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Punjab: ज्ञानी हरप्रीत सिंह बोले- अगर गुरुद्वारा साहिब न होते तो लगभग सारा उत्तर भारत मुस्लिम होता
Thu, 02 Nov 2023 09:24 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 02 Nov 2023 09:24 PM IST
सार
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि राजस्थान की इस घटना को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को केंद्र सरकार को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गुरुद्वारे नहीं होते तो उत्तर भारत सारा मुस्लिम होता। उन्होंने कहा कि सिखों को कभी भी न्याय मांगने से नहीं मिला और अब सिखों को मजबूत होने की जरूरत है, तभी न्याय सिखों के कदमों में आएगा।
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जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह।
- फोटो : ANI
विस्तार
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने राजस्थान के तिजारा में बीजेपी की रैली के दौरान सरकार आने पर गुरुद्वारा साहिबों को 'उखाड़ने' के बयान पर अपनी प्रक्रिया व्यक्त की। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि राजस्थान में बीजेपी की रैली में गुरुद्वारों को उखाड़ने का बयान निंदनीय है। भाजपा की इस रैली के समय मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे और उसी समय इस तरह के नफरत भरे भाषण का विरोध करना उनकी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने भी इसी सोच के तहत सिख धर्मस्थलों पर हमला किया था और आज भाजपा भी उसी राह पर चलती नजर आ रही है।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि राजस्थान की इस घटना को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को केंद्र सरकार को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गुरुद्वारे नहीं होते तो उत्तर भारत सारा मुस्लिम होता। उन्होंने कहा कि सिखों को कभी भी न्याय मांगने से नहीं मिला और अब सिखों को मजबूत होने की जरूरत है, तभी न्याय सिखों के कदमों में आएगा।
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हर संभव प्रयास कर लघु संसद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कमजोर करने की साजिशें रची जा रही हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि एक समय था जब एसजीपीसी के अध्यक्ष बोलते थे, तब दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री को भी जवाब देना पड़ता था और अब एक समय आ गया है कि एसजीपीसी के अध्यक्ष को पत्र लिखना पड़ता है और कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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