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पूर्व रेल मंत्री ने रेल बजट को बताया आशाहीन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 Feb 2016 08:36 AM IST
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संसद में रेल बजट पेश होने के बाद पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने वीरवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बजट से लगता है कि कहीं बाद में पार्लियामेंट में रेल बजट पेश करकना बंद न कर दिया जाए।
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सभी पुरानी बातों को इस बजट में रखा गया है। बजट में फाइनेंशियल प्रपोजल ही नहीं दिए गए। इसमें जिक्र नहीं किया गया कि पैसा कहां से आएगा और किस मद में खर्च होगा। आंकड़े तोड़ मरोड़कर पेश किए गए हैं। रेल बजट आशाहीन है।
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पूर्व रेल मंत्री ने कहा कि 2013 में पार्लियामेंट में एक फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट पास किया गया था। जिसमें जैसे-जैसे ईंधन का रेट घटेगा- किराया घटेगा और जैसे जैसे ईंधन की कीमत बढ़ेगी किराया बढ़ेगा। छह महीना में इसकी समीक्षा होनी थी।
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उन्होंने कहा कि उस समय ईंधन की कीमत 110 डालर प्रति बैरल थी जो कि अब 24 डालर प्रति बैरल है। लेकिन किराया नहीं घटा। उस हिसाब से तीन बार किराया कम किया जोना चाहिए था। रेलवे को फ्यूल से कितना लाभ हुआ इसका बजट में जिक्र तक नहीं है।
कुली को सहायक बोलने के लिए बजट
उत्तर भारत के लिए कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया। बंसल ने कहा कि पट्टी से फिरोजपुर रेलवे लाइन बिछाई जानी थी इसका कोई जिक्र नहीं है। इस रेल लाइन के बिछ जाने से बहुत लाभ होना था। डिफेंस के लिए बड़ी सहायक सिद्ध होती। हरियाणा में कोच फक्टरी के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कुली को सहायक बोलने के लिए बजट पेश किया गया। यह तो बजट से पहले या बाद में भी किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बेस किचन का जिक्र बजट में नहीं किया गया। डबल डेकर तो 2013 में ही आ चुका है। डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर पहले ही तय हो चुका है।
एक टक प्रभु की बातें सुनते रहे बंसल
पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल टीवी के सामने पेन और पेपर लेकर बजट भाषण से पहले ही जम चुके थे। एक एक बात को ध्यान से सुनते और नोट करते रहे। बीच बीच में कहते रहे यह तो पहले ही हो चुका है। पुरानी बातें कही जा रही हैं। खास बात यह रही कि पुरानी बजट की कॉपी भी बंसल देखते रहे और बजट भाषण से मिलान करते रहे।
रेल बजट पर दिग्गज नेताओं की प्रतिक्रिया
शहर के लोगों से धोखा: छाबड़ा
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार रेल बजट में शहर के लोगों के लिए कुछ नहीं मिला है। यह उनके साथ बड़ा धोखा है। शहर के लोग निराश हैं। जब यूपीए की सरकार में पवन कुमार बंसल रेल मंत्री थे तो उन्होंने एक के बाद एक कई ट्रेनों की सौगात शहर को दी थी। उन्होंने शहर को पूरे देश के साथ जोड़ा। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने के लिए चयन भी पवन कुमार बंसल के समय में ही हुआ था।
संजय टंडन, अध्यक्ष भाजपा ने कहा, यह यात्रियों का बजट है। राजनीतिक बजट नहीं है। इसमें यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है।
अरुण सूद, मेयर चंडीगढ़ के मुताबिक किराया नहीं बढ़ाया गया है। यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
अमित राणा, प्रदेश अध्यक्ष भाजयुमो चंडीगढ़ ने बताया कि इससे बढ़िया बजट हो ही नहीं सकता। यात्रियों पर कोई भार नहीं लादा गया।
शशि शंकर तिवारी, महासचिव, कांग्रेस ने कहा, रेल बजट से काफी निराशा हुई है। सांसद किरण खेर ने शहर के लिए कोई कोशिश नहीं की है। साप्ताहिक रेल गाड़ियों को रोजाना भी नहीं करवा सकीं। इतना ही हो जाता है तब भी बात थी।
हरमेल केसरी, उपाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस चंडीगढ़ के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक और शताब्दी की जरूरत थी। लेकिन बजट ने निराश किया।