चंडीगढ़ पुलिस की तत्परता: सुबह मिली शिकायत, दोपहर में बनी एसआईटी और पांच करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
ठगी के आरोपी रामलाल पर कुल सात केस दर्ज हैं। 31 अक्तूबर 2008 को मनीमाजरा थाने में लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक महिला की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में रामलाल चौधरी को अदालत ने दोषी करार दिया था।
विस्तार
पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार को सेक्टर-46 निवासी फाइनेंसर और प्रॉपर्टी डीलर रामलाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा। गुरुग्राम के आईआरईओ विक्ट्री वैली निवासी अतुल्य शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। एसएसपी कुलदीप चहल ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी की जांच के बाद चौधरी की गिरफ्तारी हुई।
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इस मामले में अतुल्य ने गुरुवार सुबह ही एसएसपी को शिकायत दी थी। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने दोपहर में एफआईआर दर्ज की। उसके बाद एसएसपी ने मामले की जांच के लिए डीएसपी दविंदर शर्मा, सेक्टर-34 के थाना प्रभारी दविंदर सिंह, सेक्टर-31 के थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों की एक एसआईटी भी गठित कर दी और उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित अतुल्य शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दिल्ली के एक आश्रम में अरविंदर सिंह के माध्यम से वह रामलाल चौधरी से मिले। रामलाल ने अतुल्य को रियल एस्टेट में पांच करोड़ रुपये का निवेश करने का सुझाव दिया। अतुल्य के पास इतने रुपये नहीं थे तो रामलाल ने अच्छा मौका बताकर जल्द निवेश करने का दबाव बनाया। इस पर अतुल्य ने मुंबई स्थित अपना फ्लैट, गहने बेचकर व कर्ज लेकर वर्ष 2015-16 में दिल्ली और चंडीगढ़ में अलग-अलग किस्तों में 5 करोड़ रुपये नगद रामलाल को दे दिए।
आरोप है कि रामलाल ने इस रकम को कहीं भी निवेश नहीं किया और जब अतुल्य ने अपने रुपये मांगे तो रामलाल आनाकानी करने लगा। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने एसएसपी को शिकायत दी। बताया कि उनके पास रामलाल की कॉल रिकॉर्डिंग, दस्तावेज और अन्य अहम सबूत हैं। एसएसपी के निर्देश पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने रामलाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले की जांच के लिए बनाई एसआईटी ने गुरुवार को ही रामलाल चौधरी को सेक्टर-34 स्थित उसके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक गाड़ी और कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। गिरफ्तारी के बाद चौधरी का सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में मेडिकल करवाया गया।
पूर्व गृह सचिव और रामलाल सहित चार लोगों पर हुआ था दुष्कर्म का केस दर्ज
यूटी पुलिस ने साल 2002 में सेक्टर- 34 थाने में रामलाल चौधरी, चंडीगढ़ के पूर्व गृह सचिव एनके जैन, बलदेव कुमार और नरवीर सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। 31 मार्च 2014 को सभी को अदालत ने बरी कर दिया था। 16 अक्तूबर 2014 को सेक्टर-49 की पंजाब एंड सिंध बैंक सोसाइटी के फ्लैट में मॉडल पुनीत संधू की गोली मारकर हत्या हुई। 20 अक्तूबर 2014 को हत्या के आरोप में सुप्रीत और अंजू को गिरफ्तार किया गया। 21 अक्तूबर 2014 को सुप्रीत और अंजू के बयानों के आधार पर रामलाल चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। 15 मार्च 2016 को अदालत ने चारों आरोपियों सुप्रीत, अंजू, रामलाल और मनप्रीत को बरी कर दिया था।
रामलाल पर चोरी, धोखाधड़ी व एनडीपीएस एक्ट समेत सात केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, रामलाल पर कुल सात केस दर्ज हैं। हालांकि कुछ में वह बरी हो चुका है। 31 अक्तूबर 2008 को मनीमाजरा थाने में लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक महिला की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में रामलाल चौधरी को अदालत ने दोषी करार दिया था। वहीं, मोहाली के सोहाना थाने में साल 2008 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2021 में दिल्ली में भी रामलाल पर कार चोरी का केस दर्ज हुआ था। पंचकूला सेक्टर-9 में एनडीपीएस एक्ट का केस दर्ज हुआ था जबकि चंडीगढ़ के सेक्टर 39 थाने में भी रामलाल पर केस दर्ज हुआ था।
रामलाल चौधरी को पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उसकी गाड़ी भी कब्जे में ली गई है। यह बहुत बड़ा रैकेट है। इस रैकेट में कई लोग शमिल हो सकते हैं। मामले में जांच की जा रही है। -कुलदीप चहल, एसएसपी