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Hindi News ›   Chandigarh ›   Former IAS Roshan Lal now opened front against Ashok Khemka

पूर्व IAS ने खेमका के खिलाफ खोला मोर्चा: कहा- नियुक्ति मामले में पारदर्शिता नहीं बरती, CBI जांच की मांग

Tue, 17 May 2022 09:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 17 May 2022 09:35 PM IST
सार

पूर्व आईएएस रोशन लाल ने कहा है कि खेमका अगर ईमानदार हैं तो आरोपों की जांच से क्यों डर रहे हैं। पुलिस में दर्ज दोनों एफआईआर की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उससे सच सामने आ जाएगा।

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Former IAS Roshan Lal now opened front against Ashok Khemka
पूर्व आईएएस रोशन लाल व अशोक खेमका। - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा भंडारण निगम की विवादित नियुक्तियों के मामले में आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ अब पूर्व आईएएस रोशन लाल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्य सचिव संजीव कौशल को 16 पन्नों का पत्र लिखकर नियुक्तियों की सीबीआई जांच मांगी है। रोशन लाल 2009-10 में भंडारण निगम में हुई नियुक्तियों के लिए गठित समिति के चेयरमैन थे। 

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पूर्व आईएएस ने अपने पत्र में कहा है कि खेमका ने नियुक्तियों के मामले में पूरी पारदर्शिता नहीं बरती। कमेटी चेयरमैन होने के बावजूद मुझे रोस्टर प्वाइंट व आरक्षित सीटों के बारे में कभी नहीं बताया। उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां की और सरकार को भी गुमराह किया। नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। 
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नियुक्ति पत्र देने से पहले अभ्यर्थियों के असल दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए थी। प्रबंधक ग्रेड-1 के अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों को जांचने में लचर रवैया अपनाया गया। अपात्र लोगों को अनुभव प्रमाण पत्र में छूट देकर 89 अन्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया। खेमका ने अयोग्य लोगों की प्रबंधक पद पर नियुक्तियां की। 
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रोशन लाल ने कहा है कि खेमका अगर ईमानदार हैं तो आरोपों की जांच से क्यों डर रहे हैं। पुलिस में दर्ज दोनों एफआईआर की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उससे सच सामने आ जाएगा। भंडारण निगम की नियुक्तियों के मामले में नियमों को नजरअंदाज किया गया है। रोशन का कहना है कि उन्होंने खेमका के भंडारण निगम का प्रबंध निदेशक रहते हुए गेलवैल्यूम शीट घोटाले की भी जांच की थी। विजिलेंस को मामला सौंपा गया, उसके बाद 2014 में मुख्यमंत्री ने मामले को सीबीआई को सौंपने की बात कही थी। उनका आग्रह है कि इस मामले की जांच भी सीबीआई से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।


पुलिस जांच ज्वाइन करुंगा: वर्मा
खेमका के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करवाने वाले आईएएस व भंडारण निगम के वर्तमान प्रबंध निदेशक संजीव वर्मा ने कहा है कि वह खुद पर दर्ज एफआईआर रद्द करवाने या पुलिस कार्रवाई पर रोक लगवाने के लिए हाईकोर्ट नहीं जाएंगे। वह पुलिस जांच ज्वॉइन करेंगे। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। दोनों एफआईआर को सीबीआई को जांच के लिए सौंपना चाहिए।

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