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राहत की खबर : चंडीगढ़ में कचरा उठाने के लिए 22 दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगी गाड़ियां
Thu, 17 Dec 2020 11:13 AM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 17 Dec 2020 11:13 AM IST
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चंडीगढ़ के सेक्टर 17 की पार्किंग में खड़ी कचरा उठाने वाली नई गाड़ियां।
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में 22 दिसंबर से गाड़ियों के माध्यम से घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पहले फेज में अधिकारियों को 150 से 175 गाड़ियां चलने की उम्मीद है। बुधवार तक निगम के पास 97 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 390 गाड़ियां मंगवाई गई थीं। योजना यह थी कि जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में सभी गाड़ियों को एक साथ शहर में चला दिया जाए, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से कहा गया है कि जितनी गाड़ियों आ रही हैं, उन्हें अलग-अलग फेज में चलाएं। अभी 97 गाड़ियां आ चुकी हैं। उम्मीद है कि 22 दिसंबर तक कम से कम 150 गाड़ियां आ जाएंगी। इन गाड़ियों को प्रशासक हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
पहले फेज में एक से 30 सेक्टरों तक चलेंगी गाड़ियां
आयुक्त ने बताया कि पहले फेज में सेक्टर एक से 30 तक गाड़ियां चलाने की योजना है। उसके बाद अगले फेज में सदर्न सेक्टर व मनीमाजरा में गाड़ियां चलाई जाएंगी। जनवरी तक पूरे शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए गाड़ियां भेजने की योजना है। जितनी संख्या में निगम को गाड़ियां मिलती जाएंगी, उतने फेज में सेक्टरों से कचरा उठवाया जाएगा।
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17 आपत्तियां व सुझाव आए, सभी का हुआ निस्तारण
आयुक्त ने बताया कि गाड़ियां मंगवाने से पहले आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। इसमें कुल 17 आपत्तियां व सुझाव आए थे। इनमें से 2 सुझाव ऐसे थे जिन पर विचार-विमर्श कर अमल भी किया गया।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 390 गाड़ियां मंगवाई गई थीं। योजना यह थी कि जनवरी 2021 के पहले सप्ताह में सभी गाड़ियों को एक साथ शहर में चला दिया जाए, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से कहा गया है कि जितनी गाड़ियों आ रही हैं, उन्हें अलग-अलग फेज में चलाएं। अभी 97 गाड़ियां आ चुकी हैं। उम्मीद है कि 22 दिसंबर तक कम से कम 150 गाड़ियां आ जाएंगी। इन गाड़ियों को प्रशासक हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
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पहले फेज में एक से 30 सेक्टरों तक चलेंगी गाड़ियां
आयुक्त ने बताया कि पहले फेज में सेक्टर एक से 30 तक गाड़ियां चलाने की योजना है। उसके बाद अगले फेज में सदर्न सेक्टर व मनीमाजरा में गाड़ियां चलाई जाएंगी। जनवरी तक पूरे शहर में घर-घर से कचरा उठाने के लिए गाड़ियां भेजने की योजना है। जितनी संख्या में निगम को गाड़ियां मिलती जाएंगी, उतने फेज में सेक्टरों से कचरा उठवाया जाएगा।
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17 आपत्तियां व सुझाव आए, सभी का हुआ निस्तारण
आयुक्त ने बताया कि गाड़ियां मंगवाने से पहले आपत्ति व सुझाव मांगे गए थे। इसमें कुल 17 आपत्तियां व सुझाव आए थे। इनमें से 2 सुझाव ऐसे थे जिन पर विचार-विमर्श कर अमल भी किया गया।
1283 कर्मचारी हैं घर-घर से कचरा उठाने वाले
