मुख्य न्यायाधीश बनने वाले पहले सिख होंगे जस्टिस खेहर, पंजाब-हरियाणा से है खास नाता
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जस्टिस जगदीश सिंह खेहर देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वह वर्तमान मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की जगह लेंगे। जजों की नियुक्ति के लिए बने विवादास्पद एनजीएसी एक्ट को रद्द करने वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के प्रमुख जस्टिस खेहर को मुख्य न्यायाधीश बनाने की मंगलवार को सिफारिश कर दी गई।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने उनके नाम की सिफारिश करते हुए चिट्ठी लिखी। 64 वर्षीय जस्टिस खेहर सुप्रीम कोर्ट के जजों में सबसे वरिष्ठ हैं। वह सिख समुदाय के पहले जस्टिस होंगे, जो भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे।
वर्तमान मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर 3 जनवरी, 2017 को अपना पद छोड़ेंगे। जस्टिस खेहर को 4 जनवरी, 2017 को देश के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई जाएगी। उनका कार्यकाल सात महीने यानी 27 अगस्त 2017 तक होगा।
पीयू लॉ विभाग के टॉपर हैं जस्टिस खेहर
एनजीएसी एक्ट को रद्द करने वाली बेंच की अगुवाई करने के अलावा जस्टिस खेहर ने उस बेंच का भी नेतृत्व किया था जिसने इस साल जनवरी में अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन को रद्द कर दिया था।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से है जुड़ाव
जस्टिस जेएस खेहर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज के रूप में 8 फरवरी 1999 को पद संभाला था। इसके बाद उत्तराखंड के मुख्य न्यायाधीश के रूप में 29 नवंबर 2009 को पद ग्रहण किया। एक वर्ष बाद उनका ट्रांसफर कर्नाटक हाईकोर्ट हो गया और 8 अगस्त 2010 को कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर पद संभाला। 13 सितंबर 2011 को जस्टिस खेहर सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में एलिवेटिड हुए।
पीयू लॉ विभाग के टॉपर हैं जस्टिस खेहर
देश के अगले चीफ जस्टिस बनने जा रहे सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जस्टिस जगदीश सिंह खेहर का पंजाब यूनिवर्सिटी से गहरा नाता रहा है। जस्टिस खेहर ने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की और कई वर्षों तक लॉ विभाग में प्रोफेसर भी रहे हैं।
जस्टिस खेहर ने 1977 में लॉ की डिग्री हासिल की। 1979 में एलएलएम डिग्री में खेहर ने गोल्ड मेडल हासिल किया था। वकालत के अलावा जस्टिस खेहर ने 1980 से 1986 तक लॉ विभाग में बतौर प्रोफेसर सेवाएं दी हैं। 1 अक्तूबर को जस्टिस खेहर पीयू लॉ विभाग के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। खेहर ने पीयू से खास लगाव होने की बात कही थी।
जस्टिस खेहर के प्रोफाइल पर एक नजर
जन्म : 28 अगस्त 1952 को हुआ था।
वर्ष 1974 में चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएशन किया ।
1977 में पंजाब यूनिवर्ससिटी से एलएलबी किया।
वर्ष 1979 में एलएलएम किया।
वर्ष 1979 में वकालत शुरू की।
1992 : पंजाब में अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया।
1995 : वरिष्ठ वकील बने।
जस्टिस खेहड़ देश के 44वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
जस्टिस खेहड़ भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश होंगे।
08 फ रवरी 1999 : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया ।
02 अगस्त 2008 :पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
17 नवंबर 2009 : उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।
08 अगस्त 2010 : कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने।
13 सितंबर 2011 : सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किए गए ।
4 जनवरी 2017 : चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का पदभार ग्रहण करेंगे ।
कार्यकाल 4 जनवरी 2017 से 4 अगस्त 2017 तक रहेगा।