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अकेले रह रहे पिता की मौत, अमेरिका गया बेटा बोला- करा लो अंतिम संस्कार, मैं नहीं आऊंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Dec 2017 09:43 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बुढ़ापे में अकेले रह रहे पिता की अचानक मृत्यु हो गई और अमेरिका में रह रहे बेटे के पास चिता को अग्नि देने की फुर्सत तक नहीं। मौत की सूचना मिलने के बाद बेटे ने जवाब भेजा कि वह पिता के अंतिम संस्कार में नहीं आ सकता। बुआ से सारी रस्में करा ली जाएं। इस इंतजार में पिता का शव चार दिन से पड़ा है।
सात समंदर पार से आए बेटे के संदेश ने रिश्तों के ताने बाने को छिन्न भिन्न कर दिया। सवाल यह है कि क्या इसी दिन के लिए इंसान औलाद की कामना करता है। क्या इसी दिन के लिए जिंदगी भर उनके लिए तिल तिल मरता है कि बुढ़ापे में वही औलाद उसे तड़पने के लिए अकेला छोड़ देगी।
क्या इसी दिन के लिए उनकी ख्वाहिशें पूरी करता है कि जिंदगी के अंतिम क्षणों में एक गिलास पानी तक के लिए वह तरस जाएगा। आखिर क्यों बच्चे अपने पैरेंट्स को यह सजा देते हैं। क्या रिश्तों में आई खटास इतनी बड़ी हो जाती है कि वह मौत के बाद भी नहीं मिटती। चंडीगढ़ में जो कुछ हुआ, उसने खून के रिश्ते को शर्मसार कर दिया।
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यह हृदयविदारक वाकया चंडीगढ़ के सेक्टर आठ में हुआ। पंजाब यूनिवर्सिटी से रिटायर प्रोफेसर 68 वर्षीय वीरेंद्र कपूर कोठी में अकेले ही रहते थे। उसी घर में रहकर एक महिला उनकी देखभाल करती थी। बताया जा रहा है कि 24 दिसंबर की शाम को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। केयर टेकर महिला उन्हें सेक्टर 16 जनरल अस्पताल लेकर गई, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर शव मोर्चरी में रखवा दिया।
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सात समंदर पार से आए बेटे के संदेश ने रिश्तों के ताने बाने को छिन्न भिन्न कर दिया। सवाल यह है कि क्या इसी दिन के लिए इंसान औलाद की कामना करता है। क्या इसी दिन के लिए जिंदगी भर उनके लिए तिल तिल मरता है कि बुढ़ापे में वही औलाद उसे तड़पने के लिए अकेला छोड़ देगी।
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क्या इसी दिन के लिए उनकी ख्वाहिशें पूरी करता है कि जिंदगी के अंतिम क्षणों में एक गिलास पानी तक के लिए वह तरस जाएगा। आखिर क्यों बच्चे अपने पैरेंट्स को यह सजा देते हैं। क्या रिश्तों में आई खटास इतनी बड़ी हो जाती है कि वह मौत के बाद भी नहीं मिटती। चंडीगढ़ में जो कुछ हुआ, उसने खून के रिश्ते को शर्मसार कर दिया।
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यह हृदयविदारक वाकया चंडीगढ़ के सेक्टर आठ में हुआ। पंजाब यूनिवर्सिटी से रिटायर प्रोफेसर 68 वर्षीय वीरेंद्र कपूर कोठी में अकेले ही रहते थे। उसी घर में रहकर एक महिला उनकी देखभाल करती थी। बताया जा रहा है कि 24 दिसंबर की शाम को उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। केयर टेकर महिला उन्हें सेक्टर 16 जनरल अस्पताल लेकर गई, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर शव मोर्चरी में रखवा दिया।
बेटे को भेजी ई-मेल
death
- फोटो : Demo Photo
हालांकि केयर टेकर महिला ने कपूर के परिजनों को बताए बगैर उनका अंतिम संस्कार करवाना चाहा, लेकिन पूर्व प्रोफेसर के ड्राइवर ने उनकी बहनों को मौत की सूचना दे दी। उनकी बहनें पहुंचीं और केयर टेकर महिला पर हत्या का आरोप लगा दिया। सूचना पुलिस को दी गई तो सेक्टर-3 थाने से पुलिस भी मौके पर आ गई। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। केयर टेकर महिला ने कहा कि डॉक्टरों ने उसे हार्ट अटैक की बात बताई है। वहीं मृतक की बहनें इसे कोई साजिश बता रही हैं।
बेटे को भेजी ई-मेल
पंजाब यूनिवर्सिटी से डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर प्रो.वीरेंद्र कपूर का बेटा यूएस में रहता है। पारिवारिक विवाद के चलते कपूर की पत्नी छोटी उम्र में ही बेटे को साथ लेकर अमेरिका चली गई थी। अब पिता की मौत के बाद पुलिस ने कपूर के बेटे को यूएस में ईमेल के जरिए संपर्क किया और पूरा घटनाक्रम बताया। वीरवार को सात समंदर पार से ईमेल के जरिए बेटे का जवाब आया कि वह चंडीगढ़ नहीं आ सकता। इसलिए उसकी बुआ ही सारी रस्में निभाएं। इस पूरे घटनाक्रम में चार दिन बीत गए। हत्या के आरोप का पता लगाने के लिए अब पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराएगी।
प्राथमिक जांच में मामला हार्ट अटैक से मौत का पता चला है। तकनीकी पहलुओं पर पोस्टमार्टम के बाद ही सही पता चल पाएगा।
राम गोपाल, डीएसपी चंडीगढ़ पुलिस।
बेटे को भेजी ई-मेल
पंजाब यूनिवर्सिटी से डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर प्रो.वीरेंद्र कपूर का बेटा यूएस में रहता है। पारिवारिक विवाद के चलते कपूर की पत्नी छोटी उम्र में ही बेटे को साथ लेकर अमेरिका चली गई थी। अब पिता की मौत के बाद पुलिस ने कपूर के बेटे को यूएस में ईमेल के जरिए संपर्क किया और पूरा घटनाक्रम बताया। वीरवार को सात समंदर पार से ईमेल के जरिए बेटे का जवाब आया कि वह चंडीगढ़ नहीं आ सकता। इसलिए उसकी बुआ ही सारी रस्में निभाएं। इस पूरे घटनाक्रम में चार दिन बीत गए। हत्या के आरोप का पता लगाने के लिए अब पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराएगी।
प्राथमिक जांच में मामला हार्ट अटैक से मौत का पता चला है। तकनीकी पहलुओं पर पोस्टमार्टम के बाद ही सही पता चल पाएगा।
राम गोपाल, डीएसपी चंडीगढ़ पुलिस।