आयुक्त ने बताया कि गाड़ियों पर एक चालक व एक सहयोगी रहेगा। जहां दो मंजिल वाले घर हैं, वहां दो सहयोगी होंगे। इस तरह लगभग एक हजार कर्मचारी गाड़ियों के संचालन के लिए चाहिए। इन गाड़ियों पर घर-घर से कचरा उठाने वाली एसोसिएशन के ही लोगों को तय करने की बात थी। इसलिए एसोसिएशन की तरफ से 1283 कर्मचारियों की सूची दी गई है। इनका ड्राइविंग टेस्ट लेने के बाद सहयोगियों की तैनाती होगी। शेष बचे कर्मचारियों को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर पर तैनात कर देंगे। कर्मचारियों के दस्तावेज एसोसिएशन से मांगे गए हैं।
इन शर्तों को आधार बनाकर खरीदी गाड़ियां
पिछले वर्ष तत्कालीन सफाई व्यवस्था कमेटी के अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली के नेतृत्व में एक बैठक हुई थी। इसमें निगम के अधिकारी व घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल थे। इस दौरान पांच बिंदुओं पर सहमति बनी। इसमें निगम की ओर से गाड़ी खरीदने, उनके मेंटेनेंस करने, संविदा पर घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की भर्ती करने, गाड़ियों व कर्मचारियों की मॉनिटरिंग निगम की ओर से करने की बात थी। बिना बताए छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों का अवकाश लगाने और कचरे का शुल्क निगम की ओर से पानी के बिल या संपत्ति कर में जोड़कर देने पर भी सहमति बनी थी। शुल्क पर कर्मचारियों का कोई अधिकार न होने, कर्मचारियों को उपस्थिति के अनुसार मासिक वेतन निगम की ओर से देने और कर्मचारियों के प्रदर्शन के आधार पर से रखने और निकालने का अधिकार निगम के पास होने संबंधी शर्तों पर सहमति भी बनी थी। उसके बाद विवाद फिर से उठने लगा।
कर्मचारियों से बनाना होगा तालमेल
अभी घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन के साथ निगम की सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में व्यवस्था को परवान चढ़ाना आसान नहीं होगा। इसलिए निगम के पार्षद व अधिकारी जल्द कर्मचारियों से बात कर इस मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे। वहीं घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन ने निगम को पहले ही चेतावनी दे दी है।
आयुक्त ने बताया कि गाड़ियों पर एक चालक व एक सहयोगी रहेगा। जहां दो मंजिल वाले घर हैं, वहां दो सहयोगी होंगे। इस तरह लगभग एक हजार कर्मचारी गाड़ियों के संचालन के लिए चाहिए। इन गाड़ियों पर घर-घर से कचरा उठाने वाली एसोसिएशन के ही लोगों को तय करने की बात थी। इसलिए एसोसिएशन की तरफ से 1283 कर्मचारियों की सूची दी गई है। इनका ड्राइविंग टेस्ट लेने के बाद सहयोगियों की तैनाती होगी। शेष बचे कर्मचारियों को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर पर तैनात कर देंगे। कर्मचारियों के दस्तावेज एसोसिएशन से मांगे गए हैं।
इन शर्तों को आधार बनाकर खरीदी गाड़ियां
पिछले वर्ष तत्कालीन सफाई व्यवस्था कमेटी के अध्यक्ष शक्ति प्रकाश देवशाली के नेतृत्व में एक बैठक हुई थी। इसमें निगम के अधिकारी व घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल थे। इस दौरान पांच बिंदुओं पर सहमति बनी। इसमें निगम की ओर से गाड़ी खरीदने, उनके मेंटेनेंस करने, संविदा पर घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों की भर्ती करने, गाड़ियों व कर्मचारियों की मॉनिटरिंग निगम की ओर से करने की बात थी। बिना बताए छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों का अवकाश लगाने और कचरे का शुल्क निगम की ओर से पानी के बिल या संपत्ति कर में जोड़कर देने पर भी सहमति बनी थी। शुल्क पर कर्मचारियों का कोई अधिकार न होने, कर्मचारियों को उपस्थिति के अनुसार मासिक वेतन निगम की ओर से देने और कर्मचारियों के प्रदर्शन के आधार पर से रखने और निकालने का अधिकार निगम के पास होने संबंधी शर्तों पर सहमति भी बनी थी। उसके बाद विवाद फिर से उठने लगा।
कर्मचारियों से बनाना होगा तालमेल
