु 42 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो गई है। यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके 15 वर्ष का होने से पहले ही पिता की मृत्यु हो गई है, तो भी उसे पांच अंक दिए जाएंगे। यदि आवेदक हरियाणा की ऐसी अन अधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति या टपरीवास जाति) या हरियाणा की घुमंतू जनजाति से संबंध रखता है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है, तो उसे भी पांच अंक दिए जाएंगे।
इसी प्रकार अनुभव के लिए अधिकतम पांच अंक रखे गए हैं। हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कंपनी, वैधानिक निकाय, आयोग, प्राधिकरण में समान या उच्चतर पद पर अधिकतम 16 वर्षों में से अनुभव के प्रत्येक वर्ष या छह माह से अधिक के उसके भाग के लिए आधा ( 0.5) अंक होगा। छह महीनों से कम किसी भी अवधि के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में दस से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।
इसके अलावा, लिपिक के पद के लिए कंप्यूटर एप्रीशिएशन तथा एप्लीकेशन में राज्य पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी। बता दें कि तृतीय श्रेणी में पुलिस कर्मी, चालक, परिचालक, पटरवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी शिक्षक व अन्य कर्मी आते हैं। चतुर्थ श्रेणी में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदारी, सफाई कर्मी इत्यादि शामिल हैं।
देना होगा ये शपथ पत्र
कॉलेज स्टूडेंट्स
हरियाणा में सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवाओं को दहेज का मोह छोड़ना होगा। अगर दहेज लिया तो नौकरी से हाथ धोने पड़ सकते हैं। मनोहर लाल सरकार ने दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। जब भी कोई व्यक्ति सरकारी सेवा में आएगा तो उसे लिखित में शपथ-पत्र देना होगा कि वह जब कभी भी वैवाहिक गठबंधन में बंधेगा तो वह दहेज नहीं लेगा।
साथ ही दहेज न लेने के कानून का सख्ती से पालन करेगा। मुख्य डीएस ढेसी ने निर्णय को सख्ती से लागू कराने के निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार और सभी जिला उपायुक्तों को जारी कर दिए हैं। हरियाणा सिविल सेवाएं (सरकारी कर्मचारी कंडक्ट) नियम, 2016 के नियम 18(2) के तहत मुख्य सचिव ने इस संबंध में पत्र भी लिखा है। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को इन दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है।
पत्र के अनुसार वैवाहिक गठबंधन के साथ जुड़ने वाले व्यक्ति को अपने ससुराल पक्ष से प्राप्त किसी भी प्रकार की संपति या धनराशि इत्यादि के बारे में भी जानकारी देनी होगी। हर सरकारी कर्मचारी को अपने विवाह के बाद विभागाध्यक्ष को शपथ-पत्र देना होगा कि उसने विवाह के दौरान किसी भी प्रकार का दहेज नहीं लिया है। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शपथ पत्र पर सरकारी कर्मी की पत्नी, पिता और ससुर के हस्ताक्षर अनिवार्य किए हैं।
साथ ही दहेज न लेने के कानून का सख्ती से पालन करेगा। मुख्य डीएस ढेसी ने निर्णय को सख्ती से लागू कराने के निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार और सभी जिला उपायुक्तों को जारी कर दिए हैं। हरियाणा सिविल सेवाएं (सरकारी कर्मचारी कंडक्ट) नियम, 2016 के नियम 18(2) के तहत मुख्य सचिव ने इस संबंध में पत्र भी लिखा है। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को इन दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है।
पत्र के अनुसार वैवाहिक गठबंधन के साथ जुड़ने वाले व्यक्ति को अपने ससुराल पक्ष से प्राप्त किसी भी प्रकार की संपति या धनराशि इत्यादि के बारे में भी जानकारी देनी होगी। हर सरकारी कर्मचारी को अपने विवाह के बाद विभागाध्यक्ष को शपथ-पत्र देना होगा कि उसने विवाह के दौरान किसी भी प्रकार का दहेज नहीं लिया है। सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शपथ पत्र पर सरकारी कर्मी की पत्नी, पिता और ससुर के हस्ताक्षर अनिवार्य किए हैं।
सिर्फ लिखित परीक्षा होगी, नो इंटरव्यू
कॉलेज स्टूडेंट्स
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल हरियाणा में ग्रुप सी व डी के पदों के लिए केवल लिखित परीक्षा होगी और अब इंटरव्यू की प्रथा बंद हो जाएगी। हरियाणा के मुख्य सचिव ने आशय का एक अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार ग्रुप सी व डी के पदों पर चयन के संबंध में परीक्षा के कुल अंक 100 होंगे, जिनमें 90 अंकों की लिखित परीक्षा और सामाजिक-आर्थिक मानदण्ड तथा अनुभव के 10 अंक शामिल हैं।
अधिसूचना के अनुसार, अनुभव तथा कुछ वस्तुनिष्ठ सामाजिक-आर्थिक मानदण्ड के लिए निम्नानुसार अंक आबंटित किए गए हैं। यदि आवेदक के पिता, माता, पति-पत्नी, भाई, बहनों, बेटों और बेटियों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कम्पनी, वैधानिक निकाय, आयोग और प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है, तो इसके लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसी प्रकार, अनाथ, विधवा के सम्बन्ध में यदि आवेदक एक विधवा है या यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु 42 वर्ष पूरी होने से पहले हो गई हो, यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और आवेदक के 15 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसके पिता की मृत्यु हो गई हो, तो इसके लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, यदि आवेदक ऐसी अनअधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति और टपरीवास जाति) या हरियाणा के घुमंतू जनजाति से सम्बन्धित है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है, के संबंध में 5 अंक निर्धारित हैं तथा हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड निगम, कम्पनी, वैधानिक निकाय, आयोग और प्राधिकरण में अधिकतम 10 वर्ष में से अनुभव के प्रत्येक एक वर्ष या 6 मास से अधिक के उसके भाग के लिए आधा (0.5) अंक।
