आप भी हो सकते हैं 'फैटी लीवर' की जद में
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पीजीआई के विशेषज्ञ डा. अजय डुसेजा ने बताया कि शरीर में फेट स्टोरेज सेल होता है। इसमें शरीर का फैट जमा होता रहता है। जब सेल में फैट ज्यादा होता है तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में जाकर जमने लगता है। इसका कुछ हिस्सा लीवर पर भी जमा होता है। उससे लीवर में सूजन आने लगती है और लीवर भी सिकुड़ने लगता है। यदि शुरुआती दौर में इसका पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। यदि पकड़ में आई है तो ठीक है वरना लीवर सिरोसिस हो जाए और उसके बाद यह बीमारी लाइलाज हो जाएगी।
फैटी लीवर के कौन-कौन से कारक हैं
यदि आप में ज्यादा तैलीय खाना खाते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो फैटी लीवर के चांस बढ़ जाते हैं। मोटापा है और डायबिटीज के हाई रिस्क पर हैं तो 90 प्रतिशत चांस हैं कि आप फैटी लीवर के करीब हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लीवर 70 प्रतिशत मोटापे से होता है। हालांकि अब इसके कुछ नए कारण भी देखने को मिले हैं।
पतले लोगों को भी हो सकता है फैटी लीवर
पीजीआई के विशेषज्ञों ने बताया कि कई पतले लोगों को भी फैटी लीवर संबंधी बीमारी है। हाल ही में इसके दो नए कारण पता चले हैं। पहला जीन और दूसरा अंतड़ियों के बैक्टिरिया भी फैटी लीवर के कारण पता चले हैं। जांच में पाया गया है कि कई मरीज ऐसे थे जिनके शरीर में कैलेस्ट्राल ज्यादा नहीं था, लेकिन फिर भी वे फैटी लीवर के मरीज थे। उसके बाद जांच की गई तो पता चला कि अंतड़ियों के बैक्टिरिया भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं।
क्या होते हैं लक्षण
पेट दर्द रहना, थकावट होना, कमजोरी आना
बच्चों में भी बढ़ रहे फैटी लीवर के केस
बच्चों में मोटापा होने के कारण उनमें भी फैटी लीवर के केस बढ़ रहे हैं। पीजीआई के डाक्टर अजय डुसेजा के मुताबिक बच्चों का वेट बढ़ रहा है। अक्सर कंप्यूटर पर चिपके रहते हैं। कोई आउटडोर गेम्स नहीं होते हैं। इससे उनके लीवर में भी फेट जमा हो रहा है। इसका समाधान सिर्फ यही है कि एक्सरसाइज करे और ज्यादा फैटी भोजन मत लें।
लीवर को डैमेज कर सकता है फैटी लीवर
अब लीवर उन लोगों के भी खराब हो रहे हैं, जो शराब नहीं पीते। ऐसे मरीज को नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिसीज कहते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस प्रकार से डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं, उससे तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि फैटी लीवर कुछ ही सालों में देश की प्रमुख बीमारियों में शुमार हो जाएगी। चंडीगढ़ में भी फैटी लीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पीजीआई के विशेषज्ञों के मुताबिक चंडीगढ़ में लोगों में डायबिटीज, शुगर लेवल और मोटापा ज्यादा होने से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चंडीगढ़ भी इसकी गिरफ्त में है। पीजीआई के डिपार्टमेंट आफ हीप्टोलॉजी विभाग के अनुसार यदि फैटी लीवर का जल्दी इलाज नहीं किया तो यह लीवर को डैमेज कर सकता है। उसके बाद यह लाइजाल बन जाएगी।