हरियाणा: बनेगी पहली डिजिटल रेरा कोर्ट, गुरुग्राम रेरा ने ज्यूपिटिस के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर
हरियाणा पहला डिजिटल रेरा कोर्ट बनाने में अग्रणी बनेगा। हितधारकों को अपने घर या कार्यालय में बैठकर एंड-टू-एंड विवाद समाधान तंत्र ऑनलाइन निष्पादित करने में सुविधा प्राप्त होगी।
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हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी, गुरुग्राम (हरेरा) ने गुरुवार को घोषणा कर बताया कि गुरुग्राम रेरा की शिकायत निवारण प्रणाली के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए ज्यूपिटिस जस्टिस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है। इसके तहत हरियाणा पहला डिजिटल रेरा कोर्ट बनाने में अग्रणी बनेगा, जिसके चलते सभी हितधारकों को अपने घर या कार्यालय में बैठकर एंड-टू-एंड विवाद समाधान तंत्र ऑनलाइन निष्पादित करने में सुविधा प्राप्त होगी। गुरुग्राम रेरा के अध्यक्ष केके खंडेलवाल और ज्यूपिटिस जस्टिस टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और सीईओ रमन अग्रवाल की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू की शर्तों के तहत ज्यूपिटिस विवाद समाधान की सुविधा को हरेरा के लिए अन्य तकनीकी विशेषज्ञता के साथ एक विशेष डिजिटल रेरा कोर्ट का डिजाइन करेगा, जिससे सरल, तेज, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से न्याय प्रदान किया जाएगा।
दूसरी ओर, हरेरा इस डिजिटल रेरा कोर्ट को बढ़ावा देगा और प्रक्रिया में शामिल विवादों और अन्य हितधारकों के लिए आसान और प्रभावी विवाद समाधान के लिए एंड-टू-एंड कार्यवाही आदि का संचालन करेगा। उपयोगकर्ता को एक ही मंच पर विवाद दायर करने से लेकर निर्णय लेने तक, अर्द्घ-न्यायिक तंत्र के तहत पूरी कार्यवाही करने के लिए शुरू से अंत तक सुविधा प्रदान की जाएगी।
केके खंडेलवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने मामले की कार्यवाही के लिए रेरा कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, वे अपने विवादों को कहीं से भी, कभी भी और किसी भी डिवाइस से आसानी से हल कर सकते हैं।
ज्यूपिटिस के फाउंडर और सीईओ रमन अग्रवाल ने बताया कि इस पार्टनरशिप के तहत हम रियल एस्टेट उद्योग में आ रहे शिकायतकर्ताओं/विवादकर्ताओं के बड़े स्तर पर सभी जरूरतों का समाधान करने में सक्षम है। एआई और ब्लॉकचैन जैसी न्यू-एज टेक्नोलॉजीज की मदद से हम सभी विवादों की गहराई में जाकर बेहद सस्ते दामों में भी उनका निपटारा कर सकते हैं।
अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल रेरा कोर्ट एआई इनेबल्ड स्व-प्रतिनिधित्व का भी समर्थन करेगा, जबकि मामलों से संबंधित सभी उपयोगी दस्तावेजों को ब्लॉकचैन-सक्षम डिजिटल लॉकर के माध्यम से पूर्ण रूप से सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।