बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

चंडीगढ़: स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में हटेगा कचरे का नया पहाड़, आठ करोड़ रुपये की आएगी लागत

नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 17 Jul 2021 11:31 AM IST

सार

पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को निस्तारित करने के लिए अभी स्मार्ट सिटी प्रति टन 574 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से दे रहा है। इस हिसाब से एक लाख मीट्रिक टन का लगभग 7 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह नमी वाला कचरा है। इसके दाम ज्यादा होंगे।
 
विज्ञापन
कचरे के ढेर
कचरे के ढेर - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

विस्तार

चंडीगढ़ में डंपिंग ग्राउंड के साथ बने नए कचरे के पहाड़ को स्वच्छ भारत मिशन-2.0 के तहत हटवाया जाएगा। नगर निगम लगभग सवा लाख टन कचरे को साफ करने पर आठ करोड़ खर्च करेगा। निगम ने प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेज दिया है। आयुक्त केके यादव का कहना है कि कचरा ताजा होने के कारण इसमें पुराने कचरे की अपेक्षा खर्चा ज्यादा आएगा।
विज्ञापन


सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में सूखा कचरा पूरी तरह निस्तारित न होने से वह डंपिंग ग्राउंड में भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कचरे को धकेलकर डड्डूमाजरा कॉलोनी की तरफ बढ़ा दिया गया है, ताकि कचरे का पहाड़ ऊंचा न दिखे। इस संबंध में स्मार्ट सिटी ने अपनी ओर से एक सर्वे कराया था, जिसमें पता चला था कि डंपिंग ग्राउंड पर 10 मीटर ऊंचा कचरे का नया पहाड़ तैयार हो गया है। 



नगर निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को निस्तारित करने के लिए अभी स्मार्ट सिटी प्रति टन 574 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से दे रहा है। इस हिसाब से एक लाख मीट्रिक टन का लगभग 7 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह नमी वाला कचरा है। इसके दाम ज्यादा होंगे।

जेपी समूह से लेना था खर्चा, केंद्र के लक्ष्य में उलझे 
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश को आधार बनाकर नगर निगम ने जून 2020 में जेपी प्लांट को अपने कब्जे में ले लिया था। उसके बाद निगम ने दावा किया था कि कचरे का निस्तारण कर देंगे, लेकिन मशीनों की क्षमता कम होने के कारण निगम 500 टन में से मात्र 40 प्रतिशत कचरा ही निस्तारित कर सका। उसके बाद बचे कचरे को डंपिंग ग्राउंड पर फेंकने लगे। अदालत में जेपी समूह और निगम के बीच सुनवाई चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जेपी समूह की वजह से नए कचरे का पहाड़ बना है। इस कचरे के निस्तारण के रुपये कंपनी से लेंगे, लेकिन केंद्र जल्द ही स्मार्ट सिटी को अपने क्षेत्र में लगे कचरे के ढेर को हटाने का लक्ष्य देने वाला है। इस कारण निगम को ही अपने खर्चे पर कचरे का निस्तारण करना पड़ रहा है।

प्लांट में पड़ा हुआ है 25 हजार मीट्रिक टन कचरा
प्लांट में भी इस समय 25 हजार मीट्रिक टन कचरा जमा है, जिसे निगम को खाली करवाकर डंपिंग ग्राउंड पर ही भेजना है। वहीं, दूसरी ओर शहर का कचरा जो कि निस्तारित नहीं हो पा रहा है, वह भी डंपिंग ग्राउंड में जा रहा है। इस दौरान करोड़ों रुपये से बनाए गए सैनेटरी लैंडफिल पर भी निगम ने कचरा डाल दिया है, जिससे हल्की बारिश में ही लीचैट सीधा लोगों के घरों तक पहुंच गया था। इस कचरे के निस्तारण में भी निगम को खर्च करना होगा।

केंद्र ने अपने क्षेत्र के कचरे को हटाने के लिए स्मार्ट सिटी से प्रस्ताव मांगा था। एक कचरे के पहाड़ को हटाने के लिए पहले ही टेंडर हो चुका है। नए पहाड़ को हटाने के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 8 करोड़ रुपये की एक अनुमानित राशि भेज दी गई है। -केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us