बेअदबी मामला: पहली बार पूरा गांव श्री अकाल तख्त साहिब में हुआ पेश, गले में तख्तियां लटका पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर स्वीकार किया कि वह इस घटना के लिए खुद को दोषी स्वीकार करते हैं और जो भी सजा सुनाई जाएगी, उसे स्वीकार करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तख्त श्री केसगढ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह ने पटियाला के गांव मोहलगढ में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरुप की बेअदबी के मामले में पूरे गांव को ही श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने का आदेश दिया था। पूरा गांव श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुआ।
पहली बार इस तरह के मामले में पूरे गांव को ही आरोपी पाया गया, क्योंकि ग्रामीण गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा संभाल कर पाने में असमर्थ रहे हैं। श्री अकाल तख्त साहिब पर तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह ने पांच प्यारों के साथ बैठक कर फैसला सुनाया है कि गांव मोहलगढ़ के निवासी पांच दिन पटियाला के गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में तीन-तीन घंटे हर रोज सफाई करेंगे, जोड़े साफ करेंगे, लंगर में जूठे बर्तन साफ करेंगे। इस के बाद गांव निवासी श्री अखंड पाठ साहिब का पाठ करवा कर कड़ाह प्रदास की देग करवाएंगे।
सेवा मुकम्मल होने के बाद अमृतधारी सिखों की एक कमेटी बनाई जाएगी जो गुरुद्वारा साहिब की सेवा संभाल देखेगी। इसके बाद ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गुरुद्वारा साहिब को सौंपे जाएंगे। सभी गांव वासियों ने श्री अकाल तख्त साहिब जी से सुनाई गई इस सेवा को स्वीकार किया।
गांव मोहलगढ़ में कुछ दिन पहले बेअदबी का मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जांच की गई। जांच में तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सुल्तान सिंह ने सभी ग्रामीणों को ही दोषी पाया। इसके बाद उन्होंने गांव वासियों को 22 अक्तूबर को सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का आदेश जारी किया था।
पंथक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब पूरे गांव को दोषी पाया गया और श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का आदेश दिया गया। गांव के पूर्व सरपंच शाम सिंह, क्षेत्र के एसजीपीसी सदस्यों जरनैल सिंह और अकाली नेता हरिंदरपाल सिंह की अगुवाई में करीब 80 ग्रामीण गले में तख्तियां लटाकर श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर स्वीकार किया कि वह इस घटना के लिए खुद को दोषी स्वीकार करते हैं और जो भी सजा सुनाई जाएगी, उसे स्वीकार करेंगे।