6 मास से कम की किसी अवधि के लिए कोई भी अंक नहीं दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम 5 अंक आबंटित किए गए हैं। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में 10 अंकों से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे और लिपिक के पद के लिए कम्प्यूटर एपरीशिएशन तथा एप्लीकेशन में राज्य पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी।
विद्यालय शिक्षा विभाग में अध्यापक, शैक्षिक निरीक्षक तथा अध्यापक शिक्षक के पदों के लिए आयोग केवल लिखित परीक्षा के आधार पर ग्रुप बी और ग्रुप सी से सम्बन्धित उम्मीदवारों का चयन करेगा और नामों की सिफारिश करेगा।
अधिसूचना के अनुसार, अनुभव तथा कुछ वस्तुनिष्ठ सामाजिक-आर्थिक मानदण्ड के लिए निम्नानुसार अंक आबंटित किए गए हैं। यदि आवेदक के पिता, माता, पति-पत्नी, भाई, बहनों, बेटों और बेटियों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम, कम्पनी, वैधानिक निकाय, आयोग और प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है, तो इसके लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसी प्रकार, अनाथ, विधवा के सम्बन्ध में यदि आवेदक एक विधवा है या यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु 42 वर्ष पूरी होने से पहले हो गई हो, यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और आवेदक के 15 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसके पिता की मृत्यु हो गई हो, तो इसके लिए 5 अंक निर्धारित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, यदि आवेदक ऐसी अनअधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति और टपरीवास जाति) या हरियाणा के घुमंतू जनजाति से सम्बन्धित है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न ही पिछड़ा वर्ग है, के संबंध में 5 अंक निर्धारित हैं तथा हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग, बोर्ड निगम, कम्पनी, वैधानिक निकाय, आयोग और प्राधिकरण में अधिकतम 10 वर्ष में से अनुभव के प्रत्येक एक वर्ष या 6 मास से अधिक के उसके भाग के लिए आधा (0.5) अंक।
6 मास से कम की किसी अवधि के लिए कोई भी अंक नहीं दिया जाएगा। इसके लिए अधिकतम 5 अंक आबंटित किए गए हैं। किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में 10 अंकों से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे और लिपिक के पद के लिए कम्प्यूटर एपरीशिएशन तथा एप्लीकेशन में राज्य पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी।
विद्यालय शिक्षा विभाग में अध्यापक, शैक्षिक निरीक्षक तथा अध्यापक शिक्षक के पदों के लिए आयोग केवल लिखित परीक्षा के आधार पर ग्रुप बी और ग्रुप सी से सम्बन्धित उम्मीदवारों का चयन करेगा और नामों की सिफारिश करेगा।
ये रहा पूरा नोटिफिकेशन
कॉलेज स्टूडेंट्स
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में विभिन्न विभागों में ग्रुप डी की 18216 पदों पर भर्तियां की जा रही है। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। विज्ञापन संख्या- 4/2018 के तहत आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया 28 अगस्त से शुरू होगी। भर्ती के लिए इच्छुक युवक-युवतियां 19 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जबकि इसके लिए 21 सितंबर तक फीस जमा करवाने की प्रक्रिया चलेगी।
18216 पदों में 8312 पद सामान्य, 4245 पद अनुसूचित जाति, 3345 पद बीसीए, 2316 पद बीसीबी के लिए आरक्षित हैं। भर्ती के लिए इच्छुक आवेदन को अधिकृत बोर्ड से दसवीं पास होना बहुत जरूरी है। आवेदक की उम्र 18 से 42 वर्ष तक होनी चाहिए। इसके अलावा आयु सीमा में छूट हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशों अनुसार होगी। वेतनमान के लिए 16900-53500+ पे बैंड लागू होगा।
शुल्क- कैटेगरी-1 में महिला और पुरुषों के लिए 100 रुपये। हरियाणा की महिलाओं के 50 रुपये। एससी और बीसी उम्मीदवारों के लिए पुरुषों के लिए 50 रुपये और महिलाओं के लिए 25 रुपये। चयन प्रक्रिया- 90 अंकों की लिखित परीक्षा होगा। सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन की जाएगी। मेरिट के आधार पर पास उम्मीदवारों को चुना जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए www.hssc.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए 0172- 5143700 पर कॉल कर सकते हैं।
18216 पदों में 8312 पद सामान्य, 4245 पद अनुसूचित जाति, 3345 पद बीसीए, 2316 पद बीसीबी के लिए आरक्षित हैं। भर्ती के लिए इच्छुक आवेदन को अधिकृत बोर्ड से दसवीं पास होना बहुत जरूरी है। आवेदक की उम्र 18 से 42 वर्ष तक होनी चाहिए। इसके अलावा आयु सीमा में छूट हरियाणा सरकार के दिशा निर्देशों अनुसार होगी। वेतनमान के लिए 16900-53500+ पे बैंड लागू होगा।
शुल्क- कैटेगरी-1 में महिला और पुरुषों के लिए 100 रुपये। हरियाणा की महिलाओं के 50 रुपये। एससी और बीसी उम्मीदवारों के लिए पुरुषों के लिए 50 रुपये और महिलाओं के लिए 25 रुपये। चयन प्रक्रिया- 90 अंकों की लिखित परीक्षा होगा। सभी दस्तावेजों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन की जाएगी। मेरिट के आधार पर पास उम्मीदवारों को चुना जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए www.hssc.gov.in पर लॉग इन कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए 0172- 5143700 पर कॉल कर सकते हैं।