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शिवराज पाटिल का निधन: चंडीगढ़ से था खास लगाव, पेक के एडमिन ब्लॉक से लेकर आईटी पार्क की दी थी सौगात
Fri, 12 Dec 2025 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:03 AM IST
सार
शिवराज पाटिल पूर्व गृहमंत्री रह चुके हैं। 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद 2010-2015 तक वे पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक रहे।
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शिवराज पाटिल
- फोटो : X @kharge
विस्तार
पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। मुंबई के लातूर में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 2010 से 15 तक पंजाब के पूर्व राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक रहे।
बीते दिनों एक्ट में बदलाव को लेकर चंडीगढ़ चर्चा में रहा। पाटिल चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल करने के हक में रहे थे। पाटिल ने ही पेक के एडमिन ब्लॉक का उद्घाटन किया था। उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट और आईटी पार्क की सौगात दी थी। पूर्व राज्यपाल पाटिल के समय के रिटायर्ड अधिकारियों के अनुसार, उनके समय में पंजाब लोकभवन में जूनियर अफसरों से लेकर लोगों की जल्द एंट्री नहीं होती थी। शिवराज पाटिल ने ही शहर को पहली इंडस्टि्रयल पॉलिसी दी थी।
पाटिल को हमेशा मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने का अफसोस रहा। मेट्रो परियोजना की पहली डीपीआर पाटिल के समय पेश की गई थी। पाटिल शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने के हक में थे। वे मेट्रो प्रोजेक्ट को किसी प्राइवेट कंपनी की जगह सरकारी की इसमें भागीदारी के हक में थे।
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बीते दिनों एक्ट में बदलाव को लेकर चंडीगढ़ चर्चा में रहा। पाटिल चंडीगढ़ को पंजाब में शामिल करने के हक में रहे थे। पाटिल ने ही पेक के एडमिन ब्लॉक का उद्घाटन किया था। उप्पल हाउसिंग प्रोजेक्ट और आईटी पार्क की सौगात दी थी। पूर्व राज्यपाल पाटिल के समय के रिटायर्ड अधिकारियों के अनुसार, उनके समय में पंजाब लोकभवन में जूनियर अफसरों से लेकर लोगों की जल्द एंट्री नहीं होती थी। शिवराज पाटिल ने ही शहर को पहली इंडस्टि्रयल पॉलिसी दी थी।
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पाटिल को हमेशा मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू नहीं होने का अफसोस रहा। मेट्रो परियोजना की पहली डीपीआर पाटिल के समय पेश की गई थी। पाटिल शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने के हक में थे। वे मेट्रो प्रोजेक्ट को किसी प्राइवेट कंपनी की जगह सरकारी की इसमें भागीदारी के हक में थे।
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