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Chandigarh News: जीएमएसएच-16 की शॉप नंबर 6 पर अतिक्रमण मामले में एफआईआर दर्ज
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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में कई साल से अवैध तरीके से लीज पर चल रही दवा की दुकान में अतिक्रमण के मामले में यूटी प्रशासक के सलाहकार और चीफ विजिलेंस ऑफिसर धर्मपाल के आदेश पर शुक्रवार को विजिलेंस विभाग ने एफआईआर दर्ज कर ली। चीफ विजिलेंस ऑफिसर की ओर से दिए गए आदेश में कहा गया है कि मामले में संलिप्त दोषियों पर आपराधिक धाराओं में कार्रवाई की जाए, जिस पर विभाग ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। धोखाधड़ी के इस मामले से जुड़े अस्पताल और प्रशासन के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। धर्मपाल के निर्देश पर विजिलेंस ने आईपीसी की धारा 406, 419, 420 और 120 (बी) के तहत विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। जीएमएसएच-16 में दवा की दुकान नंबर 6 में एक दुकानदार ने पिछले 30 साल से अवैध कब्जा कर रखा है। इसके अलावा अवैध निर्माण कर दुकान का एरिया भी बढ़ाया गया था। वर्तमान में दवा की दुकान नंबर छह 2.34 लाख रुपये प्रतिमाह किराया दे रही है, वहीं दवा की अन्य दुकानों से प्रतिमाह 17.01 लाख किराया लिया जा रहा है। इससे प्रशासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह दुकान 28 दिसंबर 1992 को नीलामी में केवल दो साल के लिए अलॉट की गई थी, जिसकी लीज डीड का पंजीकरण 3 फरवरी 1993 को किया गया था। नियमानुसार दुकानदार को यह दुकान दो साल के बाद छोड़नी थी, लेकिन दुकान की लीज को कई बार बढ़ाया गया। इसमें कई अधिकारियों की भी मिलीभगत सामने आई है।
वहीं, आरोप है कि दुकानदार ने दुकान के अलावा सार्वजनिक रास्ते पर भी अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे 15 फरवरी 2023 को मुक्त करवाया गया। हैरत की बात यह भी है कि 2019 में संबंधित दुकान की लीज विस्तार संबंधी फाइल भी जीएमएसएच-16 से गायब है। बता दें कि प्रशासन ने पिछले दिनों भी दुकान संचालक पर कार्रवाई की थी, लेकिन दुकानदार ने इस मामले में कोर्ट से स्टे ले लिया था। अब इस मामले में चीफ विजिलेंस ऑफिसर की ओर से दिए गए आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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वहीं, आरोप है कि दुकानदार ने दुकान के अलावा सार्वजनिक रास्ते पर भी अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे 15 फरवरी 2023 को मुक्त करवाया गया। हैरत की बात यह भी है कि 2019 में संबंधित दुकान की लीज विस्तार संबंधी फाइल भी जीएमएसएच-16 से गायब है। बता दें कि प्रशासन ने पिछले दिनों भी दुकान संचालक पर कार्रवाई की थी, लेकिन दुकानदार ने इस मामले में कोर्ट से स्टे ले लिया था। अब इस मामले में चीफ विजिलेंस ऑफिसर की ओर से दिए गए आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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