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पूर्व CM के चचेरे भाई को कोर्ट ने घोषित किया मृत, ये था मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 Aug 2016 01:35 AM IST
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हरियाणा में जाटलैंड की राजनीति के दिग्गज कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा
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हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चचेरे भाई राजेंद्र सिंह हुड्डा को कोर्ट ने मृत घोषित कर दिया। सेक्टर 28 चंडीगढ़ निवासी राजेंद्र सिंह हुड्डा के 2003 में उत्तराखंड में एक हादसे के बाद लापता हो गए थे। मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने कानूनी तौर पर उनकी प्रॉपर्टी के लिए उनकी पत्नी रेणु हुड्डा, बेटे करण हुड्डा और बेटी कनिका को उत्तराधिकारी घोषित किया है।
2014 में दायर किए गए इस केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। इसमें उन्होंने जनरल पब्लिक, एलआईसी ऑफ इंडिया समेत रोहतक निवासी मिसरी देवी (राजेंद्र हुड्डा की मां) को प्रतिवादी पक्ष बनाया था। याचिका में मांग की गई थी कि राजेंद्र सिंह हुड्डा के गुमशुदा होने के बाद से 11 वर्ष से उनका कोई पता नहीं चला है। वह 31 जुलाई 2003 से गुमशुदा हैं।
ऐसे में उनकी चल-अचल संपत्ति का वारिस उनकी पत्नी और बच्चों (याचियों) को घोषित किया जाए। कोर्ट ने कहा कि राजेंद्र की मां जीवित हैं, ऐसे में सिर्फ याचिकाकर्ता अकेले राजेंद्र की पूरी प्रॉपर्टी के लिए हकदार नहीं हैं।
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2014 में दायर किए गए इस केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। इसमें उन्होंने जनरल पब्लिक, एलआईसी ऑफ इंडिया समेत रोहतक निवासी मिसरी देवी (राजेंद्र हुड्डा की मां) को प्रतिवादी पक्ष बनाया था। याचिका में मांग की गई थी कि राजेंद्र सिंह हुड्डा के गुमशुदा होने के बाद से 11 वर्ष से उनका कोई पता नहीं चला है। वह 31 जुलाई 2003 से गुमशुदा हैं।
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ऐसे में उनकी चल-अचल संपत्ति का वारिस उनकी पत्नी और बच्चों (याचियों) को घोषित किया जाए। कोर्ट ने कहा कि राजेंद्र की मां जीवित हैं, ऐसे में सिर्फ याचिकाकर्ता अकेले राजेंद्र की पूरी प्रॉपर्टी के लिए हकदार नहीं हैं।
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उत्तराखंड में हुआ था हादसा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा
- फोटो : amar ujala
याचिकाकर्ता रेणु हुड्डा ने कहा था कि 31 जुलाई 2003 को उनके पति राजेंद्र हुड्डा भाई और तत्कालीन विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुछ अन्य लोगों के साथ ऊधम सिंह नगर के बाजपुर गए थे। वह वहां एक रिश्तेदार की क्रिया में शामिल हुए। इसके बाद सभी लोग हरियाणा नंबर की दो गाड़ियों में वापस आ रहे थे।
रास्ते में जब राजेंद्र सिंह की कार हरिद्वार के श्यामपुर गांव में पीपली नदी क्रॉस कर रही थी तो चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में उनके साथ कांस्टेबल प्रदीप भी था।
कांस्टेबल तो बच गया, लेकिन इस हादसे के बाद से राजेंद्र सिंह का कुछ पता नहीं चला था। उनके अलावा सभी कार सवारों को बचा लिया गया था। उनके साथ दूसरी कार में उनके भाई भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी थे।
रास्ते में जब राजेंद्र सिंह की कार हरिद्वार के श्यामपुर गांव में पीपली नदी क्रॉस कर रही थी तो चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में उनके साथ कांस्टेबल प्रदीप भी था।
कांस्टेबल तो बच गया, लेकिन इस हादसे के बाद से राजेंद्र सिंह का कुछ पता नहीं चला था। उनके अलावा सभी कार सवारों को बचा लिया गया था। उनके साथ दूसरी कार में उनके भाई भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी थे।