अभी घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन के साथ निगम की सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में व्यवस्था को परवान चढ़ाना आसान नहीं होगा। इसलिए निगम के पार्षद व अधिकारी जल्द कर्मचारियों से बात कर इस मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे। वहीं घर-घर से कचरा उठाने वाले एसोसिएशन ने निगम को पहले ही चेतावनी दे दी है।
गाड़ियों में लगा है जीपीएस
गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगा है। प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया गया है। इन गाड़ियों की निगरानी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर- 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी एमओएच से बात कर तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे।
हर समस्या का हल निकालकर व्यवस्था करेंगे दुरुस्त : कालिया
सफाई व्यवस्था कमेटी के चेयरमैन राजेश कालिया ने कहा कि कर्मचारियों के साथ जल्द बैठक करेंगे। इस बैठक में उनकी समस्याओं को सुनकर हल निकाला जाएगा। इस व्यवस्था को हर हाल में व्यवस्थित रूप से चलाएंगे।
नहीं हुई सुनवाई तो 18 करेंगे प्रदर्शन : सैनी
डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन एसोसिएशन के चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी का कहना है कि अब तक हमें बैठक के लिए नहीं बुलाया गया है। जल्द हमसे बातचीत नहीं हुई तो 18 दिसंबर को हम बैठक कर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
एसोसिएशन की सहमति पर ही लाई गई गाड़ियां : केके यादव
निगम आयुक्त केके यादव का कहना है कि एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निगम के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक की थी। बैठक का सहमति पत्र मिलने के बाद ही गाड़ियां मंगवाई गईं। कोई असमंजस है तो बैठक कर इसे दूर कर लेंगे।
हमारा उद्देश्य बेहतर व्यवस्था बनाना : महापौर
महापौर राजबाला मलिक का कहना है कि हम शहर की व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहते हैं। किसी कर्मचारी या एसोसिएशन की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है। इसलिए एसोसिएशन के लोगों से बैठक कर समस्या सुलझा लेंगे।
गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगा है। प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया गया है। इन गाड़ियों की निगरानी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर- 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी एमओएच से बात कर तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे।
हर समस्या का हल निकालकर व्यवस्था करेंगे दुरुस्त : कालिया
सफाई व्यवस्था कमेटी के चेयरमैन राजेश कालिया ने कहा कि कर्मचारियों के साथ जल्द बैठक करेंगे। इस बैठक में उनकी समस्याओं को सुनकर हल निकाला जाएगा। इस व्यवस्था को हर हाल में व्यवस्थित रूप से चलाएंगे।
नहीं हुई सुनवाई तो 18 करेंगे प्रदर्शन : सैनी
डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन एसोसिएशन के चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी का कहना है कि अब तक हमें बैठक के लिए नहीं बुलाया गया है। जल्द हमसे बातचीत नहीं हुई तो 18 दिसंबर को हम बैठक कर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
एसोसिएशन की सहमति पर ही लाई गई गाड़ियां : केके यादव
निगम आयुक्त केके यादव का कहना है कि एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निगम के अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक की थी। बैठक का सहमति पत्र मिलने के बाद ही गाड़ियां मंगवाई गईं। कोई असमंजस है तो बैठक कर इसे दूर कर लेंगे।
हमारा उद्देश्य बेहतर व्यवस्था बनाना : महापौर
महापौर राजबाला मलिक का कहना है कि हम शहर की व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहते हैं। किसी कर्मचारी या एसोसिएशन की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है। इसलिए एसोसिएशन के लोगों से बैठक कर समस्या सुलझा लेंगे।