फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   GMCH Chandigarh, Panchkula, public hospitals, pain during pregnancy

तड़पती रही, नही आया कोई डॉक्टर, गेट पर ही दिया मृत बच्चे को जन्म

Fri, 09 Sep 2016 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(दीपक शाही)
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(दीपक शाही) Updated Fri, 09 Sep 2016 09:18 AM IST
विज्ञापन
GMCH Chandigarh, Panchkula, public hospitals, pain during pregnancy
प्रसव पीड़ा से पांच घंटे तक तड़पती रही महिला - फोटो : अमर उजाला
प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला राहत के लिए चंडीगढ़ जीएमसीएच से लेकर पंचकूला के सरकारी अस्पतालों में भटकती रही, लेकिन महिला की फरियाद न तो किसी डॉक्टर ने सुनीं और अस्पताल में तैनात अन्य स्टाफ ने। सात घंटे अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद महिला की तकलीफ देख पंचकूला पुलिस ने पीसीआर गाड़ी से उसे सेक्टर-16 के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जैसे ही महिला अस्पताल के गेट पर पहुंची उसने बच्चे को जन्म दे दिया। महिला के मृत बच्चा पैदा हुआ। महिला ने इसके लिए चंडीगढ़ जीएमसीएच और पंचकूला के जनरल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया है। 
विज्ञापन


निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर के मुताबिक बच्चे की मौत जन्म से 12 घंटे पहले ही हो चुकी थी। पीड़ित महिला एकता ठाकुर ने जीएमसीएच चंडीगढ़ और पंचकूला जनरल अस्पताल के डॉक्टर पर आरोप लगाया है कि जब डॉक्टरों को पता था कि बच्चे की मौत हो चुकी है तो वह जिम्मेदारी से पल्ला कैसे झाड़ रहे थे। यदि उसे कुुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।    
विज्ञापन

प्रसव पीड़ा से पांच घंटे तक तड़पती रही महिला, किसी ने नहीं ली सुध

GMCH Chandigarh, Panchkula, public hospitals, pain during pregnancy
प्रसव पीड़ा से पांच घंटे तक तड़पती रही महिला - फोटो : अमर उजाला
महेशपुर निवासी एकता ठाकुर को बुधवार शाम आठ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह चंडीगढ़ जीएमसीएच में डिलीवरी के लिए पहुंचीं। लेकिन चंडीगढ़ सेक्टर-32 जीएमसीएच के डॉक्टर ने महिला की जांच तक नहीं की। महिला ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि जहां इलाज चल रहा है वहीं पर डिलीवरी होगी, जबकि महिला को पंचकूला के जनरल अस्पताल से जीएमसीएच रेफर किया गया था। 

ऐसे में निराश होकर महिला के पति गोपाल ठाकुर रात करीब ग्यारह बजे पंचकूला सेक्टर-26 के पॉली क्लिनिक पहुंचे। वहां पर डॉक्टर नहीं मिला। यहां तक गोपाल ने आशा वर्कर शोभा को कई कॉल किया, लेकिन आशा वर्कर ने कॉल पिक तक नहीं किया। हालांकि आशा वर्कर ने ही उसे सेक्टर-26 के में बुलाया था। इसके बाद महिला का पति उसे जनरल अस्पताल लेकर पहुंचा। लेकिन डॉक्टर ने महिला की डिलीवरी करने से मना कर दिया। क्योंकि उसे जनरल अस्पताल से जीएमसीएच रेफर गया था। महिला तड़पती रही, लेकिन किसी ने एक न सुनीं। हार कर महिला के पति ने पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मियों से अपनी परेशानी बताई। उन्होंने उसे सेक्टर-16 पहुंचाया।  

एक सितंबर को किया था रेफर 

GMCH Chandigarh, Panchkula, public hospitals, pain during pregnancy
प्रसव पीड़ा से पांच घंटे तक तड़पती रही महिला - फोटो : अमर उजाला
जनरल अस्पताल से एकता को चंडीगढ़ जीएमसीएच रेफर किया गया था। लेकिन उसकी बेटी की तबीयत खराब थी, वह पंचकूला के जनरल अस्पताल में ही दाखिल थी। इस वजह से वह जीएमसीएच चेकअप के लिए नहीं जा पाई। महिला ने कहा कि ये मेरी गलती है। लेकिन एक मरीज की जान बचाना डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है। 

बच्चे की मौत जन्म से करीब 12 घंटे पहले हो चुकी थी।  अगर महिला को समय से हमारे पास नहीं लया गया होता तो उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। - डॉ. पुनम गुप्ता, प्राइवेट अस्पताल सेक्टर-़16 पंचकूला
 
मामले की होगी जांच 
पंचकूला की उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने बताय कि उन्हें मौखिक शिकायत मिली है। इस मामले की जांच होगी। अगर स्वास्थ्य कर्मियों की गलती पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed