सीएम ने संभाली कमान: सरकार तलाश रही बिजली कटौती का स्थायी समाधान, 3000 मेगावाट की व्यवस्था करने में जुटी
पिछले एक साल से अधिक समय से अदाणी कंपनी हरियाणा को करार के बावजूद बिजली आपूर्ति नहीं कर रही है। बिजली मंत्री रणजीत सिंह का कहना है कि कंपनी से सकारात्मक बातचीत चल रही है।
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हरियाणा में गहराते बिजली संकट से बचने और तमाम व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं कमान संभाल ली है। गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग को देखते हुए प्रदेश सकार तीन हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने में जुटी है। इसी सप्ताह अदाणी और टाटा कंपनी से भी विवाद सुलझने के आसार हैं। नई कंपनियों से भी बिजली खरीदने के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
यमुनानगर में 750 मेगावाट का एक और पावर प्लांट लगाने के फैसले पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है। मंगलवार को बिजली के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बिजली मंत्री रणजीत सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तमाम मामलों में जानकारी ली।
सीएम ने कहा कि मानसून से पहले तक प्रदेश में 3000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता है। इसके लिए लगभग 400 मेगावाट बिजली कम अवधि प्रक्रिया से जल्द मिलने वाली है। साथ ही लंबी अवधि के लिए 500-500 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। हाईडल पावर प्लांट से बिजली लेने की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बिजली निगम महंगी दर पर बिजली खरीद कर उपभोक्ताओं को मुहैया करवा रहा है। बिजली की बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए खेदड़ के पावर प्लांट की बंद पड़ी एक यूनिट को भी जल्दी चालू कर बिजली कटों का समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
अदाणी से इसी सप्ताह विवाद सुलझने के आसार
पिछले एक साल से अधिक समय से अदाणी कंपनी हरियाणा को करार के बावजूद बिजली आपूर्ति नहीं कर रही है। बिजली मंत्री रणजीत सिंह का कहना है कि कंपनी से सकारात्मक बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि अदाणी से इसी सप्ताह विवाद समाप्त हो जाएगा और प्रदेश को बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए बिजली निगम की ओर से स्थायी उपाय किए जा रहे हैं। प्रदेश में लगने वाले बिजली कट की समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा। यमुनानगर में 750 मेगावाट का पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री।