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Punjab News: पंजाब में आटा हुआ महंगा, मैदा व ब्रेड के दाम भी बढ़े, जानें- इसके पीछे की वजह
Tue, 24 Jan 2023 01:15 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 24 Jan 2023 01:15 AM IST
सार
लुधियाना के आटा मिल संचालक सुनील जसवाल ने बताया कि पिछले करीब पांच माह से गेहूं का पर्याप्त स्टॉक न आने से मिल में काम लगभग ठप पड़ा है। इसका असर महंगाई पर पड़ने लगा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा आश्वासन के बावजूद पिछले पांच माह से गेहूं के टेंडर जारी न होने से पंजाब की आटा मिलों में काम लगभग ठप हो गया है। इसके चलते बाजार में आटा और मैदा समेत इनसे बने उत्पाद महंगे हो गए हैं। आटा और मैदा के दाम में 15 से 20 रुपये प्रति 10 किलोग्राम तक बढ़ोतरी हो गई है, जबकि विभिन्न ब्रांड की ब्रेड भी पांच रुपये तक महंगी हो गई हैं।
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दूसरे राज्यों से गेहूं की आवक के एक माह पहले ही पंजाब में गेहूं की किल्लत हो गई है। इससे आटे के दाम लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। गौर हो कि राज्यों को एफसीआई की ओर से गेहूं की आपूर्ति की जाती है लेकिन इस बार टेंडर न लगने से इसमें देरी हो गई है।
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जानकारी के अनुसार दो दिनों में आटे के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। जहां एक सप्ताह पहले आटे की कीमत 3,400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत 3,700 रुपये से 3800 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई है। केंद्रीय एजेंसी आटा मिलों और निजी उद्यमियों को गेहूं जारी करने के लिए टेंडर जारी करती है।
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कारोबारियों का कहना है कि केंद्रीय मंत्रालय भी गेहूं की कमी का सटीक अनुमान नहीं लगा सका, क्योंकि पिछले गेहूं सीजन के मुकाबले देश में गेहूं का उत्पादन इस बार करीब 10 फीसदी कम बताया जा रहा है। लुधियाना के आटा मिल संचालक सुनील जसवाल ने बताया कि पिछले करीब पांच माह से गेहूं का पर्याप्त स्टॉक न आने से मिल में काम लगभग ठप पड़ा है। इसका असर महंगाई पर पड़ने लगा है।
फरवरी से गेहूं आने की उम्मीद
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान देश से लगभग 45 लाख टन गेहूं निर्यात किया गया। देश में गेहूं की कमी की यह भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि राज्य की आटा मिलों को उम्मीद है कि गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से गेहूं की आवक 28 फरवरी से शुरू हो सकती है, क्योंकि उन राज्यों में तेज गर्मी के कारण गेहूं की आवक फरवरी में शुरू हो जाती है, जबकि पंजाब में अप्रैल में गेहूं की आवक होगी।