यमुना में बाढ़, पंजाब-हरियाणा में अलर्ट
दो दिन तक हुई बारिश से यमुना नदी में बाढ़ आ गई है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 87 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे यमुना नदी से लगते खेतों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। नदी का जलस्तर बाढ़ के स्तर तक पहुंचते ही जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया।
सिंचाई विभाग के मुताबिक पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में हुई भारी बरसात के चलते यमुना में बाढ़ की स्थिति बनी है। सोमवार रात 12 बजे के बाद हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर 87367 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद तुरंत बैराज से हरियाणा की ओर बहने वाली पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की ओर बहने वाली पूर्वी यमुना नहर के गेट बंद कर दिए और बैराज से सारा पानी यमुना नदी में बहने लगा।
रात तीन बजे तक नदी में करीब 87 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह चार बजे जलस्तर घटकर 73646 क्यूसेक पर पहुंच गया, लेकिन बाढ़ की स्थिति बनी रही। सात बजे जलस्तर घटकर 63162 क्यूसेक पर पहुंचा, जिसके बाद बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहर के गेट खोल दिए गए।
तीन दिन में दिल्ली पहुंचेगा बाढ़ का पानी
नदी में बाढ़ आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया और यमुना नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सचेत कर दिया गया। बाढ़ का पानी नदी के दोनों ओर हजारों एकड़ खेतों में घुस गया, जिससे फसल जलमग्न हो गई।
नदी में सोमवार रात करीब पांच घंटे तक बाढ़ की स्थिति बनी रही। यमुना हरियाणा के विभिन्न जिलों से होती हुई दिल्ली पहुंचती है। यमुना में आई बाढ़ का पानी अगले तीन दिन में दिल्ली पहुंचेगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मार्च में यमुना नदी का जलस्तर सामान्य रहता है। मार्च में यमुना नदी में आई बाढ़ से अधिकारी भी हैरान हैं।
डॉ. एसएस फुलिया, डीसी, यमुनानगर ने बताया कि यमुना में बाढ़ आने के बाद नदी से लगते हरियाणा और यूपी के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया। किसानों को नदी से लगते अपने खेतों में न जाने की सलाह दी जा रही है। गांवों में मुनादी भी करवाई जा रही है। जिले के सभी अधिकारियों को अगले 24 घंटे यमुना के पानी पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं।