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पंजाब 'आप' में घमासानः हाईकमान पर टिकीं निगाहें, विधायक और वर्कर्स भी असमंजस में
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:06 AM IST
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- फोटो : SELF
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आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में गुरूवार शाम से चल रहे घटनाक्रम के कारण वॉलंटियर्स से लेकर विधायक तक सभी असमंजस में हैं। सभी की निगाहें दिल्ली दरबार पर टिकी हैं कि खैरा गुट के एलान के बाद हाईकमान क्या कदम उठाता है। वॉलंटियर्स तो बुरी तरह असमंजस में है हीं, विधायकों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो रही है।
आप सूत्रों के मुताबिक गुरूवार को खैरा को हटाकर हरपाल चीमा को नेता प्रतिपक्ष बनाने को लेकर विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह को जो पत्र पार्टी की ओर से दिया गया था, उस पर 15 से ज्यादा विधायकों के दस्तखत थे। पर शुक्रवार को आठ विधायक खैरा के साथ खड़े थे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वॉलंटियर्स के दबाव में विधायक बार-बार पाला बदल रहे हैं। जो विधायक दिल्ली दरबार के साथ हैं, उन्हें भी वॉलंटियर्स के के दबाव में खैरा के साथ खड़ा होना पड़ रहा है।
असल में किस तरफ कितने विधायक हैं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन पार्टी इसलिए निश्चिंत है कि खैरा के पास किसी भी तरह 14 विधायक नहीं हो सकते। आप नेतृत्व का अब तक का इतिहास है कि उसने कभी भी चुनौती के आगे समर्पण नहीं किया। इसलिए सूबे के नेता यह मान कर चल रहे हैं कि चीमा को बनाने के फैसले में बदलाव की फिलहाल संभावना नजर नहीं आती है।
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इसके साथ ही बठिंडा कांफ्रेंस पर सबकी नजरें रहेंगी। खैरा ने खास रणनीति के तहत अपने विधानसभा हलके भूलत्थ के बजाय बठिंडा को चुना। क्योंकि पार्टी के ज्यादातर विधायक उसी बेल्ट में हैं और मालवा में ही आप का सबसे ज्यादा आधार है।
हाईकमान के फैसले को लेकर खैरा को सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसलिए उनकी पूरी कोशिश होगी कि इस कांफ्रेंस में ज्यादा से ज्यादा सहानुभूति हासिल की जाए। पंजाब के सह प्रधान डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि खैरा गुट ने राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा है, उम्मीद है कि वह जल्द फैसला लेकर स्थिति स्पष्ट कर देंगे।
विधायकों को मनाएंगे चीमा
चंडीगढ़। नए नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा है कि वह सभी विधायकों मनाएंगे। दिल्ली से पंजाब लौट रहे चीमा ने कहा कि वह भी पंजाब का हित सोच रहे हैं, सुखपाल खैरा और बाकी विधायक भी यही सोच रहे हैं, फिर विवाद किस बात का है। वह खैरा और अन्य विधायकों से मिलकर उन्हें मनाएंगे। जल्द विधायक दल की मीटिंग भी बुलाएंगे। उनसे अपील करेंगे कि पार्टी ने दलितों को प्रतिनिधित्व दिया है, इसका सम्मान करें।
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आप सूत्रों के मुताबिक गुरूवार को खैरा को हटाकर हरपाल चीमा को नेता प्रतिपक्ष बनाने को लेकर विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह को जो पत्र पार्टी की ओर से दिया गया था, उस पर 15 से ज्यादा विधायकों के दस्तखत थे। पर शुक्रवार को आठ विधायक खैरा के साथ खड़े थे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वॉलंटियर्स के दबाव में विधायक बार-बार पाला बदल रहे हैं। जो विधायक दिल्ली दरबार के साथ हैं, उन्हें भी वॉलंटियर्स के के दबाव में खैरा के साथ खड़ा होना पड़ रहा है।
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असल में किस तरफ कितने विधायक हैं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन पार्टी इसलिए निश्चिंत है कि खैरा के पास किसी भी तरह 14 विधायक नहीं हो सकते। आप नेतृत्व का अब तक का इतिहास है कि उसने कभी भी चुनौती के आगे समर्पण नहीं किया। इसलिए सूबे के नेता यह मान कर चल रहे हैं कि चीमा को बनाने के फैसले में बदलाव की फिलहाल संभावना नजर नहीं आती है।
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इसके साथ ही बठिंडा कांफ्रेंस पर सबकी नजरें रहेंगी। खैरा ने खास रणनीति के तहत अपने विधानसभा हलके भूलत्थ के बजाय बठिंडा को चुना। क्योंकि पार्टी के ज्यादातर विधायक उसी बेल्ट में हैं और मालवा में ही आप का सबसे ज्यादा आधार है।
हाईकमान के फैसले को लेकर खैरा को सोशल मीडिया पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसलिए उनकी पूरी कोशिश होगी कि इस कांफ्रेंस में ज्यादा से ज्यादा सहानुभूति हासिल की जाए। पंजाब के सह प्रधान डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि खैरा गुट ने राष्ट्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा है, उम्मीद है कि वह जल्द फैसला लेकर स्थिति स्पष्ट कर देंगे।
विधायकों को मनाएंगे चीमा
चंडीगढ़। नए नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा है कि वह सभी विधायकों मनाएंगे। दिल्ली से पंजाब लौट रहे चीमा ने कहा कि वह भी पंजाब का हित सोच रहे हैं, सुखपाल खैरा और बाकी विधायक भी यही सोच रहे हैं, फिर विवाद किस बात का है। वह खैरा और अन्य विधायकों से मिलकर उन्हें मनाएंगे। जल्द विधायक दल की मीटिंग भी बुलाएंगे। उनसे अपील करेंगे कि पार्टी ने दलितों को प्रतिनिधित्व दिया है, इसका सम्मान करें।