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Punjab: पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा मामला, चार याचिकाकर्ताओं ने सुरक्षा के लिए लगाई गुहार

Sat, 29 Mar 2025 03:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 29 Mar 2025 03:25 PM IST
सार

सभी याचिकाकर्ता पहले बजिंदर सिंह के साथ काम करते थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वह धर्म के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं, तो उन्होंने विरोध किया और उसे छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद, उन पर दबाव बनाया जाने लगा और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं।

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Four petitioners plead for protection Case against pastor Bajinder Singh HighCourt
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रभावशाली पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ मोहाली व चंडीगढ़ निवासी चार लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। रणजीत कौर, रूपिंदर कौर, अशोक कुमार और हरिंदर सिंह ने अपनी जान और स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की है।

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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि जब उन्होंने चर्च से जुड़े प्रभावशाली पादरी बजिंदर सिंह की कारीगरी उजागर करने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट और धमकियों का सिलसिला शुरू कर दिया है। 
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याचिका के मुताबिक, सभी याचिकाकर्ता पहले बजिंदर सिंह के साथ काम करते थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वह धर्म के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं, तो उन्होंने विरोध किया और उसे छोड़ने का फैसला किया। इसके बाद, उन पर दबाव बनाया जाने लगा और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। मामला 13 और 14 फरवरी 2025 की रात का है, जब एक चर्च कार्यक्रम के बाद बजिंदर सिंह ने रणजीत कौर पर हमला किया, उन्हें थप्पड़ मारा और गला घोंटने की कोशिश की। यह पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई और बाद में इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।


वीडियो के वायरल होने के बाद 18 फरवरी को याचिकाकर्ताओं ने उसके ऑफिस से इस्तीफा दे दिया और बजिंदर सिंह को कानूनी नोटिस भेजा। इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं कि अगर वे इस मामले को आगे बढ़ाते हैं, तो उन्हें झूठे केस में फंसाया जाएगा। 25 फरवरी को मोहाली के एसएसपी को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस को ईमेल के जरिये भी शिकायत भेजी गई, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं आया। जब इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ और जनता का दबाव बढ़ा, तब जाकर 25 मार्च को मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि, गैर-जमानती अपराध दर्ज होने के बावजूद बजिंदर सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई और वह खुलेआम घूम रहे हैं।

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में मांग की है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इस मामले की जांच मोहाली से बाहर किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या विशेष जांच दल को सौंपी जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि बजिंदर सिंह पर पहले से ही दुष्कर्म और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों के मामले दर्ज हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 26 मार्च को बजिंदर सिंह के समर्थकों ने मोहाली एसएसपी कार्यालय का घेराव किया, जिसे याचिकाकर्ताओं ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद पंजाब सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मोहाली पुलिस को निर्देश दिया है कि वे शिकायत पर विचार करें और आवश्यक कार्रवाई करें।

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