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'प्रभु' के रेल बजट पर क्या बोले पूर्व रेलमंत्री बंसल?

Fri, 27 Feb 2015 05:37 PM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 27 Feb 2015 05:37 PM IST
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feedback of former rail minister pawan bansal on rail budget

पवन कुमार बंसल, पूर्व रेल मंत्री के अनुयार, 'मुझे रेल बजट से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार श्रेय ले रही है कि किराया नहीं बढ़ाया जा रहा है यह तो गुमराह करनेवाली बात है। पारदर्शिता नहीं दिखाई गई।'

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डीजल के कीमतों में कमी के कारण रेल किराया में कमी होनी चाहिए थी। जब मोदी की सरकार बनी तो तुरंत 14 प्रतिशत किराया बढ़ा दिया था। उस समय डीजल की कीमतें बढ़ी थीं। लेकिन अब डीजल की कीमतें कम हो गई तो रेल का किराया भी कम होना चाहिए था। इसे पार्लियामेंट में पास किया गया था। छह महीनों में इसकी समीक्षा होनी थी। नौ महीने में डीजल की कीमत में काफी कमी आई है।
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नई ट्रेन चलाने की कोई घोषणा नहीं हुई। रेल मंत्री प्रभु ने कहा है कि बजट सेशन के दौरान घोषणा करेंगे। अभी इसे देखना है। कई चीजों में श्रेय लेने की कोशिश की गई है।
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प्रधानमंत्री मोदी कहते थे आसमान से चांद ला दूंगा। दूध दही की नदियां बहेंगी। लेकिन यह रेल बजट तो रूटीन लगता है। रेल बजट से मुझे काफी निराशा हुई है। उम्मीद के अनुसार बजट पेश नहीं किया।

सीसीटीवी लगे तो प्राइवेसी कहां?

feedback of former rail minister pawan bansal on rail budget

बुलेट ट्रेन के बारे में कुछ नहीं कहा, सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाई जानी चाहिए थी। नौ महीने बीत चुके हैं। सरकार ने यह नहीं बताया कि नौ महीने में रेलवे में उन्होंने क्या किया। रेलवे में खाना में सुधार की कोई बात नहीं कही गई। बेस किचन के बारे में कुछ नहीं सोचा गया।

चार महीना पहले रिजर्वेशन कर दिया गया है। यह ठीक नहीं है। चार महीना पहले यात्रा का प्लान नहीं बना सकता। ऐसे में टाउट पहले टिकट खरीदकर बेच देंगे। मैं जब रेलमंत्री था तो फीडबैक लिया था। इसके बाद दो महीना कर दिया। मेरे हिसाब से तो अब एक महीना बहुत अच्छा होता।

महिलाओं के डिब्बे में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात हो रही है। इससे महिलाओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखना चाहिए। उनकी प्राइवेसी पर कोई परेशानी न हो। इसके लिए महिला डिब्बा में महिला सुरक्षाकर्मी लगाए जाने चाहिए।

ट्रेन में बायो टायलेट की बात की गई है। यह अच्छी पहल है। इस पर सोनिया गांधी ने पहले ही जोर दिया था। इस प्रकार का तकनीक डीआरडीओ ने सियाचिन में सैनिकों के लिए बनाया गया था। नए कोच में बायो टायलेट लगेंगे यह बहुत सुंदर पहल है।

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