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हद है, टोल टैक्स से बचने के लिए दो महीने में 2000 लोग बन गए फर्जी सिपाही और आईजी

Fri, 01 Feb 2019 03:53 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 01 Feb 2019 03:53 PM IST
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Fraud by People to Get Relief from Toll Tax in Punjab, Haryana and Uttar Pradesh
टोल प्लाजा, सांकेतिक तस्वीर
हद ही हो गई, टोल टैक्स से बचने के लिए पिछले दो महीने में 2000 लोग फर्जी सिपाही से लेकर आईजी तक बन गए। पंजाब, हरियाणा और यूपी में यह मामला सामने आया। 500 यूपी और पंजाब के लोगों को भी टोल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने पकड़ा। हालांकि माफी मांगने पर अधिकतर को छोड़ दिया गया। दो मामले में ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई। टोल के अधिकारियों द्वारा एनएचएआई को भेजी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
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कुछ लोग टोल टैक्स से बचने को खुद को हरियाणा, पंजाब और यूपी पुलिस का सिपाही से लेकर फौजी बताकर फर्जी आई कार्ड बनवा रहे थे। उक्त आई कार्ड को टोल के कर्मचारियों को दिखाया जाता था। दिसंबर में विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर टोल के अधिकारियों ने फर्जी आई कार्ड बनाकर टोल से बचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। टोल के अधिकारियों के अनुसार दो माह में विभाग ने कुल 2 हजार पुलिसकर्मी के आई कार्ड पकड़े ।
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जिनमें 1500 आई कार्ड हरियाणा के रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, झज्जर, कैथल, फतेहाबाद के थे। जबकि 300 यूपी के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, बिजनौर, नोएडा और 200 कार्ड पंजाब अमृतसर, फिरोजपुर, बठिंडा के लोगों के रहे। जिनमें आई कार्ड दिखाने वाले लोग खुद को हरियाणा, पंजाब और यूपी पुलिस में सिपाही से लेकर आईजी तक बता रहे थे। बहादुरगढ़ में पकड़े गए एक युवक ने तो रोहतक आईजी संदीप खिरवार के नाम का फर्जी कार्ड बनाया था। हालांकि माफी मांगने पर अधिकतर के खिलाफ कार्रवाई नहीं कराई गई।
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शिकायत के बावजूद पुलिस नहीं करती कार्रवाई

सीजेएम सदानंद सिंह चौहान का कहना है कि फर्जी तरह से बनवाए गए आईकार्ड के साथ पकड़े गए लोगों की लिखित में पुलिस से शिकायत की जाती है। मगर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है। हालांकि कुछ को गणमान्य लोगों के कहने पर टोल वसूलकर जाने दिया जाता है।

फर्जी आई कार्ड बनवाकर टोल टैक्स से बचाने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। सभी टोल पर अलग से टीम को जांच के लिए लगाया गया है। फर्जी आई कार्ड के साथ पकड़े गए लोगों के संबंध में एनएचएआई को भी रिपोर्ट भेज दी गई।
- सदानंद सिंह चौहान, सीजेएम, मकडौली और पानीपत टोल

 
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