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पटाखों ने दिया उम्र भर का दर्द, 16 लोगों की आंखों को पहुंची चोट, पूरी रोशनी आना नामुमकिन

Tue, 29 Oct 2019 01:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 29 Oct 2019 01:16 AM IST
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Firecrackers hurt eyes of Many Peoples during Diwali
- फोटो : अमर उजाला

दिवाली की रात कई लोगों को दर्द दे गई। किसी की आंखों की रोशनी कम हो गई तो किसी को अपनी कलाई गंवानी पड़ी। इनमें बच्चे भी शामिल हैं और वयस्क भी। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर की डा. सर्वलीन कौर ने बताया कि दिवाली पर पीजीआई में आंखों की चोट के कुल 16 केस आए। इन सभी मरीजों की कॉर्निया नष्ट हो चुकी हैं। 

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इन मरीजों की 100 फीसदी रोशनी वापस लौटनी नामुमकिन है। पांच मरीज गंभीर स्थिति में हैं, जिनकी सर्जरी करनी पड़ी है। अभी यह कह पाना मुश्किल होगा कि इन पांचों की कितनी रोशनी लौटेगी। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। डा. सर्वलीन कौर के मुताबिक मरीजों में 80 फीसदी वे हैं, जो पटाखे नहीं फोड़ रहे थे। वे या तो देख रहे थे या पास से गुजर रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, अभी और केस आएंगे।
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पीजीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, लालडू का 14 वर्षीय विजय घर के बाहर दोस्तों के साथ पटाखा फोड़ रहा था, तभी उसके दाएं हाथ पर बम फूट गया। आनन-फानन में परिजन उसे डेराबस्सी हॉस्पिटल लेकर आए। वहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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डॉक्टरों ने बताया कि जब उसे पीजीआई लाया गया तो उसकी सिर्फ एक अंगुली बची थी। बाकी अंगुलियां गायब थीं। मांस के लोथड़े लटक रहे थे। कुछ बचा नहीं होने की स्थिति में डॉक्टरों ने उसकी कलाई काट दी। बाद में उसके हाथों की सर्जरी की गई है। अभी फिलहाल वह पीजीआई में ही भर्ती है।

पांच रुपये के बम से गई रोशनी

आतिशबाजी से फिरोजपुर की चार वर्षीय ब्यूटी की आंख को नुकसान पहुंचा है। उसके पिता बजरंगी ने बताया कि वह अपनी बेटी के लिए पांच रुपये का बम लाया था। जब उसे फोड़ा तो उसके आंख में लग गया।

पहले वह पास के सिविल अस्पताल में लेकर गया और वहां से पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया। पीजीआई के डॉक्टरों ने उसकी तीन घंटे तक सर्जरी की। आंख को कितना नुकसान पहुंचा है, इसके बारे में बाद में पता चल सकेगा। आंख में चोट लगने से उसका रो-रोकर बुरा हाल था।

पटाखे छुड़ाते बच्चों को देख रहे थे, आंख में लगी चोट 
करनाल के प्रवीण भी आतिशबाजी का शिकार हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब वे अपनी मोबाइल की दुकान बंद करके जा रहे थे, तभी पास में खड़े बच्चे पटाखे छुड़ा रहे थे। उसे वे खड़े होकर देखने लगे। इसी बीच एक पटाखा उनकी आंख में आकर लगा।

इससे उनकी आंख को काफी नुकसान पहुंचा है। पहले उन्होंने करनाल में ही दिखाया, लेकिन वहां से उन्हें चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों ने जो पटाखा फोड़ा था, वह छोटा था, लेकिन उनकी आंख को नुकसान काफी ज्यादा पहुंचा है।

दूध लेने जा रहे मनप्रीत को भी पहुंचा नुकसान 
नालागढ़ के रहने वाले दस वर्षीय मनप्रीत की आंख को पटाखों से जबरदस्त चोट लगी है। उसके पिता ने बताया कि वह सोमवार सुबह दूध लेने जा रह था, तभी पास में कुछ लोग पटाखे फोड़ रहे थे। उनमें से एक पटाखा उसकी आंख में आकर लगा, जिससे उसकी आंख चोटिल हो गई। 

एडवांस आई सेंटर के डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज कर दिया है। मनप्रीत का भी रो-रोकर बुरा हाल था। उसके पिता ने बताया कि चोट लगने के बाद उसकी आंखों में काफी तेज जलन हो रही है। डॉक्टरों ने बताया है कि उसकी आंखों को कितना नुकसान पहुंचा है, वह दो दिन बाद ही पता चल पाएगा।

गली में खड़ी थी, तभी आंख में लगा पटाखा
कैथल की रहने वाली 17 वर्षीय मीनाक्षी दिवाली की रात घर के बाहर गली में खड़ी थी, तभी पास में खड़े कुछ लड़कों ने पटाखा फोड़ा तो उसकी आंख में लग गया। इससे एक आंख में नुकसान पहुंचा है। पीजीआई में उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऊपरी सतह में तो नुकसान पहुंचा है और अंदर कितनी चोट आई है, वो अल्ट्रासाउंड के बाद ही पता चल पाएगा।

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