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कोटकपूरा गोलीकांडः पूर्व शिअद विधायक मनतार बराड़ हो सकते हैं गिरफ्तार, संदिग्ध भूमिका के आरोप
Thu, 28 Feb 2019 02:10 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 28 Feb 2019 02:10 PM IST
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मनप्रीत बराड़
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बरगाड़ी मामले से संबंधित कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में एसआईटी ने जांच की सुई पुलिस अधिकारियों के बाद राजनेताओं पर टिका ली है। बुधवार को एसआईटी की तरफ से इस घटनाक्रम में कोटकपूरा के पूर्व विधायक व शिअद जिलाध्यक्ष मनतार सिंह बराड़ को अपने फरीदकोट स्थित कैंप आफिस में तलब किया और शाम चार बजे से उनसे पूछताछ की जा रही है। एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की निगरानी में चल रही पूछताछ की लंबी होती जा रही प्रक्रिया से आशंका है कि उन्हें कोटकपूरा गोलीकांड मामले में बतौर आरोपी गिरफ्तार किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार एसआईटी द्वारा कोटकपूरा गोलीकांड मामले की पड़ताल के दौरान मनतार सिंह बराड़ की भूमिका को खंगाला जा रहा है, जिसके आधार पर एसआईटी ने पिछले साल 9 नवंबर 2018 को भी मनतार सिंह बराड़ को अपने फरीदकोट कैंप आफिस में तलब करके पूछताछ की थी। बरगाड़ी बेअदबी मामले व उससे जुड़ी घटनाओं की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में मनतार सिंह बराड़ की संदिग्ध भूमिका पर सवाल खड़े किए थे।
आयोग के अनुसार घटना वाले दिन 14 अक्टूबर 2015 को कोटकपूरा में धरनाकारियों पर पुलिस का बल उपयोग करने से पहले मनतार सिंह बराड़, अपने फोन से माध्यम से डीजीपी पंजाब व मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बराड़ के साथ संपर्क में थे। उस दिन सुबह के समय मनतार सिंह बराड़ व गगनदीप सिंह बराड़ के बीच चार बार फोन पर बात हुई थी।
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हालांकि मनतार सिंह बराड़ ने आयोग के पास कहा था कि उस दिन जिले के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से संपर्क करना चाहा था, लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई लेकिन आयोग के पास तत्कालीन एसडीएम फरीदकोट वीके सियाल ने दावा किया था कि घटना वाले दिन मनतार सिंह बराड़ ने गगनदीप सिंह से बात के बाद अधिकारियों को बताया था कि मुख्यमंत्री की तरफ से जल्द ही डीजीपी को हिदायतें दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार एसआईटी द्वारा कोटकपूरा गोलीकांड मामले की पड़ताल के दौरान मनतार सिंह बराड़ की भूमिका को खंगाला जा रहा है, जिसके आधार पर एसआईटी ने पिछले साल 9 नवंबर 2018 को भी मनतार सिंह बराड़ को अपने फरीदकोट कैंप आफिस में तलब करके पूछताछ की थी। बरगाड़ी बेअदबी मामले व उससे जुड़ी घटनाओं की जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में मनतार सिंह बराड़ की संदिग्ध भूमिका पर सवाल खड़े किए थे।
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आयोग के अनुसार घटना वाले दिन 14 अक्टूबर 2015 को कोटकपूरा में धरनाकारियों पर पुलिस का बल उपयोग करने से पहले मनतार सिंह बराड़, अपने फोन से माध्यम से डीजीपी पंजाब व मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गगनदीप सिंह बराड़ के साथ संपर्क में थे। उस दिन सुबह के समय मनतार सिंह बराड़ व गगनदीप सिंह बराड़ के बीच चार बार फोन पर बात हुई थी।
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हालांकि मनतार सिंह बराड़ ने आयोग के पास कहा था कि उस दिन जिले के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से संपर्क करना चाहा था, लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई लेकिन आयोग के पास तत्कालीन एसडीएम फरीदकोट वीके सियाल ने दावा किया था कि घटना वाले दिन मनतार सिंह बराड़ ने गगनदीप सिंह से बात के बाद अधिकारियों को बताया था कि मुख्यमंत्री की तरफ से जल्द ही डीजीपी को हिदायतें दी जाएगी।