पूर्व केंद्रीय मंत्री को जहां से मिली जीत वहीं से प्रचार में बनाई दूरी
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जिले के सांसद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान लुधियाना से ही दूरी बना ली है। मनीष तिवारी सूबे में तीन दिन के दौरे पर हैं।
इसके तहत वह पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली के कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार में जुटे हैं। काबिलेजिक्र है कि लुधियाना में पंजाब के सबसे अधिक 14 विधानसभा क्षेत्र हैं जबकि मनीष तिवारी ने दो बार लुधियाना से लोकसभा का चुनाव लड़ा।
एक बार जीत दर्ज करके केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में तबियत खराब होने के कारण लुधियाना से दिवंगत बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू को टिकट दिया गया और वह आर्थिक राजधानी से कांग्रेस के सांसद हैं।
बिट्टू के लुधियाना में कदम रखते ही यहां तिवारी और बिट्टू ग्रुप में एक तरह से कार्यकर्ता बंट गए। चार फरवरी को होने वाले चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भी दोनों गुटों में रस्साकशी चलती रही।
पंजाब में तीन दिन के लिए प्रचार कर रहे हैं तिवारी
हालत यह रही कि लुधियाना हलका पूर्वी पर खुद मनीष तिवारी के चुनाव लड़ने की चर्चाएं चलीं। तभी इस सीट पर उम्मीदवार का एलान सबसे बाद में किया गया और इस सीट की टिकट पार्षद संजय तलवार ले गए।
इसके बाद से ही तिवारी ने एक तरह से लुधियाना से दूरी बना ली है। वह शहर के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार में सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। तिवारी ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिला पटियाला में अट्ठाइस जनवरी को प्रचार किया है।
29 जनवरी को फतेहगढ़ साहिब में चुनाव प्रचार करना है जबकि 30 जनवरी को वह मोहाली के तीन विधानसभा हलकों में पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।
उधर तिवारी के खासमखास एवं पूर्व जिला कांग्रेस प्रधान पवन दीवान का कहना है कि फिलहाल मनीष तिवारी का लुधियाना में प्रचार करने का कोई कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है।